मणिमहेश यात्रा मार्ग पर फंसे हैदराबाद के 5 श्रद्धालु सुरक्षित रेस्क्यू, रात 11 बजे हड़सर पहुंचाया
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा मार्ग पर 28 जुलाई की रात अचानक मौसम बिगड़ने से हैदराबाद के 5 श्रद्धालु दुनाली और तोष के गोठ के बीच फंस गए। भरमौर प्रशासन ने सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 सदस्यीय संयुक्त रेस्क्यू दल रात लगभग 9 बजे रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं को रात करीब 11 बजे सकुशल हड़सर पहुंचाया।
मुख्य घटनाक्रम
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अनुसार, श्रद्धालु दुनाली एवं तोष के गोठ के मध्य उस समय फंस गए जब मौसम अचानक खराब हो गया। घने अंधेरे, लगातार वर्षा और फिसलन भरे दुर्गम पहाड़ी मार्ग के बावजूद रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ। डीडीएमए ने पुष्टि की कि सभी 5 श्रद्धालु पूर्णतः सुरक्षित हैं और उनका स्वास्थ्य सामान्य है।
रेस्क्यू दल की भूमिका
इस अभियान में पुलिस विभाग की ओर से उप निरीक्षक अनिल वालिया एवं उनकी टीम तथा पर्वतारोहण दल के अनुदेशक पंकज महंत एवं उनकी टीम ने उल्लेखनीय साहस और तत्परता का परिचय दिया। यह संयुक्त 8 सदस्यीय टीम रात के घने अंधेरे और प्रतिकूल मौसम में पहाड़ी मार्ग पर आगे बढ़ी और दो घंटे के भीतर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लाई।
प्रशासन की अपील
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर विकास शर्मा ने रेस्क्यू दल की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वर्तमान में मौसम अत्यंत प्रतिकूल बना हुआ है, इसलिए प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी परामर्श और सुरक्षा एडवाइजरी का पालन अनिवार्य रूप से करें तथा मौसम पूर्णतः अनुकूल होने तक यात्रा प्रारंभ करने से बचें।
आम श्रद्धालुओं पर असर
मणिमहेश यात्रा प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और यह मार्ग स्वाभाविक रूप से चुनौतीपूर्ण है। यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में मानसून की वजह से मौसम अस्थिर बना हुआ है। भरमौर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विभाग निरंतर सतर्क हैं और यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए तत्पर हैं।
क्या होगा आगे
प्रशासन ने संकेत दिया है कि मौसम की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है और समय-समय पर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की जाती रहेगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम पूर्वानुमान और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों की जाँच अवश्य करें।