क्या मोदी सरकार का 11 साल का कार्यकाल राष्ट्र निर्माण की मिसाल है? : बांसुरी स्वराज

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क्या मोदी सरकार का 11 साल का कार्यकाल राष्ट्र निर्माण की मिसाल है? : बांसुरी स्वराज

सारांश

क्या मोदी सरकार के 11 साल का कार्यकाल वास्तव में राष्ट्र निर्माण की मिसाल साबित हुआ है? जानिए बांसुरी स्वराज के विचार और भारत के सम्मान और विकास की कहानी।

मुख्य बातें

मोदी सरकार का 11 साल का कार्यकाल विकास और आत्मसम्मान का प्रतीक है।
सुरक्षा और कूटनीति में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।
भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में उभरा है।
कोविड महामारी के दौरान भारत ने वैश्विक सहयोग किया।
नक्सलवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए हैं।

नई दिल्ली, 20 जून (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल की व्याख्या की। उन्होंने सरकार के कार्यकाल को "राष्ट्र के मूल निर्माण का दौर" बताया। बांसुरी स्वराज ने कहा कि आज विदेशों में भारत की धाक बढ़ी है। भारतीय नागरिकों को अन्य देशों में आज सम्मान की नजरों से देखा जाता है। भारत में हुए विकास की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ी क्रांति आई है।

बांसुरी स्वराज ने कहा, "2014 से पहले कश्मीर में तिरंगा फहराना भी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। आज हम गर्व से देख सकते हैं कि चिनाब ब्रिज जैसे विशाल निर्माण कार्य पूरे हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां तिरंगा लेकर नजर आए। ये सिर्फ विकास के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि भारत के आत्मसम्मान और मनोबल के भी प्रतीक हैं।"

मोदी सरकार की सुरक्षा नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने 2026 तक भारत को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त करने का लक्ष्य रखा है और अब तक 60 से अधिक जिले नक्सलवाद से मुक्त हो चुके हैं। बांसुरी स्वराज ने आतंकवाद के खिलाफ सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति को भी रेखांकित किया।

भाजपा सांसद ने कहा, "जब-जब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद ने भारत पर हमला किया, तब-तब हमारी सेनाओं ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उसका मुंहतोड़ जवाब दिया। चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या हाल ही में सफल हुआ ऑपरेशन सिंदूर, भारत ने दिखाया है कि हम अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करते।"

बांसुरी स्वराज ने हाल में हुई कूटनीतिक पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने राजनीतिक विचारधाराओं की भिन्नता को पीछे छोड़ते हुए सभी दलों के सांसदों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए विदेश भेजा। उन्होंने कहा, "हर सांसद ने भारत की एकता की बात की। ये हमारे लिए एक बड़ी खुशी है।"

कोविड महामारी के समय मोदी सरकार की नीति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने कई देशों को मुफ्त वैक्सीन भेजी, जो उन देशों के लिए संजीवनी बूटी साबित हुई। प्रेस वार्ता के अंत में बांसुरी स्वराज ने कहा कि "पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सिर्फ विकास नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार शक्ति के रूप में उभर रहा है। 11 सालों में जो कुछ भी बदला है, वो सिर्फ नीतियां नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास और दृष्टिकोण का बदलाव है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह मानता हूँ कि मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल ने न केवल भारत की आंतरिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश की छवि को उजागर किया है। यह केवल नीतियों का परिवर्तन नहीं, बल्कि भारतीय आत्मविश्वास का भी एक नया अध्याय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल की खास बातें क्या हैं?
मोदी सरकार के कार्यकाल में सुरक्षा, विकास, और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।
क्या मोदी सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ कोई कदम उठाए हैं?
हां, मोदी सरकार ने 2026 तक नक्सलवाद से भारत को मुक्त करने का लक्ष्य रखा है।
भारत की विदेश नीति में क्या बदलाव आया है?
भारत ने सभी राजनीतिक विचारधाराओं को पीछे छोड़कर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एकता की बात की है।
कोविड महामारी के दौरान भारत ने क्या कदम उठाए?
भारत ने कई देशों को मुफ्त वैक्सीन भेजी, जो उनकी स्वास्थ्य प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई।
मोदी सरकार की सुरक्षा नीति क्या है?
मोदी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति ने आतंकवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस