31 अगस्त 2026
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मराठी भाषा विवाद: NCP (SP) के नसीम सिद्दीकी ने फडणवीस सरकार के फैसले का स्वागत किया, BJP पर साधा निशाना

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मराठी भाषा विवाद: NCP (SP) के नसीम सिद्दीकी ने फडणवीस सरकार के फैसले का स्वागत किया, BJP पर साधा निशाना

सारांश

मराठी भाषा विवाद पर NCP (SP) ने फडणवीस सरकार के फैसले को सराहा, लेकिन BJP को 'उत्तर भारत की पार्टी' कहकर घेरा। गैर-मराठी लोगों को एक साल की मोहलत देने को सकारात्मक कदम बताया। कांग्रेस के दानिश अली ने RSS पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

NCP (SP) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 30 अगस्त को मराठी भाषा पर फडणवीस सरकार के फैसले का स्वागत किया।
मुंबई में रहने वाले गैर-मराठी लोगों — जिनमें ड्राइवर और कैब चालक शामिल हैं — को मराठी सीखने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया है।
सिद्दीकी ने कहा कि BJP उत्तर प्रदेश और बिहार से संचालित होती है, महाराष्ट्र से नहीं।
उन्होंने इसे राजनीतिक फैसला बताया, फिर भी स्वागत किया क्योंकि 2-4 महीने में कोई भाषा नहीं सीखी जा सकती।
कांग्रेस नेता दानिश अली ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा कि RSS 'कई चेहरों वाला संगठन' है।

राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 30 अगस्त को महाराष्ट्र सरकार के मराठी भाषा संबंधी फैसले का स्वागत किया, जिसमें मुंबई में रहने वाले गैर-मराठी लोगों को भाषा सीखने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया है। उन्होंने इसे लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया सकारात्मक कदम बताया, हालाँकि साथ ही इसे एक राजनीतिक निर्णय भी करार दिया।

सिद्दीकी ने क्या कहा

सिद्दीकी ने कहा, 'सरकार ने जो फैसला लिया है, वह बहुत अच्छा फैसला है। यह लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) इस निर्णय का कुछ हद तक विरोध कर सकती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जड़ें उत्तर प्रदेश और बिहार में हैं, महाराष्ट्र में नहीं।

गैर-मराठी लोगों को राहत

सिद्दीकी ने इस बात पर जोर दिया कि मुंबई में रहने वाले ड्राइवर और कैब चालकों सहित गैर-मराठी वर्ग को अतिरिक्त समय मिलना उचित है। उन्होंने कहा, 'हम पिछले चार-छह इंटरव्यू में यह कह रहे हैं कि कोई भी भाषा 2-4 महीने में नहीं सीखी जा सकती।' यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया है जब महाराष्ट्र सरकार ने गैर-मराठी भाषियों के लिए मराठी सीखने की अनिवार्यता पर एक समयसीमा तय की थी।

सामाजिक मुद्दों पर सिद्दीकी की टिप्पणी

एक अन्य सवाल के जवाब में सिद्दीकी ने छुआछूत के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा, 'देश को महात्मा गांधी के नेतृत्व में आजादी मिली, लेकिन छुआछूत से आजादी नहीं मिली।' उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या आजादी से पहले भी थी और वही परंपरा आज भी जारी है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के परिवार की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए ब्राह्मणवाद पर टिप्पणी की, जो विवादास्पद मानी जा सकती है।

दानिश अली की भागवत पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता दानिश अली ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'आरएसएस कई चेहरों वाला संगठन है।' हालाँकि उन्होंने इस पर विस्तार से कोई टिप्पणी नहीं की।

आगे की राजनीतिक दिशा

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब महाराष्ट्र में भाषाई पहचान और प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों को लेकर राजनीतिक ध्रुवीकरण गहरा हो रहा है। गौरतलब है कि मराठी भाषा की अनिवार्यता का मुद्दा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना जैसे दलों की राजनीति का केंद्र रहा है। महायुति सरकार के इस फैसले पर विपक्ष की मिली-जुली प्रतिक्रिया राजनीतिक परिदृश्य की जटिलता को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर उसे 'राजनीतिक' करार देते हैं। यह NCP (SP) की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें सत्तारूढ़ महायुति को उसके ही मतदाताओं के सामने असहज करने की कोशिश की जाती है। भाषाई राजनीति में 'स्वागत करते हुए घेरना' एक पुरानी तकनीक है, और इस बयान में यही दिखता है। दानिश अली की RSS पर टिप्पणी अलग मुद्दे से जुड़ी है और इसे इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मराठी भाषा पर महाराष्ट्र सरकार का फैसला क्या है?
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में रहने वाले गैर-मराठी लोगों को मराठी भाषा सीखने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है। इसमें ड्राइवर और कैब चालक जैसे वर्ग भी शामिल हैं।
नसीम सिद्दीकी ने फडणवीस सरकार के फैसले पर क्या कहा?
NCP (SP) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। हालाँकि उन्होंने इसे राजनीतिक फैसला भी बताया और कहा कि BJP उत्तर प्रदेश-बिहार से चलती है, महाराष्ट्र से नहीं।
क्या शिवसेना और NCP (अजित गुट) इस फैसले का विरोध करेंगे?
सिद्दीकी के अनुसार शिवसेना (शिंदे गुट) और NCP (अजित पवार गुट) इस निर्णय का कुछ हद तक विरोध कर सकती हैं। हालाँकि उन्होंने इसका कोई ठोस आधार नहीं बताया।
दानिश अली ने मोहन भागवत के बयान पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता दानिश अली ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'आरएसएस कई चेहरों वाला संगठन है।' उन्होंने इस पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
मराठी भाषा विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर है?
यह विवाद महाराष्ट्र में भाषाई पहचान और प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों के बीच राजनीतिक तनाव को दर्शाता है। विपक्षी दलों की मिली-जुली प्रतिक्रिया बताती है कि यह मुद्दा सत्तारूढ़ महायुति और विपक्ष दोनों के लिए संवेदनशील है।
राष्ट्र प्रेस
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