एमसीडी के 48 स्कूल आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील: अंकुश नारंग का भाजपा सरकार पर हाईकोर्ट आदेश उल्लंघन का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अंकुश नारंग ने 21 मई को भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए कि एमसीडी के 48 स्कूलों को बंद कर उनकी इमारतों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील कर दिया गया है। नारंग के अनुसार, यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के उन स्पष्ट आदेशों का उल्लंघन है जिनमें कहा गया है कि शिक्षा के लिए आवंटित भूमि का उपयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ही किया जा सकता है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए नारंग ने दावा किया कि हाल ही में जारी कुछ आधिकारिक आदेशों से यह स्पष्ट हुआ है कि 48 एमसीडी स्कूलों की इमारतें आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए आवंटित कर दी गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) भी जारी किया, जबकि न्यायालय का आदेश इसके विरुद्ध है।
नारंग ने कहा कि दिल्लीवासियों को उम्मीद थी कि भाजपा की 'चार इंजन वाली सरकार' प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी, परंतु कथित तौर पर सरकार स्कूलों को ही बंद करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
हाईकोर्ट आदेश और कानूनी पहलू
AAP नेता ने सवाल उठाया कि जब दिल्ली उच्च न्यायालय ने शिक्षा के लिए आवंटित भूमि के अन्य उपयोग पर स्पष्ट रोक लगा रखी है, तो स्कूल भवनों को स्वास्थ्य केंद्रों में किस आधार पर बदला जा रहा है। उनके अनुसार, एमसीडी प्रशासन और भाजपा सरकार ने नियमों को दरकिनार कर बच्चों की शिक्षा से समझौता किया है।
नारंग ने आरोप लगाया कि एमसीडी का शिक्षा विभाग लगातार अनियमितताओं में संलिप्त रहा है और अब स्कूलों को आरोग्य मंदिर में बदलने का यह नया क्रम उसी की कड़ी है।
आगे और विलय की तैयारी का दावा
नारंग के अनुसार, आने वाले समय में और अधिक एमसीडी स्कूलों को आपस में मर्ज करने की योजना है। उनका दावा है कि विलय के बाद खाली होने वाली इमारतों को भी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार और शिक्षा विभाग की 'सुनियोजित रणनीति' करार दिया।
गरीब बच्चों पर असर
नारंग ने कहा कि नई दिल्ली के गरीब और निम्न आय वर्ग के हज़ारों बच्चे एमसीडी स्कूलों पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि सरकार को स्कूलों में दाखिले, शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढाँचे के विकास पर ध्यान देना चाहिए, न कि स्कूल बंद करने पर। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा निदेशक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को प्रसन्न करने के लिए इस प्रकार के निर्णय ले रहे हैं।
AAP का रुख और आगे की लड़ाई
आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार और एमसीडी प्रशासन से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण माँगा है। पार्टी ने कहा है कि शिक्षा व्यवस्था को कमज़ोर करने वाले ऐसे निर्णयों का विरोध जारी रहेगा। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में नगर निकाय शासन और शिक्षा नीति को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच टकराव पहले से ही तीव्र है।