मध्य प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा ने नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा की
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं की भागीदारी को सशक्त करना।
- नए पदाधिकारियों की नियुक्ति।
- महिला सशक्तिकरण की योजनाएं।
- राज्य स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल।
- मतदाता संख्या में वृद्धि का लक्ष्य।
भोपाल, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव करते हुए नए राज्य पदाधिकारियों की नियुक्ति की जानकारी दी।
राज्य भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से, राज्य महिला मोर्चा की अध्यक्ष अश्विनी परांजपे राजवाडे ने इन नियुक्तियों की औपचारिक घोषणा की।
राज्य भर में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जिलों में कई पदों पर नियुक्तियाँ की गई हैं।
प्रमुख नियुक्तियों में जबलपुर से नीलिमा शिंदे, पन्ना से आशा गुप्ता, देवास से माया पटेल, शहडोल से शालिनी सरावगी, बड़वानी से अंजना पटेल, अशोकनगर से विभा श्रीवास्तव और सागर से सुप्रीति जाडिया शामिल हैं।
महासचिव के पद पर सिवनी से ज्योति सिंह राजपूत, सतना से सपना वर्मा और राजगढ़ से मोना सुस्तानी कार्य करेंगी।
मंत्रियों में मंडला से शशि पटेल, जबलपुर से सुख्बू गुप्ता, डिंडोरी से रीना डोडिया, बैतूल से ममता मालवीय, जबलपुर से अंजलि रायजादा, खंडवा से चारुलता यादव, सिंगरौली से सीमा जायसवाल और उज्जैन से प्रमिला यादव शामिल हैं।
कोषाध्यक्ष के रूप में इंदौर से सीए निधि बेंग और जबलपुर से अर्चना अग्रवाल का नाम शामिल है, जबकि सह कोषाध्यक्ष रीवा से पूर्णिमा तिवारी होंगी।
कार्यालय मंत्रियों में भोपाल से भावना सिंह और विमला तिवारी तथा नर्मदापुरम से ललिता पुरिया शामिल हैं।
मीडिया प्रभारी के रूप में खंडवा से हर्षा ठाकुर, सतना से प्रियंका उरमलिया और नरसिंहपुर से स्मृति जैन कार्य करेंगी।
सोशल मीडिया के प्रभारियों में जबलपुर से सारिका उपाध्याय और भोपाल से भयानी सिंह ठाकुर शामिल हैं।
आईटी प्रभारी के रूप में इंदौर से सुप्री सुधा सूर्यवंशी, भोपाल से रश्मी पांडे और जबलपुर से किरण भटोरिया कार्य करेंगी।
नीति एवं अनुसंधान के प्रभारियों में भोपाल से साध्वी भारद्वाज, सीधी से सुमन सिंह और सागर से इंदु चौधरी शामिल हैं।
प्रशिक्षण के प्रभारियों में इंदौर नगर से शिवानी अदासपुरकर, नरसिंहपुर से वंदना आर्य और शाजापुर से वेताना शर्मा का नाम शामिल है।
इन नियुक्तियों का मुख्य उद्देश्य हर स्तर पर महिला नेताओं को सशक्त बनाना और महिला मतदाताओं तक पहुँच को बढ़ाना है।
नवंबर 2025 में पदभार ग्रहण करने के बाद से, राज्य भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने लाडली बहना योजना जैसी महिला सशक्तिकरण की प्रमुख योजनाओं और जमीनी स्तर पर लामबंदी पर जोर दिया है।