मुख्यमंत्री योगी का मेरठ दौरा: कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा, हवाई सर्वेक्षण और कड़ी सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार, 9 अगस्त को मेरठ पहुँचकर सावन के पवित्र माह में कांवड़ यात्रा पर निकले शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा करेंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा इन दिनों अपने चरम पर है और प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा राज्य सरकार की कांवड़ यात्रा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
दौरे का कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, योगी आदित्यनाथ हिंडन एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर के जरिए मेरठ रवाना होंगे। इस हवाई यात्रा के दौरान वह हिंडन से मेरठ तक के पूरे कांवड़ मार्ग का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। इसके बाद मोदीपुरम क्षेत्र स्थित दुल्हैड़ा पुलिस चौकी के निकट बने मंच से वह कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री की लैंडिंग के लिए शोभित विश्वविद्यालय परिसर में हेलिपैड तैयार किया गया है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या अपने शीर्ष पर है।
सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस, पीएसी और अन्य अर्धसैनिक बलों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है। एलआईयू, एंटी-सबोटाज और बम निरोधक दस्ते लगातार क्षेत्र की जाँच कर रहे हैं। मंच, बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरे की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण
शुक्रवार को एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम डॉ. वीके सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल और एसएसपी अविनाश पांडेय ने कार्यक्रम स्थल, हेलिपैड और कांवड़ मार्ग का संयुक्त निरीक्षण किया। एसपी सिटी ने ड्रोन कैमरे के माध्यम से मोदीपुरम से रुड़की रोड तक कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, यातायात और सुरक्षा प्रबंधन की निगरानी की।
श्रद्धालुओं की सुविधाएँ
प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर चिकित्सा शिविर, पेयजल, विश्राम स्थल और स्वच्छता की व्यापक व्यवस्था की है। अधिकारियों के अनुसार, शिवभक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। गौरतलब है कि सावन के इस पवित्र माह में हर वर्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कांवड़ मार्गों पर करोड़ों श्रद्धालु निकलते हैं, जिससे यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक का केंद्र बन जाता है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और सुविधा के लिए आगे कौन-से दीर्घकालिक उपाय घोषित करती है।