दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी तेज़: बिहार, झारखंड, गुजरात, MP से विदाई; अगले 2-3 दिन और राज्य मुक्त होंगे
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अक्टूबर 2026 को जारी अपने ताज़ा पूर्वानुमान में बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तर भारत के शेष हिस्सों के साथ-साथ समूचे गुजरात और मध्य प्रदेश तथा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से वापसी कर ली है। विभाग के अनुसार अगले 2-3 दिनों के दौरान मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल बनी रहने की संभावना है, जिससे और अधिक राज्य इस मौसम प्रणाली से मुक्त हो सकते हैं।
मानसून वापसी की वर्तमान रेखा
IMD के अनुसार, मानसून वापसी की रेखा शनिवार को 27.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश / 86.5 डिग्री पूर्वी देशांतर से होते हुए सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई को जोड़ते हुए 17.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश / 71.8 डिग्री पूर्वी देशांतर तक बनी हुई है। यह रेखा प्रतिदिन बदलती है और दर्शाती है कि देश के किन हिस्सों से मानसून आधिकारिक रूप से विदा हो चुका है।
गौरतलब है कि मानसून की वापसी सामान्यतः सितंबर के पहले सप्ताह में राजस्थान से शुरू होती है और अक्टूबर के मध्य तक पूरे देश से विदा हो जाती है। इस वर्ष की वापसी की गति IMD के सामान्य कार्यक्रम के अनुरूप है।
अगले 2-3 दिनों में कहाँ-कहाँ होगी विदाई
IMD ने बताया कि आने वाले 2-3 दिनों में मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार और झारखंड के अधिकांश हिस्सों, मध्य महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों तथा तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आगे वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होने की संभावना है।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में अभी भी भारी बारिश जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान त्रिपुरा में 7 से 11 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई। 3 अक्टूबर को असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
दक्षिण और मध्य भारत में बारिश का पूर्वानुमान
4 से 6 अक्टूबर के दौरान केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी वर्षा का अनुमान है।
मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 और 9 अक्टूबर, पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 9 अक्टूबर तथा छत्तीसगढ़ में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश संभव है। छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चलने के साथ गरज-चमक की भी संभावना जताई गई है।
उत्तर भारत में हल्की बारिश और तेज़ हवाओं का अनुमान
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 6 से 9 अक्टूबर तक हल्की बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान हल्की वर्षा हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 6 से 8 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है, जबकि 9 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में व्यापक वर्षा की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर और उत्तराखंड में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज़ हवाओं के साथ गरज-बारिश की संभावना जताई गई है।
सक्रिय मौसम प्रणालियाँ और आगे की स्थिति
IMD के अनुसार, इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में कई मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं। पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिम-मध्य अरब सागर, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में भी चक्रवाती परिसंचरण मौजूद हैं।
कोमोरिन और आसपास के क्षेत्र तथा दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के पास भी चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से उत्तर गुजरात तक मध्य क्षोभमंडल में एक ट्रफ (द्रोणिका) भी बनी हुई है।
IMD ने स्पष्ट किया है कि मानसून की वापसी के बावजूद इन सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। यानी मानसून के जाने के बाद भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं होगा।