20 अक्टूबर 2026
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मौलाना साजिद रशीदी का बड़ा बयान: विदेशी फंडिंग से देश तोड़ने वालों को मानता हूं आतंकवादी

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मौलाना साजिद रशीदी का बड़ा बयान: विदेशी फंडिंग से देश तोड़ने वालों को मानता हूं आतंकवादी

सारांश

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने विदेशी फंडिंग से देश में अस्थिरता फैलाने वालों को 'आतंकवादी' कहा और CJP से जुड़े अभिजीत दिपके व नेहा बोरा पर गंभीर आरोप लगाए। संविधान, न्यायपालिका और एजेंसियों की बहस के बीच यह बयान राष्ट्रीय चर्चा में नई परत जोड़ता है।

मुख्य बातें

मौलाना साजिद रशीदी ने 20 अक्टूबर 2026 को कहा कि विदेशी फंडिंग से देश तोड़ने की कोशिश करने वाले उनकी नज़र में आतंकवादी हैं।
CJP के अभिजीत दिपके और नेहा बोरा पर आरोप — उनकी गतिविधियाँ देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की दिशा में बताई गईं।
रशीदी ने ईरान, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश के उदाहरण से बाहरी सत्ता परिवर्तन की कोशिशों पर चिंता जताई।
पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की न्यायपालिका पर टिप्पणी को उचित नहीं बताया; संविधान को सभी नागरिकों के लिए समान बताया।
संजय राउत की एजेंसी-आरोप वाली पोस्ट पर कांग्रेस को 'पिंजरे का तोता' विवाद याद दिलाया।

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि जो लोग विदेशी फंडिंग लेकर देश में अस्थिरता फैलाना चाहते हैं, वे उनकी नज़र में आतंकवादी हैं। उन्होंने सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) से जुड़े अभिजीत दिपके और नेहा बोरा पर आरोप लगाया कि उनकी गतिविधियाँ देशहित में नहीं हैं।

मुख्य बयान और आरोप

मौलाना रशीदी ने कहा, 'मैं तो उन लोगों को आतंकवादी मानता हूं, जो दूसरी जगह से फंडिंग लेकर देश को तोड़ना चाहते हैं और मुल्क के अंदर अफरातफरी जैसा माहौल पैदा करना चाहते हैं।' उन्होंने अभिजीत दिपके और नेहा बोरा का नाम लेकर आरोप लगाया कि उनके कार्य देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न करने की दिशा में हैं। नेहा बोरा के एक बयान का उल्लेख करते हुए रशीदी ने माँग की कि इस मामले में सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।

सत्ता परिवर्तन और विदेशी हस्तक्षेप पर टिप्पणी

मौलाना ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान का संदर्भ देते हुए कहा कि केवल सत्ता परिवर्तन से परिस्थितियाँ नहीं बदलतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ देश अन्य देशों में अपने अनुकूल सरकारें स्थापित करने के लिए सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं। ईरान, नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश के उदाहरण देते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि इन देशों में हुए सत्ता परिवर्तन से आम जनता को वास्तव में कितना लाभ मिला।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की विदेशी फंडिंग को लेकर बहस तेज़ है।

संविधान और न्यायपालिका पर रुख

पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के शरजील इमाम को लेकर एक्स पर की गई पोस्ट का संदर्भ देते हुए मौलाना रशीदी ने कहा कि मुसलमानों से जुड़े कुछ मुद्दे ज़रूर हैं, लेकिन संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह की टिप्पणियाँ उचित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों के लिए समान है और न्यायपालिका इसी आधार पर न्याय देती है। रशीदी ने तर्क दिया कि यदि न्यायपालिका को ही भ्रष्ट या फासीवादी कहा जाएगा, तो लंबे समय से जेल में बंद लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।

संजय राउत और एजेंसियों के दुरुपयोग पर प्रतिक्रिया

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत की एक्स पोस्ट के सवाल पर रशीदी ने कहा कि जाँच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपना इतिहास याद करना चाहिए। उन्होंने 'पिंजरे का तोता' वाले पुराने विवाद का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी एजेंसियों का उपयोग होता था। उन्होंने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि एजेंसियाँ किसकी मानती हैं, बल्कि यह है कि नेताओं का देश के प्रति रुझान क्या है।

आगे क्या होगा

मौलाना रशीदी के इन बयानों के बाद CJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना होगा कि क्या संबंधित पक्ष इन आरोपों का जवाब देते हैं और क्या इस मामले में कोई कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए इन्हें 'कथित आरोप' के रूप में ही देखा जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब FCRA और विदेशी फंडिंग को लेकर सरकार और नागरिक समाज के बीच तनाव बढ़ रहा है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि इस विवाद की वास्तविक परीक्षा न्यायालय में होगी — न कि टेलीविजन की बहसों में।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना साजिद रशीदी ने किसे आतंकवादी कहा है?
मौलाना साजिद रशीदी ने उन लोगों को आतंकवादी कहा है जो विदेशी फंडिंग लेकर देश को तोड़ना और समाज में अफरातफरी का माहौल पैदा करना चाहते हैं। यह टिप्पणी उन्होंने CJP से जुड़े अभिजीत दिपके और नेहा बोरा पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में की।
CJP क्या है और इस पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
CJP यानी सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस एक नागरिक अधिकार संगठन है। मौलाना रशीदी ने आरोप लगाया कि इसके संस्थापक अभिजीत दिपके और नेहा बोरा देशहित में काम नहीं कर रहे और उनकी गतिविधियाँ देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति की दिशा में हैं। ये आरोप अभी तक कथित हैं और CJP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मौलाना रशीदी ने संविधान और न्यायपालिका पर क्या कहा?
मौलाना रशीदी ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों के लिए समान है और न्यायपालिका को फासीवादी या भ्रष्ट कहना उचित नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि न्यायिक व्यवस्था को ही कमज़ोर बताया जाएगा, तो लंबे समय से जेल में बंद लोगों को न्याय कैसे मिलेगा।
संजय राउत की एजेंसियों पर पोस्ट पर रशीदी ने क्या प्रतिक्रिया दी?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत की एजेंसियों के दुरुपयोग वाली एक्स पोस्ट पर रशीदी ने कहा कि कांग्रेस को अपना इतिहास याद करना चाहिए और 'पिंजरे का तोता' विवाद का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि असली सवाल एजेंसियों का नहीं, बल्कि नेताओं के देश के प्रति रुझान का है।
मौलाना साजिद रशीदी कौन हैं?
मौलाना साजिद रशीदी ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं, जो देशभर के इमामों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक प्रमुख संगठन है। वे राष्ट्रीय मुद्दों पर नियमित रूप से अपनी राय रखते हैं और विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक विषयों पर टिप्पणी करते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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