मध्य प्रदेश: सीएम मोहन यादव का निर्देश — किसानों को खाद न मिले तो कलेक्टर होंगे जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 4 नवंबर 2026 को सभी जिला कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चालू कृषि सीजन में किसानों को खाद की निर्बाध और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए — और इसमें चूक हुई तो सीधी जिम्मेदारी कलेक्टर की होगी। भोपाल स्थित सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को संबोधित करते हुए यादव ने पूरी प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट मोड पर रहने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, यादव ने कहा, 'किसानों को खाद या अन्य जरूरी चीजें पाने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसी कोई समस्या आती है, तो इसके लिए कलेक्टर्स जिम्मेदार होंगे।' यह बयान उस समय आया है जब रबी सीजन की शुरुआत में खाद की उपलब्धता किसानों के लिए अहम होती है।
बैठक में कृषि विभाग के सचिव ने अधिकारियों को बताया कि राज्य में खाद की आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है। बावजूद इसके, मुख्यमंत्री ने एहतियाती निर्देश जारी करना ज़रूरी समझा।
फसल नुकसान सर्वे के निर्देश
यादव ने अधिकारियों को 12 जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराने का आदेश दिया, जहाँ इस वर्ष सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सर्वे 'अनवारी' (फसल पैदावार आकलन) के आँकड़े आने के बाद किया जाए और पात्र किसानों को सरकारी राहत योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
दिवाली और गोवर्धन पूजा की तैयारियाँ
मुख्यमंत्री ने दिवाली की तैयारियों की भी समीक्षा की। कलेक्टर्स और पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया गया कि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाए और प्रतिबंधित पटाखों, कार्बाइड गन तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक लैंपों के उपयोग पर रोक लगाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारी मौसम में फल, फूल, मिट्टी के दीये, रुई की बत्तियाँ और सजावटी सामान बेचने वाले छोटे व्यापारियों को स्थानीय वेंडिंग शुल्क से छूट दी जाए और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। 9 नवंबर को पूरे राज्य में गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भोपाल में एक बड़ा कार्यक्रम होगा।
नशा और अवैध शराब पर सख्ती
नशा विरोधी अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस और आबकारी अधिकारियों को अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शराब ले जाने वाले वाहनों की भौतिक जाँच की जाए और लाइसेंस प्राप्त दुकानों से नियमित रूप से नमूने लिए जाएँ।
इसके साथ ही उन्होंने गाँजा और अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने, नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने और स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, बस स्टैंडों तथा रेलवे स्टेशनों के आसपास निगरानी बढ़ाने का आह्वान किया। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी मौसम में नशाखोरी की घटनाएँ बढ़ने की आशंका रहती है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की इस समीक्षा बैठक से स्पष्ट है कि राज्य सरकार का ध्यान कृषि राहत, त्योहारी प्रबंधन और कानून-व्यवस्था — तीनों पर एक साथ है। 12 जिलों में सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित किसानों को राहत राशि और अन्य लाभ दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।