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मणिपुर: एनआरसी मांग पर प्रदर्शन, इंफाल घाटी के 4 जिलों में जनगणना 2027 प्रशिक्षण स्थगित

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मणिपुर: एनआरसी मांग पर प्रदर्शन, इंफाल घाटी के 4 जिलों में जनगणना 2027 प्रशिक्षण स्थगित

सारांश

एनआरसी अपडेट की मांग को लेकर इंफाल घाटी में जेएफडी के 48 घंटे के बंद ने जनगणना 2027 की तैयारियों को झटका दिया — चार जिलों में प्रशिक्षण रुका, स्कूल-कॉलेज तीन दिन बंद, और विधायकों का दल दिल्ली रवाना होने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

जिरीबाम, इंफाल पश्चिम, थौबल और काकचिंग जिलों में जनगणना 2027 का गणनाकर्ता प्रशिक्षण 20 अगस्त को तत्काल प्रभाव से स्थगित या रद्द किया गया।
न्यायसंगत और निष्पक्ष परिसीमन अभियान (जेएफडी) के 48 घंटे के बंद से मंगलवार-बुधवार को इंफाल घाटी में जनजीवन बाधित रहा।
जनगणना 2027 का मुख्य घर सूचीकरण अभियान 1 से 30 सितंबर के बीच होना है; स्व-गणना 17 अगस्त से शुरू हो चुकी है।
मणिपुर के राज्यपाल ने राज्य के सभी शिक्षण संस्थान 20 से 22 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया।
मणिपुर सरकार एनआरसी अपडेट की मांग का समर्थन कर चुकी है; विधायकों का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र नई दिल्ली दौरे पर जाएगा।
पर्वतीय जिलों में जनगणना प्रशिक्षण सामान्य रूप से जारी है।

मणिपुर के इंफाल घाटी क्षेत्र के कम-से-कम चार जिलों में जनगणना 2027 के तहत गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 अगस्त 2026 को तत्काल प्रभाव से स्थगित या रद्द कर दिया गया, क्योंकि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) अपडेट की मांग को लेकर राज्य में व्यापक प्रदर्शन जारी हैं। मणिपुर गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की।

कौन-से जिले प्रभावित हुए

जिरीबाम, इंफाल पश्चिम, थौबल और काकचिंग जिलों के जिला अधिकारियों ने जनगणना प्रशिक्षण को तत्काल प्रभाव से रोक दिया। गृह विभाग के अधिकारी के अनुसार, यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार से शुरू होना था और संबंधित उपायुक्तों के नेतृत्व में आयोजित किया जाना था, जो अपने-अपने जिलों के प्रधान जनगणना अधिकारी भी हैं। हालाँकि, राज्य के पर्वतीय क्षेत्र के विभिन्न जिलों में इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले ही शुरू हो चुके हैं।

जनगणना की समयसीमा पर असर

जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना की प्रक्रिया 17 अगस्त से पहले ही शुरू हो चुकी है। मुख्य घर सूचीकरण अभियान गणनाकर्ताओं द्वारा 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच चलाया जाना है। प्रशिक्षण में देरी इस समयसीमा पर दबाव बढ़ा सकती है, क्योंकि गणनाकर्ता बिना प्रशिक्षण के मैदान में नहीं उतर सकते।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

न्यायसंगत और निष्पक्ष परिसीमन अभियान (जेएफडी) ने सोमवार आधी रात से मुख्यतः इंफाल घाटी क्षेत्र में अपना आंदोलन शुरू किया। इस संगठन की मांग है कि जनगणना 2027 से पहले मणिपुर में एनआरसी को अपडेट किया जाए। 48 घंटे के बंद के कारण मंगलवार और बुधवार को इंफाल घाटी में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। जेएफडी ने गुरुवार से सभी सरकारी कार्यालयों के बहिष्कार की भी घोषणा की है। विभिन्न छात्र-युवा संगठन, महिला संगठन और नागरिक समाज समूह इस बंद का समर्थन कर रहे हैं।

सुरक्षा और शिक्षा पर असर

अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ इंफाल घाटी के बड़े हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इंफाल घाटी में इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर, काकचिंग और जिरीबाम — कुल छह जिले शामिल हैं। मणिपुर के राज्यपाल ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य के सभी विद्यालयों, कॉलेजों और उच्च शिक्षा संस्थानों को 20 अगस्त (गुरुवार) से 22 अगस्त (शनिवार) तक बंद रखने का आदेश दिया है — चाहे वे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई या किसी अन्य संस्था से संबद्ध हों।

सरकार का रुख और आगे की राह

मणिपुर सरकार पहले ही एनआरसी अपडेट की मांग का समर्थन कर चुकी है और इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष लगातार उठा रही है। राज्य के विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही नई दिल्ली का दौरा करने वाला है, ताकि केंद्र से मार्गदर्शन प्राप्त कर मणिपुर में एनआरसी अपडेट की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया जा सके। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राज्य पहले से ही जातीय तनाव और प्रशासनिक चुनौतियों से जूझ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जनगणना 2027 की समयसीमा ने इसे एक नई राजनीतिक तात्कालिकता दे दी है — प्रदर्शनकारी जानते हैं कि एक बार जनगणना हो गई, तो परिसीमन और एनआरसी की बहस नए आँकड़ों पर टिक जाएगी। सरकार का एनआरसी समर्थन और विधायकों का दिल्ली दौरा संकेत देते हैं कि राज्य केंद्र पर दबाव बनाने की कोशिश में है, पर केंद्र की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं आया। सवाल यह है कि क्या प्रशिक्षण की यह देरी सितंबर की जनगणना समयसीमा को पटरी से उतार सकती है — और यदि ऐसा हुआ, तो ज़िम्मेदारी किसकी होगी।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में जनगणना 2027 का प्रशिक्षण क्यों रोका गया?
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) अपडेट की मांग को लेकर इंफाल घाटी में जारी प्रदर्शनों और 48 घंटे के बंद के कारण जिरीबाम, इंफाल पश्चिम, थौबल और काकचिंग जिलों में गणनाकर्ताओं का प्रशिक्षण 20 अगस्त को स्थगित या रद्द कर दिया गया। मणिपुर गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
जनगणना 2027 का मुख्य सर्वेक्षण कब होगा?
जनगणना 2027 का मुख्य घर सूचीकरण और आवास जनगणना अभियान 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच गणनाकर्ताओं द्वारा चलाया जाएगा। स्व-गणना की प्रक्रिया 17 अगस्त से पहले ही शुरू हो चुकी है।
जेएफडी कौन है और इसकी मांग क्या है?
न्यायसंगत और निष्पक्ष परिसीमन अभियान (जेएफडी) मणिपुर का एक नागरिक संगठन है जो मुख्यतः इंफाल घाटी में सक्रिय है। इसकी मांग है कि जनगणना 2027 से पहले मणिपुर में एनआरसी अपडेट किया जाए, ताकि परिसीमन प्रक्रिया सटीक और न्यायसंगत हो।
मणिपुर में स्कूल-कॉलेज कब तक बंद रहेंगे?
मणिपुर के राज्यपाल ने राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों, कॉलेजों और उच्च शिक्षा संस्थानों को 20 अगस्त (गुरुवार) से 22 अगस्त (शनिवार) तक बंद रखने का आदेश दिया है। यह निर्णय मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लिया गया है।
मणिपुर सरकार एनआरसी मुद्दे पर क्या कर रही है?
मणिपुर सरकार एनआरसी अपडेट की मांग का समर्थन कर चुकी है और इसे केंद्र सरकार के समक्ष लगातार उठा रही है। राज्य के विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र नई दिल्ली का दौरा करने वाला है, ताकि केंद्र से मार्गदर्शन प्राप्त कर एनआरसी अपडेट की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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