19 अगस्त 2026
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मणिपुर NRC मांग: इंफाल घाटी में 48 घंटे के शटडाउन का दूसरा दिन, 6 जिलों में जनजीवन ठप

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मणिपुर NRC मांग: इंफाल घाटी में 48 घंटे के शटडाउन का दूसरा दिन, 6 जिलों में जनजीवन ठप

सारांश

जनगणना-2027 से पहले NRC अपडेट की माँग को लेकर इंफाल घाटी के 6 जिलों में 48 घंटे का शटडाउन दूसरे दिन भी जारी रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस का इस्तेमाल किया। पूर्व CM बीरेन सिंह की अमित शाह से मुलाकात के बाद केंद्र के सकारात्मक रुख के संकेत मिले हैं।

मुख्य बातें

'कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन' द्वारा बुलाए गए 48 घंटे के शटडाउन का बुधवार, 19 अगस्त को दूसरा दिन रहा।
इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, बिष्णुपुर, काकचिंग और जिरीबाम — घाटी के 6 जिलों में दुकानें, स्कूल, सरकारी दफ्तर और परिवहन ठप रहे।
प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने इंफाल में आँसू गैस के गोले छोड़े।
मणिपुर विधानसभा ने 5 अगस्त 2022 और 1 मार्च 2024 को NRC लागू करने के प्रस्ताव पारित किए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री एन.
बीरेन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद केंद्र के सकारात्मक रुख का संकेत दिया।
जनगणना-2027 के तहत 17 अगस्त से 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' शुरू; मुख्य हाउस-लिस्टिंग 1–30 सितंबर को होनी है।

इंफाल घाटी में बुधवार, 19 अगस्त को लगातार दूसरे दिन भी जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा, जब 'कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन' (JFD) द्वारा आहूत 48 घंटे के राज्यव्यापी शटडाउन ने घाटी के छह जिलों को अपनी चपेट में ले लिया। यह हड़ताल जनगणना-2027 से पहले मणिपुर में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) को अपडेट करने की माँग को लेकर सोमवार आधी रात से शुरू हुई और बुधवार आधी रात तक जारी रही।

मुख्य घटनाक्रम

शटडाउन के दूसरे दिन इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, बिष्णुपुर, काकचिंग और जिरीबाम — इन छह घाटी जिलों में दुकानें, बाज़ार, शिक्षण संस्थान, सरकारी दफ्तर और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ पूरी तरह ठप रहीं और सड़कें सुनसान नज़र आईं।

इंफाल ईस्ट और इंफाल वेस्ट के कई हिस्सों में JFD कार्यकर्ताओं ने टायर जलाए और बाँस के खंभों व पत्थरों से सड़कें अवरुद्ध कर दीं। प्रदर्शनकारियों ने 'नो NRC, नो सेंसस' के नारे वाले पोस्टर लगाए और विरोध मार्च निकाला।

उल्लेखनीय है कि इस राज्यव्यापी शटडाउन का चूड़ाचांदपुर और कांगपोकपी जैसे पहाड़ी जिलों पर कोई असर नहीं पड़ा और वहाँ जनजीवन सामान्य रहा।

पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन

NRC की माँग कर रहे छात्रों ने इंफाल स्थित जनगणना संचालन निदेशालय के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इस शटडाउन को कई छात्र एवं युवा संगठनों, महिला समूहों और सिविल सोसाइटी संगठनों का समर्थन प्राप्त है।

यह ऐसे समय में आया है जब जनगणना-2027 की प्रक्रिया के तहत 17 अगस्त से 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' पहले ही शुरू हो चुकी है। मुख्य 'हाउस-लिस्टिंग' कार्य 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच जनगणना कर्मियों द्वारा किया जाना निर्धारित है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मणिपुर सरकार के प्रवक्ता नित्याइपत चुथेख और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सपम रंजन सिंह ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि राज्य सरकार NRC और जनगणना से जुड़े मुद्दों पर गंभीर है और लोगों की चिंताओं को दूर करने में उनके साथ खड़ी है।

पूर्व मंत्री सपम रंजन सिंह ने याद दिलाया कि मणिपुर विधानसभा ने 5 अगस्त 2022 को एक प्रस्ताव पारित कर राज्य में NRC लागू करने का आग्रह किया था और 1 मार्च 2024 को इस प्रस्ताव को पुनः मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि विधायकों की एक टीम शीघ्र ही नई दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से मार्गदर्शन लेने और मणिपुर में NRC अपडेट की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह करने वाली है।

सिंह ने ज़ोर देकर कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक दल, समुदाय या अन्य मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक रूप से हल किया जाना चाहिए, क्योंकि यह राज्य और वहाँ के लोगों के भविष्य से सीधे जुड़ा है।

केंद्र का संकेत

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इंफाल लौटने पर उन्होंने कहा कि केंद्र मणिपुर में NRC को अपडेट करने पर सकारात्मक कदम उठाएगा — हालाँकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

आगे क्या

शटडाउन के बुधवार आधी रात को समाप्त होने के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन NRC अपडेट पर केंद्र की ओर से ठोस कार्रवाई न होने तक आंदोलन जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विधायकों की दिल्ली यात्रा और केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ आगामी बातचीत इस मुद्दे की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी केंद्र की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह शटडाउन उसी निराशा की परिणति है। विरोधाभास यह है कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों की माँग से सहमत है, फिर भी पुलिस प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस छोड़ रही है। जनगणना-2027 की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, और NRC अपडेट पर केंद्र की चुप्पी इस तनाव को और गहरा कर सकती है — खासकर तब जब हाउस-लिस्टिंग सितंबर में होनी है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर में NRC अपडेट की माँग को लेकर शटडाउन क्यों बुलाया गया?
'कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन' ने जनगणना-2027 से पहले मणिपुर में NRC अपडेट करने की माँग को लेकर 48 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल बुलाई। संगठन का तर्क है कि NRC अपडेट के बिना जनगणना कराना अनुचित होगा।
शटडाउन से मणिपुर के किन जिलों पर असर पड़ा?
शटडाउन का असर इंफाल घाटी के 6 जिलों — इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, थौबल, बिष्णुपुर, काकचिंग और जिरीबाम — में देखा गया। चूड़ाचांदपुर और कांगपोकपी जैसे पहाड़ी जिले इससे अप्रभावित रहे।
मणिपुर सरकार का NRC माँग पर क्या रुख है?
मणिपुर सरकार ने कहा है कि वह NRC अपडेट की माँग का समर्थन करती है और केंद्र के साथ इस मुद्दे को लगातार उठा रही है। विधानसभा 5 अगस्त 2022 और 1 मार्च 2024 को इस आशय के प्रस्ताव पारित कर चुकी है।
केंद्र सरकार ने मणिपुर NRC पर क्या संकेत दिया है?
पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि केंद्र मणिपुर में NRC अपडेट पर सकारात्मक कदम उठाएगा। हालाँकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है।
जनगणना-2027 की प्रक्रिया मणिपुर में कहाँ तक पहुँची है?
जनगणना-2027 के तहत 17 अगस्त से 'सेल्फ-एन्यूमरेशन' शुरू हो चुकी है। मुख्य हाउस-लिस्टिंग कार्य 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच जनगणना कर्मियों द्वारा किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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