'मन की बात' में PM मोदी ने सराहा, रामपुर के पटवाई युवाओं का 'क्लीन-अप' अभियान अब पूरे देश में फैलाने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में 30 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले के पटवाई गाँव के युवाओं की 'क्लीन-अप पटवाई' मुहिम का विशेष उल्लेख किया, जिसके बाद इस स्वच्छता पहल की चर्चा देशभर में फैल गई है। पीएम ने युवा स्वयंसेवकों आकाश यादव और रोहन देव के प्रयासों की खुले मन से सराहना की, जिससे उत्साहित इस टीम ने अब यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का संकल्प लिया है।
कैसे शुरू हुई 'क्लीन-अप पटवाई' मुहिम
गाँव में फैली गंदगी से परेशान दो दोस्तों — आकाश यादव और रोहन देव — ने शिकायत करने के बजाय खुद बदलाव की पहल की। दोनों ने हाथों में कूड़े के थैले उठाए और गाँव की गलियों की सफाई शुरू कर दी। उनकी इस जज़्बे भरी कोशिश ने धीरे-धीरे दूसरे युवाओं को भी प्रेरित किया। आज यह टीम करीब 15 सक्रिय स्वयंसेवकों तक पहुँच चुकी है।
गौरतलब है कि यह पहल महज़ 8 से 10 महीने पहले शुरू हुई थी और इतने कम समय में इसने जो व्यापकता हासिल की है, वह इसकी सामाजिक स्वीकार्यता का प्रमाण है।
मुख्य उपलब्धियाँ
टीम ने अपनी मुहिम को गाँव की गलियों तक सीमित नहीं रखा। चार गंगा घाटों की सफाई की जा चुकी है और एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटाया गया है। इसके अलावा तालाबों, पार्कों, बाज़ारों और धार्मिक स्थलों पर भी सफाई अभियान चलाए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण के तहत बड़ी संख्या में पौधे भी लगाए गए हैं।
युवाओं की प्रतिक्रिया
आकाश यादव ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे और मेरे दोस्त रोहन देव का नाम लिया, जिससे मुझे बहुत खुशी हुई। मुझे ही नहीं, मेरे गाँव को, पूरे शहर को लोग बधाई दे रहे हैं कि आपकी जो 8-10 महीने की मेहनत है, वह सफल हो चुकी है।'
टीम सदस्य परमजीत सिंह ने कहा, 'जहाँ हमें गंदगी मिलती है — धार्मिक स्थल हो या कोई भी सार्वजनिक जगह — हम वहाँ सफाई करते हैं।' निखिल श्रीवास्तव ने अभियान को राष्ट्रीय रूप देने की बात कहते हुए जोड़ा, 'जिस तरह हम अपने घरों के सामने की जगह साफ रखते हैं, उसी तरह पूरे भारत को साफ रखा जाना चाहिए।'
पवन यादव ने कहा, 'जब हम सुधरेंगे तभी देश सुधरेगा।' समीर हुसैन ने इस टीम की सांप्रदायिक सौहार्द की विशेषता को रेखांकित करते हुए कहा, 'इस टीम में हिंदू और मुस्लिम दोनों का संयोजन है — यह टीम हर राज्य में होनी चाहिए।'
आगे क्या है योजना
पीएम मोदी के उल्लेख के बाद टीम का हौसला दोगुना हो गया है। स्वयंसेवकों ने संकल्प लिया है कि वे इस मॉडल को देश के अन्य गाँवों और शहरों तक पहुँचाएंगे। यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन की भावना से जुड़ा हुआ है और ज़मीनी स्तर पर नागरिक-नेतृत्व वाले बदलाव का एक जीवंत उदाहरण बन चुका है।