31 अगस्त 2026
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मणिपुर हाई कोर्ट ने जनगणना 2027 का घर-घर सूचीकरण रोका, 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई

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मणिपुर हाई कोर्ट ने जनगणना 2027 का घर-घर सूचीकरण रोका, 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई

सारांश

मणिपुर हाई कोर्ट ने जनगणना 2027 के घर-घर सूचीकरण पर रोक लगा दी है। केंद्र और राज्य सरकारों ने 1 सितंबर से काम न शुरू करने का वचन दिया। जातीय तनाव और NRC की पृष्ठभूमि में यह फैसला अहम है। अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी।

मुख्य बातें

मणिपुर हाई कोर्ट ने 31 अगस्त 2026 को जनगणना 2027 के घर-घर सूचीकरण पर रोक लगाई।
केंद्र सरकार ने 7 जनवरी 2026 की अधिसूचना में संशोधन कर नई अधिसूचना जारी करने का वचन दिया।
मणिपुर राज्य सरकार ने 22 मार्च 2026 की अधिसूचना को केंद्र की औपचारिक अधिसूचना तक स्थगित रखने का आश्वासन दिया।
याचिका कांगलेइपाक छात्र संघ (KSA) और IPSA ने दायर की; NRC प्रस्तावों का भी हवाला दिया गया।
अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे विशेष पीठ के समक्ष निर्धारित।

मणिपुर हाई कोर्ट ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को केंद्र और राज्य सरकारों से जनगणना 2027 के तहत 1 सितंबर से प्रस्तावित घर-घर सूचीकरण कार्य को स्थगित करने का औपचारिक वचन प्राप्त किया। यह आदेश कांगलेइपाक छात्र संघ (KSA) और अंतर्राष्ट्रीय शांति और सामाजिक उन्नति (IPSA) द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया।

न्यायालय में क्या हुआ

मुख्य न्यायाधीश एम. सुंदर और न्यायमूर्ति ए. गुनेश्वर शर्मा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई। केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित भारत के उप सॉलिसिटर जनरल ने न्यायालय को बताया कि रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के निर्देशों पर चर्चा के बाद मणिपुर में घर-घर सूचीकरण कार्य स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, केंद्र सरकार 7 जनवरी 2026 की अपनी पूर्व अधिसूचना में उचित संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी करेगी।

न्यायालय ने इस निवेदन को रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के औपचारिक वचन के रूप में अभिलेख पर दर्ज किया।

राज्य सरकार का रुख

केंद्र के निर्णय के बाद मणिपुर के एडवोकेट जनरल ने न्यायालय को सूचित किया कि राज्य सरकार 1 सितंबर से घर-घर सूचीकरण कार्य आरंभ नहीं करेगी। 22 मार्च 2026 की राज्य सरकार की अधिसूचना तब तक स्थगित रहेगी, जब तक केंद्र सरकार राज्य में कार्य को औपचारिक रूप से स्थगित करने की अधिसूचना जारी नहीं कर देती। न्यायालय ने इस वचन को भी अभिलेख पर दर्ज किया।

याचिकाकर्ताओं की मुख्य माँगें

याचिकाकर्ताओं ने मणिपुर की मौजूदा स्थिति और जनगणना प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का हवाला देते हुए सूचीकरण स्थगित करने की माँग की थी। उन्होंने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के क्रियान्वयन और प्रवर्तन से संबंधित मणिपुर विधानसभा के 5 अगस्त 2022 को पारित और 1 मार्च 2024 को दोहराए गए प्रस्तावों की ओर भी न्यायालय का ध्यान आकर्षित किया।

गौरतलब है कि मणिपुर में जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि में जनगणना और NRC को लेकर संवेदनशीलता बढ़ी हुई है, जिसके कारण इन याचिकाओं को विशेष महत्व मिला।

पूर्व की कार्यवाही

न्यायालय ने इससे पहले प्रतिवादियों — केंद्र और राज्य सरकार — को याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट और विशिष्ट रुख रखने का निर्देश दिया था। केंद्र सरकार ने शुरुआत में संकेत दिया था कि स्थगन का निर्णय राज्य स्तर पर लिया जा सकता है, जबकि राज्य सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए अतिरिक्त समय माँगा था।

आगे क्या होगा

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि 1 सितंबर से प्रस्तावित मकानों की सूची बनाने की प्रक्रिया 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे हाई कोर्ट की विशेष पीठ के समक्ष अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगी। इस बीच, सभी संबंधित पक्षों को अपनी दलीलें पूरी करने का निर्देश दिया गया है। अब यह देखना होगा कि केंद्र सरकार संशोधित अधिसूचना कब तक जारी करती है और अगली सुनवाई में न्यायालय क्या दिशा तय करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नागरिकता और अधिकारों की बहस से जुड़े हैं। केंद्र सरकार का यह कहना कि स्थगन राज्य स्तर पर तय हो, और फिर खुद ही स्थगन की अधिसूचना देने का वचन देना — यह नीतिगत असंगति उजागर करता है। असली सवाल यह है कि 12 अक्टूबर की सुनवाई तक क्या कोई ठोस कानूनी और प्रशासनिक ढाँचा तैयार होगा, या यह मामला अनिश्चितकाल के लिए टलता रहेगा।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर हाई कोर्ट ने जनगणना 2027 का सूचीकरण क्यों रोका?
मणिपुर हाई कोर्ट ने कांगलेइपाक छात्र संघ (KSA) और IPSA द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों से घर-घर सूचीकरण स्थगित करने का वचन प्राप्त किया। याचिकाकर्ताओं ने मणिपुर की मौजूदा स्थिति और NRC से जुड़े विधानसभा प्रस्तावों का हवाला देते हुए यह माँग की थी।
घर-घर सूचीकरण कब तक स्थगित रहेगा?
न्यायालय के आदेश के अनुसार यह प्रक्रिया 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे होने वाली अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगी। केंद्र सरकार इस बीच औपचारिक संशोधित अधिसूचना जारी करेगी।
केंद्र सरकार ने इस मामले में क्या वचन दिया है?
केंद्र सरकार के उप सॉलिसिटर जनरल ने न्यायालय को बताया कि रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के निर्देशों पर मणिपुर में सूचीकरण स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। केंद्र 7 जनवरी 2026 की अधिसूचना में संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी करेगा।
NRC और मणिपुर विधानसभा के प्रस्तावों का इस मामले से क्या संबंध है?
याचिकाकर्ताओं ने मणिपुर विधानसभा के 5 अगस्त 2022 को पारित और 1 मार्च 2024 को दोहराए गए NRC से संबंधित प्रस्तावों की ओर न्यायालय का ध्यान दिलाया। इन प्रस्तावों में NRC के क्रियान्वयन और प्रवर्तन की माँग की गई थी, जो जनगणना प्रक्रिया को राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनाती है।
इस मामले की अगली सुनवाई कब और कहाँ होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे मणिपुर हाई कोर्ट की विशेष पीठ के समक्ष होगी। तब तक सभी संबंधित पक्षों को अपनी दलीलें पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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