30 अगस्त 2026
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मन की बात एपिसोड 137: PM मोदी ने सराहा यूपी के आकाश-रोहन का संकल्प, अमरनाथ में 400 मीट्रिक टन कचरा प्रबंधन

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मन की बात एपिसोड 137: PM मोदी ने सराहा यूपी के आकाश-रोहन का संकल्प, अमरनाथ में 400 मीट्रिक टन कचरा प्रबंधन

सारांश

मन की बात के 137वें एपिसोड में PM मोदी ने यूपी के रामपुर के दो युवाओं की 'क्लीन-अप पटवई' टीम और अमरनाथ यात्रा में 400 मीट्रिक टन कचरा प्रबंधन की मिसाल देते हुए कहा — स्वच्छता अब केवल सफाई नहीं, सेवा और आस्था का रूप बन गई है।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 30 अगस्त को 'मन की बात' के 137वें एपिसोड में स्वच्छता पर केंद्रित प्रेरक उदाहरण साझा किए।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवई गाँव के युवा आकाश और रोहन की 'क्लीन-अप पटवई' टीम ने चार गंगा घाट साफ किए और एक टन से अधिक प्लास्टिक हटाया।
अमरनाथ यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरा एकत्र और प्रोसेस किया गया।
16,000 से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया; 10,000 से अधिक को 'रिस्पॉन्सिबल यात्री सर्टिफिकेट' दिया गया।
घोड़ों-खच्चरों के गोबर से बायोगैस बनाकर स्वच्छ ज्योत प्रज्वलित करने का अनूठा प्रयोग किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अगस्त को प्रसारित 'मन की बात' के 137वें एपिसोड में देशभर से स्वच्छता के प्रेरक उदाहरण साझा किए और कहा कि जब स्वच्छता किसी स्थान के निवासियों का सामूहिक संकल्प बन जाती है, तो उस जगह की पूरी पहचान बदल जाती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक गाँव से लेकर अमरनाथ यात्रा तक — स्वच्छता को सेवा और आस्था के रूप में परिभाषित करने वाले जनभागीदारी के उदाहरण प्रस्तुत किए।

पटवई गाँव के दो दोस्तों की मिसाल

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवई गाँव के युवाओं आकाश और रोहन की कहानी सुनाई। इन दोनों दोस्तों ने अपने आसपास बढ़ती गंदगी को देखकर खुद कचरे के बैग उठाए और सफाई अभियान शुरू किया। धीरे-धीरे अन्य युवा भी इस मुहिम से जुड़ते गए और 'क्लीन-अप पटवई' नाम से एक सक्रिय टीम तैयार हो गई।

मोदी ने बताया कि इस टीम ने अब तक चार गंगा घाटों की सफाई की है और एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटाया है। इसके अलावा कई तालाबों और सार्वजनिक स्थलों को भी स्वच्छ किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में युवा नेतृत्व में सामुदायिक स्वच्छता अभियानों की माँग लगातार बढ़ रही है।

अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता की अनूठी मिसाल

प्रधानमंत्री ने इस वर्ष की श्री अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता प्रबंधन को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि कठिन पहाड़ी रास्तों पर हजारों स्वच्छता कर्मी दिन-रात सेवा में लगे रहे। यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरे को एकत्र और प्रोसेस किया गया — जो इस पवित्र यात्रा के इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

मोदी ने कहा, 'स्वच्छता के इस अभियान में श्रद्धालु भी भागीदार बने। 16,000 से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया। 10,000 से अधिक यात्रियों को 'रिस्पॉन्सिबल यात्री सर्टिफिकेट' भी दिया गया।'

गोबर से बायोगैस — आस्था और पर्यावरण का संगम

यात्रा के दौरान एक अभिनव प्रयोग भी किया गया जिसका प्रधानमंत्री ने विशेष उल्लेख किया। घोड़ों और खच्चरों के गोबर को बायोगैस में परिवर्तित किया गया और उसी स्वच्छ ऊर्जा से स्वच्छ ज्योत प्रज्वलित की गई। मोदी ने इसे बाबा बर्फानी की पवित्र यात्रा में स्वच्छता के सेवा और आस्था का रूप लेने का प्रतीक बताया। गौरतलब है कि यह प्रयोग अपशिष्ट प्रबंधन और धार्मिक पर्यटन को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है।

स्वच्छता को व्यवहार का हिस्सा बनाने का आह्वान

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि गाँव हों या शहर, नदियाँ हों या तीर्थ स्थल — इन सभी की पहचान वहाँ के लोगों के व्यवहार से भी बनती है। उनका मानना है कि जब स्वच्छता इस व्यवहार का स्वाभाविक हिस्सा बन जाती है, तो उस स्थान की गरिमा और बढ़ जाती है। यह संदेश स्वच्छ भारत मिशन की व्यापक भावना से जुड़ता है, जो नागरिक भागीदारी को सरकारी प्रयासों जितना ही महत्वपूर्ण मानता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि व्यक्तिगत उदाहरणों की सराहना और नीतिगत जवाबदेही — जैसे शहरी कचरा प्रबंधन के बुनियादी ढाँचे में निवेश — दो अलग बातें हैं। अमरनाथ यात्रा में बायोगैस प्रयोग निश्चित रूप से अभिनव है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऐसे मॉडल को बड़े पैमाने पर दोहराने की कोई ठोस योजना है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मन की बात के 137वें एपिसोड में PM मोदी ने क्या कहा?
PM मोदी ने 30 अगस्त को प्रसारित मन की बात के 137वें एपिसोड में स्वच्छता को सेवा और आस्था का रूप बताया। उन्होंने यूपी के पटवई गाँव के युवाओं और अमरनाथ यात्रा में जनभागीदारी से हुई सफाई के उदाहरण साझा किए।
पटवई गाँव की 'क्लीन-अप पटवई' टीम ने क्या उपलब्धि हासिल की?
रामपुर जिले के पटवई गाँव के युवा आकाश और रोहन ने 'क्लीन-अप पटवई' टीम बनाई, जिसने चार गंगा घाट साफ किए और एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटाया। टीम ने कई तालाबों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई भी की।
अमरनाथ यात्रा 2025 में स्वच्छता अभियान कितना प्रभावी रहा?
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से अधिक कचरा एकत्र और प्रोसेस किया गया। 16,000 से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया और 10,000 से अधिक को 'रिस्पॉन्सिबल यात्री सर्टिफिकेट' दिया गया।
अमरनाथ यात्रा में बायोगैस का प्रयोग कैसे किया गया?
यात्रा मार्ग पर घोड़ों और खच्चरों के गोबर को बायोगैस में परिवर्तित किया गया और उसी स्वच्छ ऊर्जा से ज्योत प्रज्वलित की गई। यह अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को धार्मिक यात्रा से जोड़ने का एक अभिनव प्रयोग था।
मन की बात में स्वच्छता का संदेश स्वच्छ भारत मिशन से कैसे जुड़ता है?
PM मोदी ने जोर दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार का हिस्सा बनना चाहिए। यह संदेश स्वच्छ भारत मिशन की उस मूल भावना से जुड़ता है जो जन-भागीदारी को नीति से कम महत्वपूर्ण नहीं मानती।
राष्ट्र प्रेस
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