मिथुन चक्रवर्ती का समर्थन: बंगाल के 252 बिना मान्यता वाले मदरसे बंद, फंडिंग जांच जरूरी
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती ने 14 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 252 बिना मान्यता प्राप्त मदरसों को बंद करने और 100 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने इन संस्थानों की फंडिंग की सख्त जांच को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया।
मुख्य घटनाक्रम
यह टिप्पणी उस सरकारी अधिसूचना के एक दिन बाद आई जिसमें पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने राज्यभर में बिना सरकारी अनुमति और सरकारी मदद के संचालित हो रहे मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई की घोषणा की। विभाग ने कोलकाता सहित 22 अन्य जिलों में मदरसा प्रबंधन प्रणाली, छात्र नामांकन, फंडिंग के स्रोत और पंजीकरण की स्थिति की जांच के लिए एक विशेष सर्वे पहले ही करवाया था।
रिपोर्टों के अनुसार, बंद होने वाले 252 मदरसों में से अधिकांश 'खारिजी' संप्रदाय से जुड़े हैं। इनमें से कम से कम 44 मालदा में, 37 उत्तर दिनाजपुर में, 32 दक्षिण 24 परगना में और 25-25 नदिया तथा मुर्शिदाबाद में स्थित हैं।
मिथुन चक्रवर्ती का बयान
मिथुन चक्रवर्ती, जो सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार में सांस्कृतिक सलाहकार की भूमिका निभाने वाले हैं, ने कहा — 'जब हम मदरसों की बात करते हैं तो उनके पीछे कोई न कोई जरूर होता है जो उन्हें फंड करता है और चलाता है। वह पैसा सही मकसद के लिए इस्तेमाल हो रहा है या गलत के लिए, यह अब साफ हो जाएगा। देश की सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है कि हम इस मामले पर बारीकी से ध्यान दें और इसकी बहुत सख्ती से जांच करें।'
उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारों के समय इस मामले को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया गया था और अब इसे नज़रअंदाज़ करना संभव नहीं, क्योंकि यह सीधे देश की सुरक्षा से जुड़ा है।
सरकार की स्थिति
राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री खुदीराम टुडू ने स्पष्ट किया कि जिन मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उन्हें वैध सरकारी मंजूरी के दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे, अन्यथा उन्हें भी बंद कर दिया जाएगा। सरकार के अनुसार यह कार्रवाई राज्य में इस्लामी शिक्षण संस्थानों की व्यापक समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती जिलों में कट्टरपंथी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएँ बढ़ती रही हैं।
BJP की प्रतिक्रिया
बंगाल भाजपा (BJP) प्रमुख सामिक भट्टाचार्य ने भी सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में कट्टरपंथ का बढ़ना चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा कि मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा की आड़ में कथित तौर पर हो रही राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को रोकना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
आगे क्या होगा
जिन 100 मदरसों को कारण बताओ नोटिस मिला है, उनकी समयसीमा समाप्त होने के बाद उनके भविष्य का फैसला होगा। राज्य सरकार का यह कदम पश्चिम बंगाल में अल्पसंख्यक शिक्षा नीति और सुरक्षा प्रशासन के बीच के संतुलन पर एक बड़ी बहस को जन्म दे सकता है।