वैष्णो देवी मॉडल अपनाएगा मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने जम्मू में किया ऐलान, उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए ₹30,000 करोड़ की परियोजनाएं
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 29 मई को जम्मू में मीडिया से बातचीत में बताया कि राज्य सरकार माता वैष्णो देवी धाम की प्रबंधन प्रणाली का विस्तृत अध्ययन कर रही है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और श्रद्धालु-सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देना है। धाम के लिए रवाना होने से पूर्व दिए गए इस बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल इस अध्ययन-कार्य में सीधे तौर पर लगा हुआ है।
अध्ययन में क्या शामिल है
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल को वैष्णो देवी धाम की डिजिटल पंजीकरण प्रणाली, भीड़ नियंत्रण उपाय, आवास सुविधाएं और सुव्यवस्थित दर्शन प्रबंधन का गहन अध्ययन करने का दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने कहा, 'वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं के लिए एक सुव्यवस्थित और सेवा-उन्मुख व्यवस्था बनाई है। दर्शन व्यवस्था के साथ-साथ यह शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवा संस्थान भी संचालित कर रहा है।'
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़-प्रबंधन की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। गौरतलब है कि जनवरी 2025 में प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़ की घटना के बाद तीर्थस्थलों पर भीड़ नियंत्रण राष्ट्रीय नीति-विमर्श के केंद्र में आ गया है।
मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अध्ययन से उज्जैन के महाकाल मंदिर, ओंकारेश्वर धाम और धार की भोजशाला सहित राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य देश भर की सफल प्रणालियों को अपनाकर मध्य प्रदेश को तीर्थयात्रियों के लिए एक आदर्श गंतव्य के रूप में विकसित करना है।
सिंहस्थ 2028 और ओंकारेश्वर के लिए बड़े निवेश
धार्मिक अवसंरचना की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि 2028 के सिंहस्थ पर्व के लिए उज्जैन में लगभग ₹30,000 करोड़ की विकास परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इसके अतिरिक्त, ओंकारेश्वर में एकतम धाम परियोजना पर लगभग ₹3,000 करोड़ की अनुमानित लागत से काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
जम्मू-कश्मीर पर्यटन अधिकारियों से चर्चा
अपने जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने राज्य के पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ तीर्थयात्रा प्रबंधन और पर्यटन अवसंरचना पर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया। यह दौरा दोनों राज्यों के बीच धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को भी उजागर करता है।
आगे क्या
प्रतिनिधिमंडल के अध्ययन के बाद राज्य सरकार वैष्णो देवी मॉडल के अनुकूल तत्वों को मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर लागू करने की योजना तैयार करेगी। सिंहस्थ 2028 की समयसीमा को देखते हुए, अगले कुछ महीनों में ठोस प्रशासनिक खाका सामने आने की उम्मीद है।