मनोज झा का बयान: नीतीश-लालू का युग समाप्ति की बातें निराधार
सारांश
Key Takeaways
- मनोज झा का बयान बिहार की प्रगतिशील राजनीति का समर्थन करता है।
- नीतीश और लालू के युग के अंत की बातें निराधार हैं।
- राजनीतिक परिवर्तनों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आरजेडी सांसद मनोज झा ने बिहार में लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के युग के समाप्ति की आशंकाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे विद्वानों को समझना चाहिए कि किसी युग का अंत अचानक नहीं होता। यह सिर्फ कालगणना नहीं है कि 30 तारीख के बाद नया महीना आएगा। निरंतरता एक महत्वपूर्ण तत्व है।
मनोज झा ने कहा कि जो लोग इस प्रकार के विचार रखते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि बिहार की मिट्टी का हर कण प्रगतिशील राजनीति के पक्ष में है, न कि प्रतिगामी राजनीति के। उन्होंने कहा कि यह सभी को समझना आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार के सोशल मीडिया पर पोस्ट और उसी दिन बिहार के गवर्नर का बदलाव दर्शाता है कि इसके पीछे कुछ न कुछ खेल जरूर है। भारत में कितनी भी गोपनीयता हो, वह कुछ समय के लिए ही होती है।
अमेरिका द्वारा भारत को रूस से कच्चे तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की छूट पर मनोज झा ने कहा कि यह सवाल पेट्रोलियम मंत्रालय से पूछा जाना चाहिए। विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और आज यह प्रमाणित हो रहा है। अमेरिका की भाषा पर ध्यान दें कि किस प्रकार से कहा गया। क्या संविधान की प्रस्तावना में सार्वभौमिकता का मतलब यही है? आपको शर्म आनी चाहिए।
यह ध्यान देने योग्य है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं; उनके साथ हमारी पूरी सहानुभूति है। हमें पता है कि क्या हो रहा है और वह किस दौर से गुजर रहे हैं। अगर हम वहां होते, तो शायद नीतीश कुमार को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार दबाव बना रही थी। अंततः, यह तो होना ही था। नीतीश कुमार ने 20 वर्षों तक बिहार की सेवा की और हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।