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मध्य प्रदेश में वीबी-जी राम-जी मिशन लॉन्च: ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन की रोजगार गारंटी

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मध्य प्रदेश में वीबी-जी राम-जी मिशन लॉन्च: ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन की रोजगार गारंटी

सारांश

मध्य प्रदेश ने 2 जुलाई को जबलपुर से वीबी-जी राम-जी मिशन लॉन्च किया — ग्रामीणों को 125 दिन की रोजगार गारंटी, डिजिटल निगरानी और पारदर्शी भुगतान के साथ। राष्ट्रीय शुभारंभ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश ने 2 जुलाई 2026 को जबलपुर में वीबी-जी राम-जी मिशन का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया।
मिशन के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी दी जाएगी।
डिजिटल कार्यान्वयन , पारदर्शी भुगतान प्रणाली और प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी मिशन की प्रमुख विशेषताएँ हैं।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल और राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय शुभारंभ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गाँव से किया।
राज्य के सभी जिलों में समानांतर कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए गए।

मध्य प्रदेश सरकार ने 2 जुलाई 2026 को जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के साथ विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण), जिसे वीबी-जी राम-जी मिशन कहा जा रहा है, का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी दिन राज्य के सभी जिलों में समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं ने बड़ी संख्या में भागीदारी की।

मुख्य घटनाक्रम

जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, जन प्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे। राष्ट्रीय स्तर पर इस मिशन का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गाँव से किया।

मिशन की प्रमुख विशेषताएँ

अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी दी जाएगी। मिशन की अन्य विशेषताओं में डिजिटल कार्यान्वयन, पारदर्शी भुगतान प्रणाली, प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी और ग्राम स्तरीय योजना निर्माण शामिल हैं। कई स्थानों पर प्रदर्शनियाँ और सूचना केंद्र भी स्थापित किए गए।

मंत्री पटेल ने कहा कि यह मिशन 'प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता का अनूठा संगम' है, जो सुशासन को मजबूत करेगा और राष्ट्र निर्माण में जन भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा।

सरकार का उद्देश्य

राज्य सरकार के अनुसार, इस मिशन का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक रोजगार के अवसर सृजित करना, आजीविका को सुदृढ़ करना और टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियों का विकास करना है। पटेल ने यह भी कहा कि केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार दोनों मिलकर गाँवों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में काम कर रही हैं।

ज़मीनी भागीदारी

जिला प्रशासन ने राज्यभर में शुभारंभ कार्यक्रम, जनसभाएँ और जागरूकता अभियान आयोजित किए। मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और जन प्रतिनिधियों ने इन कार्यक्रमों में भाग लेकर मिशन के उद्देश्यों और लाभों की जानकारी दी। राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का सभी जिलों में सीधा प्रसारण भी किया गया।

आगे की राह

यह मिशन ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण रोजगार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज है। गौरतलब है कि डिजिटल निगरानी और पारदर्शी भुगतान प्रणाली जैसे प्रावधान इसे पारंपरिक ग्रामीण रोजगार योजनाओं से अलग बनाने का प्रयास करते हैं। मिशन का वास्तविक प्रभाव ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन की गति और निगरानी तंत्र की सक्रियता पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ग्रामीण रोजगार गारंटी की अवधारणा दशकों पुरानी है — और इसकी सफलता हमेशा क्रियान्वयन की गुणवत्ता पर टिकी रही है। 125 दिनों की गारंटी और डिजिटल निगरानी जैसे प्रावधान सकारात्मक हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ग्राम स्तर पर प्रशासनिक क्षमता इस महत्वाकांक्षा के अनुरूप है। मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में, जहाँ ग्रामीण आबादी विशाल और विविध है, केवल शुभारंभ समारोहों से परे जाकर ज़मीनी जवाबदेही सुनिश्चित करना ही इस मिशन की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीबी-जी राम-जी मिशन क्या है?
वीबी-जी राम-जी मिशन यानी 'विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)' एक केंद्र-प्रायोजित ग्रामीण रोजगार योजना है, जिसे 2 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च किया गया। इसके तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी, डिजिटल भुगतान और प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी का प्रावधान है।
मध्य प्रदेश में इस मिशन का शुभारंभ कहाँ और किसने किया?
मध्य प्रदेश में राज्य स्तरीय शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को जबलपुर में हुआ, जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि थे। राष्ट्रीय शुभारंभ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गाँव से किया।
इस मिशन से ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?
मिशन के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी। इसके अलावा टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियों का निर्माण, पारदर्शी डिजिटल भुगतान और ग्राम स्तर पर योजना निर्माण में भागीदारी का अवसर भी मिलेगा।
मिशन में प्रौद्योगिकी की क्या भूमिका है?
मिशन में डिजिटल कार्यान्वयन, पारदर्शी भुगतान प्रणाली और प्रौद्योगिकी-आधारित निगरानी को मुख्य स्तंभ बनाया गया है। यह पारंपरिक ग्रामीण रोजगार योजनाओं से इसे अलग करता है और भ्रष्टाचार व देरी को कम करने का दावा करता है।
क्या यह मिशन केवल मध्य प्रदेश तक सीमित है?
नहीं, यह एक राष्ट्रीय मिशन है जिसे 2 जुलाई 2026 को पूरे देश में एक साथ लॉन्च किया गया। मध्य प्रदेश में जबलपुर से राज्य स्तरीय और सभी जिलों में समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि राष्ट्रीय शुभारंभ आंध्र प्रदेश से हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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