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कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: मंत्री पद न मिलने पर एमएलसी राजन्ना ने कहा — 'पार्टी का फैसला सर्वोपरि'

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कर्नाटक कैबिनेट विस्तार: मंत्री पद न मिलने पर एमएलसी राजन्ना ने कहा — 'पार्टी का फैसला सर्वोपरि'

सारांश

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में 20 नए मंत्री बने, लेकिन कई वरिष्ठ नेता नाराज़। एमएलसी राजन्ना ने अनुशासन दिखाते हुए पार्टी का समर्थन किया, जबकि सात बार विधायक रहे टीबी जयचंद्र ने खुलकर असंतोष जताया — कांग्रेस के भीतर एकजुटता की परीक्षा शुरू।

मुख्य बातें

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में 20 नए मंत्री शामिल किए गए, सरकार गठन के करीब 2 महीने बाद ।
एमएलसी राजेंद्र राजन्ना को मंत्री पद की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने पार्टी के फैसले को सर्वोपरि बताया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीबी जयचंद्र — सात बार विधायक और दिल्ली में कर्नाटक सरकार के विशेष प्रतिनिधि — ने खुलकर नाराज़गी जताई।
जयचंद्र के समर्थक कथित तौर पर उनके इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।
राजन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री, केपीसीसी अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय अंतिम है।

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में मंत्री पद न मिलने के बावजूद विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) राजेंद्र राजन्ना ने 4 अगस्त को स्पष्ट किया कि वे पार्टी के निर्णय का पूरा सम्मान करते हैं और कांग्रेस के साथ मिलकर काम करते रहेंगे। मैसूर में पत्रकारों से बात करते हुए राजन्ना ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व का फैसला अंतिम है।

राजन्ना का बयान: उम्मीद थी, पर कोई शिकायत नहीं

राजन्ना ने कहा, 'मुझे उम्मीद थी कि कैबिनेट विस्तार में मेरे नाम पर विचार किया जाएगा। ऐसी अपेक्षा थी कि हमारे जिले को भी मंत्री पद मिलेगा। लेकिन पार्टी ने अलग फैसला लिया है और मैं उसका सम्मान करता हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी जिसे भी मंत्री बनाएगी, वे उनके साथ मिलकर काम करेंगे।

राजन्ना ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए जोड़ा, 'मैं अपनी माँ का आशीर्वाद लेने आया हूं। मैंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि राज्य में अच्छी वर्षा हो और सभी लोग शांति व सुख से जीवन बिताएं।' उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) अध्यक्ष और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय ही अंतिम होता है।

मुख्य घटनाक्रम: 20 नए मंत्रियों के साथ कैबिनेट विस्तार

गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार के गठन के करीब 2 महीने बाद सोमवार को कैबिनेट का विस्तार किया गया, जिसमें 20 नए मंत्री शामिल किए गए। कैबिनेट में स्थान न मिलने से कई वरिष्ठ नेताओं में असंतोष उभरा है।

टीबी जयचंद्र की नाराज़गी: वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करने का आरोप

कैबिनेट विस्तार के एक दिन पहले सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नई दिल्ली में कर्नाटक सरकार के विशेष प्रतिनिधि टीबी जयचंद्र ने खुलकर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है या ईमानदार नेताओं को। मैं समझ नहीं पा रहा हूं। मैं दुखी हूं।'

सात बार विधायक रहे जयचंद्र ने कहा कि उनके समर्थकों और समुदाय के लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें कैबिनेट में जगह मिलेगी। मंत्रियों की सूची पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, 'लिस्ट देखकर मुझे हैरानी होती है कि हम उन्हें अपना मंत्री कैसे कहें।' जयचंद्र के समर्थक कथित तौर पर उनके इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

राजन्ना की सफाई: सीधी बात को न समझें गलत

राजन्ना ने यह भी स्पष्ट किया कि वे हमेशा सीधी और सच्ची बात करने वाले व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में कुछ लोग उनकी सीधी बातों का गलत अर्थ निकाल रहे हैं। उनके अनुसार, अगले चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी को और मजबूत करने की दिशा में काम होना चाहिए तथा जिले के मुद्दों पर भी उचित ध्यान दिया जाना चाहिए।

आगे क्या

कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर यह असंतोष ऐसे समय में उभरा है जब पार्टी अगले विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है। आलोचकों का कहना है कि वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा से पार्टी की एकजुटता पर असर पड़ सकता है। राजन्ना ने भले ही सार्वजनिक रूप से अनुशासन का परिचय दिया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व के सामने आंतरिक सामंजस्य बनाए रखने की चुनौती बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी टीबी जयचंद्र जैसे सात बार विधायक रहे नेताओं की खुली नाराज़गी में है — जो संकेत देती है कि कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट वितरण महज़ संख्याओं का खेल नहीं, बल्कि जाति-समुदाय समीकरणों की जटिल राजनीति है। सरकार गठन के सिर्फ दो महीने में इस स्तर का असंतोष यह सवाल उठाता है कि क्या नेतृत्व ने वरिष्ठ नेताओं से पर्याप्त परामर्श किया। अगले विधानसभा चुनाव से पहले यह दरार छोटी लग सकती है, लेकिन उपेक्षित नेताओं के समर्थक आधार को नज़रअंदाज़ करना पार्टी के लिए महंगा पड़ सकता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में कितने नए मंत्री बनाए गए?
कर्नाटक सरकार के गठन के करीब 2 महीने बाद हुए कैबिनेट विस्तार में 20 नए मंत्री शामिल किए गए। इस विस्तार के बाद कई वरिष्ठ नेताओं में असंतोष उभरा है।
एमएलसी राजेंद्र राजन्ना ने मंत्री पद न मिलने पर क्या कहा?
राजन्ना ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कैबिनेट विस्तार में उनके नाम पर विचार होगा, लेकिन पार्टी ने अलग फैसला लिया है और वे उसका पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री, केपीसीसी अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय ही अंतिम है।
टीबी जयचंद्र ने कर्नाटक कैबिनेट विस्तार पर क्या आपत्ति जताई?
सात बार विधायक रहे और दिल्ली में कर्नाटक सरकार के विशेष प्रतिनिधि टीबी जयचंद्र ने कहा कि वरिष्ठ और ईमानदार नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है और वे इससे दुखी हैं। उनके समर्थक कथित तौर पर उनके इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।
कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट विस्तार को लेकर असंतोष क्यों है?
कैबिनेट में जगह न मिलने से कई वरिष्ठ नेताओं में नाराज़गी है, जिन्हें और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि उन्हें मंत्री पद मिलेगा। आलोचकों का कहना है कि कुछ जिलों और समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
राजन्ना ने अपने बयान को लेकर क्या सफाई दी?
राजन्ना ने कहा कि वे हमेशा सीधी और सच्ची बात करने वाले व्यक्ति हैं और उनके बयान का कोई और मतलब निकालने की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले चुनावों को देखते हुए पार्टी को मज़बूत करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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