होर्मुज स्ट्रेट खुले, महंगाई रुके — अमेरिका-ईरान संघर्ष पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 14 जुलाई 2026 को अमेरिका-ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का बंद रहना एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है और कच्चे तेल की कीमतें फिर से आसमान छू सकती हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच युद्धविराम और इस रणनीतिक जलमार्ग को खुला रखने की अपील की।
मनीष तिवारी का बयान
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, 'यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध फिर से शुरू हो गया है। इसका अधिक नकारात्मक प्रभाव एशिया की जो अर्थव्यवस्था है उन पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमत फिर आसमान छूना शुरू करेगी।' उन्होंने आगे कहा, 'हमें उम्मीद है कि युद्ध जल्द ही समाप्त होगा और होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुलना चाहिए, ताकि जो नकारात्मक प्रभाव दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, उस पर अंकुश लगेगा।'
अमेरिका-ईरान संघर्ष की ताज़ा स्थिति
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि अमेरिका ने सोमवार को ईरान के विरुद्ध हमलों का एक और दौर शुरू किया — यह लगातार तीसरी रात थी जब अमेरिकी सेना ने कमांडर इन चीफ के निर्देश पर कार्रवाई की। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यूएस, ईरान के तटीय निगरानी प्रणाली, ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं सहित सैन्य संपत्तियों को निशाना बना रहा था।
दूसरी ओर, ईरान अमेरिकी हमलों के जवाब में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है। यह टकराव ऐसे समय में और गहरा हो गया है जब दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संपर्क लगभग शून्य हो चुका है।
ट्रंप का होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण का दावा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, 'हम आज रात उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और कल भी हम उन पर जोरदार हमला करेंगे।' इसके अलावा, ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान पर सैन्य समझौता तोड़ने और रणनीतिक जलमार्ग में ड्रोन भेजने के आरोप के बाद अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण स्थापित कर लेगा और हमेशा के लिए इसकी सुरक्षा की निगरानी कर सकता है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, 'हम स्ट्रेट पर कब्जा कर रहे हैं। उनके पास कुछ भी नहीं है।'
भारत और एशिया पर संभावित असर
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुज़रता है और भारत अपनी तेल ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। यदि यह जलमार्ग लंबे समय तक बाधित रहा, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सीधा दबाव पड़ सकता है, जिसका असर महंगाई और आम जनता की जेब पर होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल से एशियाई मुद्राओं पर भी दबाव बढ़ेगा।
सतलुज फिल्म विवाद पर भी बोले तिवारी
सतलुज फिल्म से जुड़े विवाद पर तिवारी ने कहा, 'बुनियादी बात ये है कि जिन्होंने 1980 से 1995 तक पंजाब का काला दौर देखा है, वो नहीं चाहते कि ये दौर फिर से वापस आए। पंजाब अगर उस समय भी बचा था, तो वो हिंदू-सिख एकता की वजह से था।' उन्होंने अपील की कि पंजाब पर प्रतिक्रिया देने वालों को ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए जिससे सामाजिक एकता कमज़ोर हो।
यह संघर्ष आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है — नज़रें अब अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संभावित भूमिका पर टिकी हैं।