28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मणिमहेश यात्रा मार्ग पर फंसे हैदराबाद के 5 श्रद्धालु सुरक्षित रेस्क्यू, रात 11 बजे हड़सर पहुंचाया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मणिमहेश यात्रा मार्ग पर फंसे हैदराबाद के 5 श्रद्धालु सुरक्षित रेस्क्यू, रात 11 बजे हड़सर पहुंचाया

सारांश

मणिमहेश यात्रा मार्ग पर रात के घने अंधेरे और मूसलाधार बारिश के बीच फंसे हैदराबाद के 5 श्रद्धालुओं को भरमौर प्रशासन की संयुक्त 8 सदस्यीय टीम ने महज दो घंटे में सुरक्षित निकाला — यह अभियान प्रतिकूल परिस्थितियों में प्रशासनिक तत्परता की मिसाल है।

मुख्य बातें

हैदराबाद के 5 श्रद्धालु 28 जुलाई की रात मणिमहेश यात्रा मार्ग पर दुनाली और तोष के गोठ के बीच फंस गए।
भरमौर प्रशासन ने रात 9 बजे पुलिस और पर्वतारोहण दल की संयुक्त 8 सदस्यीय रेस्क्यू टीम रवाना की।
रात करीब 11 बजे सभी श्रद्धालुओं को सकुशल हड़सर पहुंचाया गया; सभी का स्वास्थ्य सामान्य है।
उप निरीक्षक अनिल वालिया और पर्वतारोहण अनुदेशक पंकज महंत की टीमों ने अभियान में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विकास शर्मा ने श्रद्धालुओं से मौसम अनुकूल होने तक यात्रा टालने की अपील की।

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा मार्ग पर 28 जुलाई की रात अचानक मौसम बिगड़ने से हैदराबाद के 5 श्रद्धालु दुनाली और तोष के गोठ के बीच फंस गए। भरमौर प्रशासन ने सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 सदस्यीय संयुक्त रेस्क्यू दल रात लगभग 9 बजे रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं को रात करीब 11 बजे सकुशल हड़सर पहुंचाया।

मुख्य घटनाक्रम

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अनुसार, श्रद्धालु दुनाली एवं तोष के गोठ के मध्य उस समय फंस गए जब मौसम अचानक खराब हो गया। घने अंधेरे, लगातार वर्षा और फिसलन भरे दुर्गम पहाड़ी मार्ग के बावजूद रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ। डीडीएमए ने पुष्टि की कि सभी 5 श्रद्धालु पूर्णतः सुरक्षित हैं और उनका स्वास्थ्य सामान्य है।

रेस्क्यू दल की भूमिका

इस अभियान में पुलिस विभाग की ओर से उप निरीक्षक अनिल वालिया एवं उनकी टीम तथा पर्वतारोहण दल के अनुदेशक पंकज महंत एवं उनकी टीम ने उल्लेखनीय साहस और तत्परता का परिचय दिया। यह संयुक्त 8 सदस्यीय टीम रात के घने अंधेरे और प्रतिकूल मौसम में पहाड़ी मार्ग पर आगे बढ़ी और दो घंटे के भीतर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लाई।

प्रशासन की अपील

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा ने रेस्क्यू दल की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वर्तमान में मौसम अत्यंत प्रतिकूल बना हुआ है, इसलिए प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी परामर्श और सुरक्षा एडवाइजरी का पालन अनिवार्य रूप से करें तथा मौसम पूर्णतः अनुकूल होने तक यात्रा प्रारंभ करने से बचें।

आम श्रद्धालुओं पर असर

मणिमहेश यात्रा प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और यह मार्ग स्वाभाविक रूप से चुनौतीपूर्ण है। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में मानसून की वजह से मौसम अस्थिर बना हुआ है। भरमौर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभाग निरंतर सतर्क हैं और यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं।

क्या होगा आगे

प्रशासन ने संकेत दिया है कि मौसम की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है और समय-समय पर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की जाती रहेगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम पूर्वानुमान और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों की जाँच अवश्य करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सवाल को भी उठाता है कि मणिमहेश जैसे दुर्गम तीर्थ मार्गों पर मानसून के दौरान श्रद्धालुओं की रियल-टाइम ट्रैकिंग और पूर्व-चेतावनी प्रणाली कितनी मजबूत है। रात 9 बजे रेस्क्यू टीम रवाना होना और 11 बजे सफलता — यह समन्वय प्रशंसनीय है, परंतु सवाल यह है कि श्रद्धालु रास्ता भटके ही क्यों। जब तक यात्रा मार्गों पर रियल-टाइम मौसम अलर्ट और अनिवार्य रजिस्ट्रेशन प्रणाली नहीं होगी, ऐसे रेस्क्यू अभियान नियमित घटना बनते रहेंगे।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिमहेश यात्रा मार्ग पर कौन से श्रद्धालु फंसे थे और उन्हें कब बचाया गया?
हैदराबाद के 5 श्रद्धालु 28 जुलाई की रात दुनाली और तोष के गोठ के बीच अचानक मौसम खराब होने से फंस गए थे। भरमौर प्रशासन की 8 सदस्यीय रेस्क्यू टीम ने रात करीब 11 बजे उन्हें सुरक्षित हड़सर पहुंचाया।
मणिमहेश यात्रा रेस्क्यू अभियान में कौन शामिल था?
रेस्क्यू अभियान में पुलिस विभाग की ओर से उप निरीक्षक अनिल वालिया और उनकी टीम तथा पर्वतारोहण दल के अनुदेशक पंकज महंत और उनकी टीम शामिल थी। यह संयुक्त 8 सदस्यीय दल रात 9 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हुआ।
क्या मणिमहेश यात्रा अभी सुरक्षित है?
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा के अनुसार, वर्तमान में मौसम अत्यंत प्रतिकूल बना हुआ है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम पूर्णतः अनुकूल होने तक यात्रा प्रारंभ न करें और प्रशासनिक एडवाइजरी का पालन करें।
मणिमहेश यात्रा मार्ग कहाँ है और यह क्यों चुनौतीपूर्ण है?
मणिमहेश यात्रा मार्ग हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में स्थित है। यह मार्ग दुर्गम पहाड़ी इलाके से होकर गुजरता है और मानसून के दौरान लगातार वर्षा, फिसलन और अचानक मौसम परिवर्तन से यह विशेष रूप से खतरनाक हो जाता है।
भरमौर प्रशासन मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करता है?
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) और भरमौर प्रशासन समय-समय पर मौसम संबंधी परामर्श और सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हैं। पुलिस और पर्वतारोहण दल की संयुक्त टीमें निरंतर सतर्क रहती हैं और आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले