19 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मायावती ने सतीश चंद्र मिश्र को चुनाव आयोग की जिम्मेदारी सौंपी, UP 2027 की तैयारी तेज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मायावती ने सतीश चंद्र मिश्र को चुनाव आयोग की जिम्मेदारी सौंपी, UP 2027 की तैयारी तेज

सारांश

2022 में महज एक सीट पर सिमटी BSP अब 2027 के लिए बड़ा दांव खेल रही है। मायावती ने सतीश चंद्र मिश्र को चुनाव आयोग की जिम्मेदारी सौंपकर और ब्राह्मण समाज को 2007 की तर्ज पर जोड़कर वापसी की रणनीति साफ कर दी है।

मुख्य बातें

मायावती ने 19 अगस्त 2026 को एक्स पर पोस्ट कर UP विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों का ब्यौरा दिया।
राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को कानूनी और मीडिया कार्यों के साथ अब चुनाव आयोग से जुड़ी जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गई हैं।
BSP ने 2007 की तर्ज पर पूर्ण बहुमत के लक्ष्य के साथ ब्राह्मण समाज को उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया शुरू की है।
विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों के माध्यम से उम्मीदवारों के नामों की घोषणा जारी है।
मायावती ने दावा किया कि BSP की सक्रियता से BJP सहित विरोधी दलों में बेचैनी है।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने 19 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर एक अहम संगठनात्मक कदम उठाया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र मिश्र को कानूनी और मीडिया कार्यों के साथ-साथ अब चुनाव आयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गई हैं। मायावती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर यह जानकारी दी।

मुख्य घटनाक्रम

मायावती ने अपनी एक्स पोस्ट में स्पष्ट किया कि UP 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत पार्टी का जनाधार सर्वसमाज में विस्तारित करने का काम जमीनी स्तर पर जारी है। उम्मीदवारों के चयन और उनके नामों की घोषणा की प्रक्रिया विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों के माध्यम से आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि इस सक्रियता से विरोधी दलों में 'काफी बेचैनी' है।

सतीश चंद्र मिश्र की भूमिका

सतीश चंद्र मिश्र BSP के लंबे समय से राष्ट्रीय महासचिव हैं। वे BSP शासनकाल में उत्तर प्रदेश के महाधिवक्ता, उत्तर प्रदेश बार काउन्सिल के कई बार अध्यक्ष, BSP सरकार में कैबिनेट मंत्री और कई बार BSP के राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। मायावती के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका 'कई मायनों में अहम' रहेगी।

ब्राह्मण समाज को जोड़ने की रणनीति

मायावती ने संकेत दिया कि BSP ने 2007 की तर्ज पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ ब्राह्मण समाज को पार्टी में शामिल करने और उन्हें उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। उनका कहना है कि इस कदम से विरोधी दलों में 'चर्चा और चिंता दोनों' स्पष्ट हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) UP में लगातार दूसरी बार सत्ता में है और 2027 के चुनाव में उसे कड़ी चुनौती की उम्मीद की जा रही है।

विरोधी दलों पर निशाना

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विरोधी दलों के 'कथित हथकंडों' से सजग और सतर्क रहें। गौरतलब है कि 2022 के UP विधानसभा चुनाव में BSP को केवल एक सीट मिली थी और पार्टी का वोट शेयर भी घटा था। इस पृष्ठभूमि में 2027 के लिए मायावती का यह संगठनात्मक पुनर्गठन राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे क्या

BSP की विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों के ज़रिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की प्रक्रिया जारी रहेगी। सतीश चंद्र मिश्र की नई जिम्मेदारी के साथ पार्टी चुनाव आयोग के समक्ष अपने मामलों को और अधिक मजबूती से रखने की स्थिति में होगी। BSP की अगली रणनीतिक दिशा पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या सतीश चंद्र मिश्र को चुनाव आयोग की जिम्मेदारी सौंपना और ब्राह्मण आउटरीच की पुरानी रणनीति दोहराना 2027 में कारगर होगा। 2007 की सफलता एक अलग राजनीतिक परिस्थिति में थी — तब BSP के पास संगठनात्मक ऊर्जा और विरोधी दलों की कमज़ोरी दोनों थीं। आज जब समाजवादी पार्टी (SP) ने PDA गठबंधन के ज़रिए दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक समीकरण मजबूत किया है, BSP की वापसी की राह आसान नहीं दिखती। मायावती का असली इम्तिहान जमीनी संगठन को फिर से खड़ा करने में है, न केवल एक्स पोस्ट और घोषणाओं में।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतीश चंद्र मिश्र को BSP ने कौन-सी नई जिम्मेदारी दी है?
BSP ने राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र को कानूनी और मीडिया कार्यों के साथ-साथ चुनाव आयोग से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी है। यह जिम्मेदारी खासतौर पर UP विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर दी गई है।
BSP UP चुनाव 2027 की तैयारी कैसे कर रही है?
BSP विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों के माध्यम से उम्मीदवारों का चयन कर उनके नामों की घोषणा कर रही है। साथ ही पार्टी सर्वसमाज — विशेषकर ब्राह्मण समाज — को जोड़कर जनाधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
मायावती ने ब्राह्मण समाज को BSP से जोड़ने की रणनीति क्यों अपनाई है?
मायावती ने 2007 की तर्ज पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ ब्राह्मण समाज को BSP उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। 2007 में इसी सर्वसमाज रणनीति से BSP ने UP में पूर्ण बहुमत हासिल किया था।
सतीश चंद्र मिश्र कौन हैं?
सतीश चंद्र मिश्र BSP के लंबे समय से राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वे BSP शासनकाल में UP के महाधिवक्ता, UP बार काउन्सिल के कई बार अध्यक्ष, BSP सरकार में कैबिनेट मंत्री और कई बार BSP के राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।
मायावती ने विरोधी दलों के बारे में क्या कहा?
मायावती ने दावा किया कि BSP की चुनावी सक्रियता से BJP सहित विरोधी दलों में 'काफी बेचैनी' है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से विरोधी दलों के 'कथित हथकंडों' से सजग और सतर्क रहने की अपील भी की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले