6 अगस्त 2026
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मोहन भागवत के 'जेन जी संवाद' पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी बोले — युवाओं से सीधे संवाद का स्वागत

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मोहन भागवत के 'जेन जी संवाद' पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी बोले — युवाओं से सीधे संवाद का स्वागत

सारांश

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक साथ चार बड़े मुद्दों पर बयान दिए — मोहन भागवत की युवा-संवाद पहल का समर्थन, एफसीआरए बिल को देशहित में ज़रूरी बताना, मेटा की माफी को निंदनीय घटना का नतीजा कहना और बंगाल में लाउडस्पीकर कार्रवाई को समान व उचित ठहराना।

मुख्य बातें

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने 6 अगस्त को पटना में सरसंघचालक मोहन भागवत के 'जेन जी संवाद' कार्यक्रम को 'स्वागत योग्य कदम' बताया।
सरावगी ने एफसीआरए विधेयक को देशहित में अत्यंत आवश्यक बताते हुए केंद्र सरकार से इसे शीघ्र पारित कराने की अपील की।
मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग द्वारा लिखित माफी को सरावगी ने स्वीकार किया, लेकिन प्रधानमंत्री का वीडियो बंद किए जाने की घटना को 'घोर निंदनीय' करार दिया।
पश्चिम बंगाल में ध्वनि प्रदूषण बोर्ड द्वारा मंदिर, मस्जिद और अन्य सभी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने को सरावगी ने 'समान कार्रवाई' बताया।
सरावगी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तुष्टिकरण की नीति के कारण पहले यह कार्रवाई न होने का आरोप लगाया।

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने 6 अगस्त 2026 को पटना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के 'जेन जी संवाद' कार्यक्रम को 'स्वागत योग्य कदम' करार दिया। सरावगी ने कहा कि युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद की यह पहल देश के लिए आवश्यक है।

जेन जी संवाद पर सरावगी का स्वागत

सरावगी ने कहा, 'सरसंघचालक जी ने कहा है कि छात्रों से सीधा संवाद होना चाहिए। आपने देखा, पूरे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी सीधे वीडियो संदेश के माध्यम से नौजवानों और छात्रों से संवाद किया था। अब सरसंघचालक भी कह रहे हैं। यह स्वागत योग्य कदम है। यह होना चाहिए।' उन्होंने इस पहल को युवा पीढ़ी से जुड़ाव की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया।

एफसीआरए विधेयक पर भाजपा का रुख

बिहार भाजपा अध्यक्ष ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक — जिसे एफसीआरए बिल कहा जा रहा है — को देशहित में बताते हुए इसे शीघ्र पारित कराने की वकालत की। सरावगी ने कहा, 'यह कई सालों से लटका हुआ है। धर्मांतरण के लिए विदेशी पैसे से प्रोत्साहन दिया जाता था, जो देशहित में नहीं है। विदेशी शक्तियाँ पैसा देकर यहाँ देश-विरोधी काम कराती थीं, जिसके कारण यह विधेयक अत्यंत महत्वपूर्ण है।' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस विधेयक को पारित कराने की दिशा में सक्रिय है।

मेटा और जुकरबर्ग की माफी पर प्रतिक्रिया

मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग की ओर से माफी मांगे जाने पर सरावगी ने कहा कि यह घटना 'घोर निंदनीय और आपत्तिजनक' थी। उन्होंने कहा, 'देश के प्रधानमंत्री का वीडियो कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। मेटा के मालिक ने लिखित रूप से माफी माँगी है और बताया है कि किस प्रकार पैसे लेकर कुछ कंटेंट को अधिक प्रचारित किया गया।' सरावगी ने मेटा को बुलाकर पूरी जानकारी साझा किए जाने की बात भी कही।

बंगाल में लाउडस्पीकर कार्रवाई पर टिप्पणी

पश्चिम बंगाल में मस्जिदों सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने के मुद्दे पर सरावगी ने कहा कि यह कार्रवाई ध्वनि प्रदूषण बोर्ड ने समान रूप से सभी धार्मिक स्थलों पर की है। उन्होंने कहा, 'तेज़ आवाज़ के कारण बुजुर्गों और छात्रों को भारी कठिनाई होती थी। मंदिर, मस्जिद और अन्य सभी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए गए हैं।' उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की नीति के चलते पहले यह कार्रवाई नहीं हो पाई थी।

आगे क्या

सरावगी के इन बयानों से स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) एफसीआरए विधेयक को संसद में प्राथमिकता के साथ पारित कराने की रणनीति पर काम कर रही है। साथ ही, संघ और भाजपा की युवा-केंद्रित संवाद पहल आगामी चुनावी मौसम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें संघ और सरकार दोनों मिलकर युवा मतदाताओं तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। एफसीआरए बिल पर उनका आग्रह यह भी संकेत देता है कि संसद के आगामी सत्र में यह विधेयक भाजपा की प्राथमिकता सूची में ऊपर है। बंगाल के लाउडस्पीकर मुद्दे पर 'समान कार्रवाई' का तर्क राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन यह देखना ज़रूरी होगा कि ज़मीन पर यह कार्रवाई वास्तव में समान रही या नहीं — यही वह सवाल है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत का 'जेन जी संवाद' कार्यक्रम क्या है?
'जेन जी संवाद' RSS सरसंघचालक मोहन भागवत की वह पहल है जिसमें वे सीधे युवाओं और छात्रों से संवाद करते हैं। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवा-संवाद परंपरा का विस्तार बताते हुए स्वागत किया है।
एफसीआरए विधेयक क्या है और भाजपा इसे क्यों ज़रूरी मान रही है?
एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) संशोधन विधेयक विदेशी धन के ज़रिए होने वाली गतिविधियों को नियंत्रित करने से जुड़ा है। सरावगी के अनुसार, यह विधेयक धर्मांतरण के लिए विदेशी वित्तपोषण रोकने और देश-विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने किस बात पर माफी माँगी?
मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने लिखित रूप से माफी माँगी है। सरावगी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म पर बंद कर दिया गया था, जिसे 'घोर निंदनीय' बताया गया। जुकरबर्ग ने यह भी स्वीकार किया कि पैसे लेकर कुछ कंटेंट को अधिक प्रचारित किया गया था।
पश्चिम बंगाल में लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई किसने की और क्यों?
सरावगी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के ध्वनि प्रदूषण बोर्ड ने मंदिर, मस्जिद और अन्य सभी धार्मिक स्थलों से तेज़ आवाज़ वाले लाउडस्पीकर हटाए हैं। यह कार्रवाई ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों और छात्रों को होने वाली कठिनाई के मद्देनज़र की गई बताई जा रही है।
बिहार भाजपा अध्यक्ष ने TMC सरकार पर क्या आरोप लगाए?
संजय सरावगी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौरान आम जनता को कठिनाई होने के बावजूद लाउडस्पीकर नहीं हटाए गए थे। उनके अनुसार, अब समान नियम सभी धर्मों पर लागू किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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