11 अगस्त 2026
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मणिपुर हिंसा: एनआईए ने 7 जिलों में छापे मारकर 10 आरोपी दबोचे, हथियार लूट-बैंक डकैती के आरोप

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मणिपुर हिंसा: एनआईए ने 7 जिलों में छापे मारकर 10 आरोपी दबोचे, हथियार लूट-बैंक डकैती के आरोप

सारांश

एनआईए ने मणिपुर की जातीय हिंसा में 10 आरोपियों को दबोचा — 7 जिलों में एक साथ छापे, सुरक्षा बलों पर हमले से लेकर बैंक डकैती तक के आरोप। डीजीपी का दावा: लूटे गए 70% हथियार बरामद, बाकी की तलाश जारी।

मुख्य बातें

एनआईए ने 19 जून को मणिपुर हिंसा मामलों में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
यह अभियान मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ संयुक्त रूप से 7 जिलों में चलाया गया।
आरोपियों पर सुरक्षा बलों पर हमले, हथियार लूट और बैंक डकैती में संलिप्तता के आरोप।
डीजीपी मुकेश सिंह के अनुसार, जातीय हिंसा में लूटे गए हथियारों का लगभग 70% बरामद।
एनआईए उग्रवादी संगठनों और आरोपियों के बीच संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार, 19 जून को मणिपुर में जातीय हिंसा से जुड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह संयुक्त अभियान मणिपुर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ मिलकर चलाया गया। एनआईए के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी राज्य में हुई कई हिंसक घटनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

एनआईए ने इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, उखरूल, चंदेल और फेरजावल — कुल 7 जिलों में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया गया।

एजेंसी के अनुसार, आरोपियों पर सुरक्षा बलों पर हमले, हथियारों और गोला-बारूद की लूट तथा बैंक डकैती जैसी गंभीर वारदातों में संलिप्तता के आरोप हैं। यह अभियान विस्तृत खुफिया सूचना, तकनीकी विश्लेषण और जमीनी जांच के संयोजन पर आधारित बताया गया है।

एनआईए की जांच का दायरा

जांच एजेंसी का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से हिंसा की योजना, उसके क्रियान्वयन और उसे समर्थन देने वाले नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिल सकते हैं। एनआईए विभिन्न हिंसक घटनाओं, आरोपियों और उग्रवादी संगठनों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।

एजेंसी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी एक समुदाय को लक्षित नहीं है — जांच का दायरा उन सभी पर लागू होगा जो आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे, चाहे वे किसी भी पृष्ठभूमि से हों।

हथियार बरामदगी पर डीजीपी का बयान

इस बीच, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने बताया कि जातीय हिंसा के दौरान लूटे गए हथियारों में से लगभग 70 प्रतिशत अब तक बरामद कर लिए गए हैं। शेष हथियारों और गोला-बारूद की तलाश के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

डीजीपी ने चेतावनी दी कि जो लोग अभी भी गैर-कानूनी तरीके से हथियार रखे हुए हैं, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हर हाल में गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों या सुरक्षा बलों पर हमले की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आगे क्या होगा

एनआईए ने पुष्टि की है कि मणिपुर हिंसा से जुड़े विभिन्न मामलों में जांच अभी जारी है और आगे भी आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं — यह अभियान उसी सिलसिले में चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें सैकड़ों जानें गई हैं। असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ उन शीर्ष योजनाकारों तक पहुँचेंगी जो अब तक कानून की पकड़ से बाहर रहे हैं, या केवल निचले स्तर के कार्यकर्ताओं तक सिमट जाएंगी। डीजीपी का '70% हथियार बरामद' का दावा उत्साहजनक है, लेकिन शेष 30% गैर-कानूनी हथियारों का प्रचलन में बने रहना राज्य में स्थायी शांति की राह में सबसे बड़ी बाधा है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने मणिपुर में किन मामलों में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया?
एनआईए ने मणिपुर में जातीय हिंसा से जुड़े मामलों में 19 जून को 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन पर सुरक्षा बलों पर हमले, हथियारों और गोला-बारूद की लूट तथा बैंक डकैती में संलिप्तता के आरोप हैं।
मणिपुर में एनआईए का यह अभियान किन जिलों में चलाया गया?
यह संयुक्त अभियान इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, उखरूल, चंदेल और फेरजावल — कुल 7 जिलों में एक साथ चलाया गया। इसमें मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ भी शामिल थे।
मणिपुर हिंसा में लूटे गए हथियारों की बरामदगी की क्या स्थिति है?
डीजीपी मुकेश सिंह के अनुसार, जातीय हिंसा के दौरान लूटे गए हथियारों में से लगभग 70 प्रतिशत अब तक बरामद कर लिए गए हैं। शेष हथियारों और गोला-बारूद की तलाश के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
एनआईए मणिपुर हिंसा में उग्रवादी संगठनों की भूमिका की जांच कर रही है?
हाँ, एनआईए विभिन्न हिंसक घटनाओं, आरोपियों और उग्रवादी संगठनों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से हिंसा की योजना और उसे समर्थन देने वाले नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
मणिपुर में गैर-कानूनी हथियार रखने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
डीजीपी मुकेश सिंह ने चेतावनी दी है कि गैर-कानूनी हथियार रखने वालों को हर हाल में गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमले की किसी भी कोशिश को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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