5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव का निर्देश — किसानों को खाद न मिले तो कलेक्टर होंगे जिम्मेदार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव का निर्देश — किसानों को खाद न मिले तो कलेक्टर होंगे जिम्मेदार

सारांश

रबी सीजन की दस्तक के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कर दिया — खाद न मिली तो कलेक्टर जवाब देंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में एक साथ खाद आपूर्ति, फसल सर्वे, दिवाली प्रबंधन और नशा विरोधी अभियान की समीक्षा की गई।

मुख्य बातें

सीएम मोहन यादव ने 4 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए कलेक्टरों को किसानों को खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खाद न मिलने पर जिला कलेक्टर को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा — मुख्यमंत्री कार्यालय का बयान।
12 जिलों में सामान्य से कम बारिश के कारण फसल नुकसान का सर्वे 'अनवारी' आँकड़ों के बाद कराने के आदेश।
दिवाली के दौरान प्रतिबंधित पटाखों, कार्बाइड गन और हानिकारक लैंपों पर रोक; छोटे विक्रेताओं को वेंडिंग शुल्क से छूट ।
9 नवंबर को पूरे राज्य में गोवर्धन पूजा ; भोपाल में बड़ा आयोजन।
पुलिस और आबकारी अधिकारियों को अवैध शराब व नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 नवंबर 2026 को सभी जिला कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चालू कृषि सीजन में किसानों को खाद की निर्बाध और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए — और इसमें चूक हुई तो सीधी जिम्मेदारी कलेक्टर की होगी। भोपाल स्थित सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित करते हुए यादव ने पूरी प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट मोड पर रहने का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, यादव ने कहा, 'किसानों को खाद या अन्य जरूरी चीजें पाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसी कोई समस्या आती है, तो इसके लिए कलेक्टर्स जिम्मेदार होंगे।' यह बयान उस समय आया है जब रबी सीजन की शुरुआत में खाद की उपलब्धता किसानों के लिए अहम होती है।

बैठक में कृषि विभाग के सचिव ने अधिकारियों को बताया कि राज्य में खाद की आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है। बावजूद इसके, मुख्यमंत्री ने एहतियाती निर्देश जारी करना ज़रूरी समझा।

फसल नुकसान सर्वे के निर्देश

यादव ने अधिकारियों को 12 जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराने का आदेश दिया, जहाँ इस वर्ष सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सर्वे 'अनवारी' (फसल पैदावार आकलन) के आँकड़े आने के बाद किया जाए और पात्र किसानों को सरकारी राहत योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।

दिवाली और गोवर्धन पूजा की तैयारियाँ

मुख्यमंत्री ने दिवाली की तैयारियों की भी समीक्षा की। कलेक्टर्स और पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया गया कि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाए और प्रतिबंधित पटाखों, कार्बाइड गन तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक लैंपों के उपयोग पर रोक लगाई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारी मौसम में फल, फूल, मिट्टी के दीये, रुई की बत्तियाँ और सजावटी सामान बेचने वाले छोटे व्यापारियों को स्थानीय वेंडिंग शुल्क से छूट दी जाए और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। 9 नवंबर को पूरे राज्य में गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भोपाल में एक बड़ा कार्यक्रम होगा।

नशा और अवैध शराब पर सख्ती

नशा विरोधी अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस और आबकारी अधिकारियों को अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शराब ले जाने वाले वाहनों की भौतिक जाँच की जाए और लाइसेंस प्राप्त दुकानों से नियमित रूप से नमूने लिए जाएँ।

इसके साथ ही उन्होंने गाँजा और अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने, नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, बस स्टैंडों तथा रेलवे स्टेशनों के आसपास निगरानी बढ़ाने का आह्वान किया। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी मौसम में नशाखोरी की घटनाएँ बढ़ने की आशंका रहती है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की इस समीक्षा बैठक से स्पष्ट है कि राज्य सरकार का ध्यान कृषि राहत, त्योहारी प्रबंधन और कानून-व्यवस्था — तीनों पर एक साथ है। 12 जिलों में सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित किसानों को राहत राशि और अन्य लाभ दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या आपूर्ति-श्रृंखला की निगरानी के लिए कोई ठोस तंत्र है या यह केवल निर्देश की औपचारिकता है। कृषि सचिव का यह कहना कि 'कोई समस्या नहीं है', और उसी बैठक में मुख्यमंत्री का सख्त चेतावनी देना — यह विरोधाभास उजागर करता है कि ज़मीनी हकीकत और आधिकारिक दावों के बीच की खाई को लेकर सरकार खुद भी आश्वस्त नहीं है। 12 जिलों में फसल सर्वे की घोषणा सही दिशा में कदम है, पर 'अनवारी के बाद सर्वे' की शर्त राहत में देरी का कारण भी बन सकती है — जबकि किसान को नुकसान अभी हो रहा है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम मोहन यादव ने कलेक्टरों को खाद को लेकर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 नवंबर 2026 को स्पष्ट कहा कि किसानों को खाद पाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और अगर ऐसी समस्या आती है तो इसके लिए जिला कलेक्टर सीधे जिम्मेदार माने जाएँगे। यह निर्देश चालू कृषि सीजन को ध्यान में रखते हुए भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए दिए गए।
मध्य प्रदेश के किन 12 जिलों में फसल नुकसान सर्वे होगा?
मुख्यमंत्री ने उन 12 जिलों में फसल नुकसान सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं जहाँ इस वर्ष सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। यह सर्वे 'अनवारी' यानी फसल पैदावार आकलन के आँकड़े आने के बाद किया जाएगा और पात्र किसानों को सरकारी राहत योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। सरकार ने अभी जिलों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।
क्या मध्य प्रदेश में खाद की कमी है?
कृषि विभाग के सचिव ने बैठक में बताया कि राज्य में खाद की आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है। हालाँकि मुख्यमंत्री ने एहतियाती तौर पर कलेक्टरों को अलर्ट रहने और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दिवाली के दौरान सरकार ने क्या प्रतिबंध और सुविधाएँ घोषित कीं?
सरकार ने प्रतिबंधित पटाखों, कार्बाइड गन और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक लैंपों के उपयोग पर रोक का आदेश दिया है। साथ ही दीये, फूल, फल और सजावटी सामान बेचने वाले छोटे व्यापारियों को स्थानीय वेंडिंग शुल्क से छूट देने की घोषणा की गई है।
गोवर्धन पूजा का आयोजन कब और कहाँ होगा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि 9 नवंबर 2026 को पूरे मध्य प्रदेश में गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाएगा। भोपाल में एक बड़ा कार्यक्रम होगा और जिला प्रशासन को गौशालाओं में गो-पूजा कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले