17 अगस्त 2026
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मणिपुर विधानसभा का 8वां सत्र 2 सितंबर से: हिंसा, विस्थापन और राहत पर होगी निर्णायक बहस

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मणिपुर विधानसभा का 8वां सत्र 2 सितंबर से: हिंसा, विस्थापन और राहत पर होगी निर्णायक बहस

सारांश

डेढ़ साल की जातीय हिंसा और हजारों विस्थापितों के बीच मणिपुर विधानसभा का 8वां सत्र 2 सितंबर से शुरू होगा। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला के आदेश पर बुलाया गया यह सत्र सरकार की जवाबदेही और शांति प्रक्रिया की असली परीक्षा होगा।

मुख्य बातें

राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 14 अगस्त 2026 को 12वीं मणिपुर विधानसभा का 8वां सत्र 2 सितंबर 2026 से बुलाने का आदेश जारी किया।
सत्र इंफाल स्थित विधानसभा हॉल में सुबह 11 बजे शुरू होगा।
राज्य में डेढ़ साल से जारी जातीय हिंसा, विस्थापितों की स्थिति और केंद्रीय आर्थिक सहायता पर चर्चा संभावित।
सत्र के दौरान नए विधेयक पेश होने और विभागीय अनुदान मांगों पर बहस की उम्मीद।
अधिसूचना पर विधानसभा सचिव रोहित सपम के हस्ताक्षर; आदेश संख्या 3/1(4)/2022-एलए के तहत जारी।

राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 14 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर 12वीं मणिपुर विधानसभा का 8वां सत्र 2 सितंबर 2026 से बुलाया है। यह सत्र इंफाल स्थित विधानसभा हॉल में सुबह 11 बजे से शुरू होगा। राज्य में डेढ़ साल से जारी जातीय हिंसा और विस्थापन संकट की पृष्ठभूमि में यह सत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सत्र बुलाने की आधिकारिक अधिसूचना

विधानसभा सचिवालय द्वारा सोमवार को जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश दिया। अधिसूचना पर विधानसभा सचिव रोहित सपम के हस्ताक्षर हैं। आदेश संख्या 3/1(4)/2022-एलए के अंतर्गत यह अधिसूचना लोक भवन, इंफाल से जारी की गई है।

अधिसूचना में राज्यपाल के शब्दों में कहा गया है: 'मैं, अजय कुमार भल्ला, मणिपुर का राज्यपाल, एतद्द्वारा 12वीं मणिपुर विधानसभा के आठवें सत्र को 2 सितंबर को सुबह 11.00 बजे विधानसभा हॉल, इम्फाल में बैठक के लिए बुलाता हूं।'

मुख्य मुद्दे जो सदन में उठ सकते हैं

विधानसभा सूत्रों के अनुसार, इस सत्र में कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इनमें प्रमुख हैं — राज्य में पिछले डेढ़ साल से जारी जातीय हिंसा की स्थिति, राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित परिवारों की दुर्दशा, कानून-व्यवस्था की समीक्षा और केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग। गौरतलब है कि इससे पहले के मानसून सत्र और विशेष सत्रों में भी इन्हीं मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है।

विपक्ष और सत्ता पक्ष की रणनीति

विपक्ष के सरकार से शांति प्रक्रिया और सामान्य जनजीवन बहाल करने को लेकर तीखे सवाल पूछने की संभावना है। वहीं सत्ता पक्ष विकास कार्यों की प्रगति और राहत उपायों का ब्यौरा सदन के सामने रखेगा। केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य में लागू करने की प्रगति रिपोर्ट भी पेश किए जाने की उम्मीद है।

विधेयक और वित्तीय कार्यवाही

सूत्रों के मुताबिक सत्र के दौरान कई नए विधेयक भी पेश किए जा सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा और वित्तीय मामलों को भी सदन में रखा जाएगा। यह सत्र राज्य सरकार के लिए विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने का अवसर भी होगा।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और राहत शिविरों में हजारों विस्थापित परिवार अभी भी अपने घर लौटने की प्रतीक्षा में हैं। 2 सितंबर से शुरू होने वाला यह सत्र राज्य की दिशा और सरकार की जवाबदेही की कसौटी बनेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि पिछले सत्रों में की गई घोषणाओं का क्या हुआ। विपक्ष के पास तथ्य हैं, सत्ता पक्ष के पास संख्या — लेकिन विस्थापितों के पास अभी भी घर नहीं। इस सत्र की सार्थकता इसी एक कसौटी पर तय होगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वीं मणिपुर विधानसभा का 8वां सत्र कब और कहाँ होगा?
यह सत्र 2 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे इंफाल स्थित विधानसभा हॉल में शुरू होगा। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 14 अगस्त 2026 को संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत यह आदेश जारी किया।
इस सत्र में किन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है?
सत्र में मणिपुर में डेढ़ साल से जारी जातीय हिंसा, राहत शिविरों में रह रहे विस्थापितों की स्थिति, कानून-व्यवस्था और केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता जैसे मुद्दे उठने की संभावना है। नए विधेयक और विभागीय अनुदान मांगें भी सदन में रखी जा सकती हैं।
सत्र बुलाने का संवैधानिक आधार क्या है?
राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के खंड (1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह सत्र बुलाया है। अधिसूचना आदेश संख्या 3/1(4)/2022-एलए के अंतर्गत लोक भवन, इंफाल से जारी की गई है।
विपक्ष इस सत्र में क्या रुख अपना सकता है?
विपक्ष के सरकार से शांति प्रक्रिया और सामान्य जनजीवन बहाल करने को लेकर सवाल पूछने की संभावना है। पिछले सत्रों में की गई घोषणाओं की प्रगति और राहत कार्यों की जवाबदेही भी विपक्ष के एजेंडे में हो सकती है।
मणिपुर में हिंसा की स्थिति कितने समय से जारी है?
मणिपुर में जातीय हिंसा पिछले डेढ़ साल से जारी है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी राहत शिविरों में विस्थापित जीवन जी रहे हैं। इससे पहले के मानसून सत्र और विशेष सत्रों में भी इस संकट पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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