<b>मुख्यमंत्री एमके स्टालिन</b> ने एफसीआरए संशोधनों पर केंद्र की कड़ी आलोचना की, <b>अल्पसंख्यक संस्थानों</b> को बताया निशाने पर
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है।
- विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन विवादित हैं।
- अल्पसंख्यक संस्थानों को सुरक्षा की आवश्यकता है।
- राजनीतिक बहस आने वाले हफ्तों में तेज होने की संभावना है।
- विपक्षी दल एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
चेन्नई, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार से विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को तत्काल वापस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कदम का उद्देश्य ईसाई संस्थानों, चर्चों और अन्य अल्पसंख्यक धार्मिक संगठनों को अनुचित रूप से निशाना बनाना है।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) पर आलोचना की।
स्टालिन ने लिखा, "मैं केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तावित 'विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक-2026' की कड़ी निंदा करता हूं, जो ईसाई एनजीओ, चर्चों और अन्य अल्पसंख्यक संस्थानों पर सीधे हमला है।"
उन्होंने वक्फ संपत्तियों से जुड़े हालिया घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न धर्मों से जुड़े संस्थानों पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, "वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने के प्रयासों के बाद अब केंद्र की भाजपा सरकार अन्य अल्पसंख्यक संस्थानों के लिए विदेशी फंडिंग को रोकने की दिशा में आगे बढ़ रही है।"
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेतावनी दी कि विपक्ष के विरोध और केरल में होने वाले आगामी चुनावों के कारण, जहां बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय है, केंद्र सरकार संसद के एक विशेष सत्र में एफसीआरए को पारित कराने की योजना बना रही है।
उन्होंने इस अन्यायपूर्ण विधेयक को पूरी तरह से वापस लेने की मांग की। स्टालिन ने लिखा, "मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूं कि वे तुरंत कार्रवाई करें।"
आने वाले हफ्तों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता और संस्थागत स्वायत्तता से जुड़े एक बड़े मुद्दे के रूप में पेश कर सकते हैं।