रक्षा मंत्री का बयान: आधुनिक युद्ध के लिए सशक्त सेना और सजग नागरिकों की आवश्यकता है
सारांश
Key Takeaways
- आधुनिक युद्ध आर्थिक, डिजिटल और खाद्य सुरक्षा से प्रभावित है।
- सशक्त सेना और सजग नागरिकों की आवश्यकता है।
- मौजूदा चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक दृढ़ता जरूरी है।
- सरकार ने 100 नए सैनिक स्कूल बनाने का निर्णय लिया है।
- एनसीसी में कैडेट्स की संख्या बढ़ाई गई है।
देहरादून, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि आज का युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, इसमें आर्थिक, डिजिटल, ऊर्जा, और यहाँ तक कि खाद्य सुरक्षा भी शामिल है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा के लिए एक सक्षम सेना और सजग नागरिकों की आवश्यकता है, जो किसी भी स्थिति में एकजुट होकर खड़े रह सकें।
राजनाथ सिंह ने शनिवार को उत्तराखंड के घोड़ाखाल में सैनिक स्कूल के स्थापना दिवस और हीरक जयंती समारोह में वर्चुअल संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि अब संघर्षों का स्वरूप पूरी तरह से बदल चुका है। किसी भी राष्ट्र को आर्थिक, साइबर, अंतरिक्ष, और सूचना युद्ध के माध्यम से कमजोर किया जा सकता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को हमेशा सतर्क और तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, "तैयार रहने का मतलब यह नहीं है कि आप केवल युद्ध के लिए तैयार रहें, बल्कि आपको हर परिस्थिति का सामना करने के लिए सक्षम होना चाहिए। यह मानसिक दृढ़ता की तैयारी है, ताकि आप मुश्किल समय में संयम बनाए रख सकें। यह बौद्धिक स्पष्टता की तैयारी है, ताकि आप सही और गलत में अंतर कर सकें।"
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार रक्षा बलों को आधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस करने का कार्य कर रही है। इसके साथ ही, उन्होंने युवाओं से अनुशासन और दृढ़ संकल्प के माध्यम से मानसिक मजबूती और बौद्धिक स्पष्टता विकसित करने का आग्रह किया।
वीयूसीए (अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और अस्पष्ट) के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए वीयूसीए का अपना संस्करण विकसित करें, जिसमें दूरदर्शिता, समझ, साहस और अनुकूलन क्षमता शामिल हो।
उन्होंने बताया कि सरकार ने देशभर में 100 नए सैनिक स्कूल बनाने का निर्णय लिया है। यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत होगा।
उन्होंने कहा, "एक और पहल में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) में कैडेट्स की संख्या बढ़ाना शामिल है। पहले एनसीसी में 17 लाख कैडेट्स के प्रवेश की क्षमता थी, जिसे अब बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया है।"
रक्षा मंत्री ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश के फैसले को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताया, जिससे नारी शक्ति को मजबूती मिलेगी। ये लड़कियां भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊचाइयों को छूने में सक्षम होंगी।
घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की 60 वर्ष की सेवा पर छात्रों, संकाय, पूर्व छात्रों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि छात्र अनुशासन और समर्पण के उच्चतम मानकों को बनाए रखेंगे, जिससे उनके परिवार, संस्थान और देश को गर्व होगा।