मणिपुर सरकार ने NRC अपडेट आंदोलन वापस लेने की अपील की, CJFD से दफ्तर बंदी रोकने का आग्रह
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर सरकार ने 13 सितंबर 2026 को सिविल सोसाइटी संगठनों (CSO) से आग्रह किया कि वे नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) को अपडेट करने की माँग को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन वापस लें, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार के दफ्तरों को बंद करना भी शामिल है। सरकारी प्रवक्ताओं ने कहा कि इस आंदोलन से आम नागरिकों को गंभीर असुविधा हो रही है और इसे तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह और सपम रंजन सिंह ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह अपील की। उन्होंने कहा कि 'कैंपेन फॉर जस्टिस एंड फेयर डेलिमिटेशन' (CJFD) के आह्वान पर सरकारी दफ्तर बंद होने से आम जनता की रोज़मर्रा की ज़रूरतें प्रभावित हो रही हैं।
राधेश्याम सिंह ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार CJFD की माँग से पूरी तरह अवगत है और खुद भी चाहती है कि 2027 की जनगणना से पहले NRC का काम पूरा हो। उन्होंने कहा कि आंदोलन तेज करने से कई 'अवांछित घटनाएँ' हो सकती हैं।
विधानसभा और केंद्र सरकार तक पहुँचाया मामला
राधेश्याम सिंह ने बताया कि मणिपुर विधानसभा के हालिया सत्र में 2027 की जनगणना से पहले NRC अपडेट करने का प्रस्ताव फिर से दोहराया गया। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस विषय में केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है।
गौरतलब है कि विधानसभा सत्र के अंतिम दिन सदन में NRC के लिए 1951 को आधार वर्ष (बेस ईयर) मानने पर चर्चा हुई और यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय तक पहुँचाया जा चुका है। प्रवक्ताओं ने यह भी बताया कि इस पहल के परिणामस्वरूप केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनगणना की प्रक्रिया को फिलहाल टाल दिया है।
सरकार की प्रतिक्रिया और दिल्ली में लॉबिंग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह और कुछ अन्य विधायक पिछले कुछ दिनों से नई दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, ताकि NRC 1951 को अपडेट करने के मामले में केंद्र पर दबाव बनाया जा सके। राधेश्याम सिंह ने यह भी बताया कि नई दिल्ली में मणिपुर विधायकों के अभियान के बाद मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नेताओं को राज्य की जनभावना से अवगत कराया।
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर पहले से ही जातीय तनाव और सामाजिक अशांति के दौर से गुज़र रहा है। ऐसे में NRC अपडेट की माँग को लेकर लंबे समय से जारी आंदोलन राज्य में सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर रहा है।
आम जनता पर असर
सरकारी दफ्तरों की बंदी से सरकारी सेवाओं, दस्तावेज़ीकरण और अन्य आवश्यक कार्यों में व्यवधान आ रहा है। प्रवक्ताओं ने जनता के सभी वर्गों से अपील की कि वे 'मणिपुर में शांति को मौका दें' और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सरकार के प्रयासों का समर्थन करें।
राधेश्याम सिंह ने CJFD से आग्रह किया कि वे इस तरह की गतिविधियाँ लंबे समय तक न चलाएँ, क्योंकि दीर्घकालिक आंदोलन से राज्य के कामकाज और लोगों की परेशानी दोनों बढ़ेंगे।
क्या होगा आगे
सरकार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार राज्य की जनभावना के अनुरूप NRC अपडेट के संदर्भ में जल्द निर्णय लेगी। गृह मंत्री और विधायकों की दिल्ली में जारी लॉबिंग के नतीजे आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे — और यही तय करेगा कि CJFD का आंदोलन जारी रहेगा या समाप्त होगा।