महाराष्ट्र में मुहर्रम (आशूरा) शांतिपूर्ण: मुंबई के भिंडी बाजार से नागपुर तक निकले ताजिया जुलूस
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र में 26 जून 2026 को मुहर्रम (आशूरा) का पर्व श्रद्धा, संयम और शांति के वातावरण में संपन्न हुआ। मुंबई, ठाणे, पुणे, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर सहित राज्य के बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक, दोनों प्रमुख मुस्लिम समुदायों ने अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार इस दिन को मनाया। किसी भी स्थान से कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
मुख्य घटनाक्रम
शिया समुदाय ने दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार, डोंगरी और क्रॉफर्ड मार्केट क्षेत्रों में पूर्व-निर्धारित मार्गों पर पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले। काले वस्त्र धारण किए श्रद्धालुओं ने मजलिसों में भाग लेकर कर्बला की लड़ाई में इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। वहीं, सुन्नी समुदाय के लोगों ने रोज़ा रखा, मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की और ज़रूरतमंदों की सहायता की।
स्थानीय परंपरा के अनुसार जुलूस-मार्गों पर जगह-जगह सबील स्थापित की गई, जहाँ लोगों को पानी, दूध और मीठा शरबत वितरित किया गया।
सरकारी अवकाश और आर्थिक प्रभाव
मुहर्रम के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र में सरकारी अवकाश घोषित था, जिसके चलते राज्यभर में व्यावसायिक गतिविधियाँ काफी हद तक स्थगित रहीं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कारोबार नहीं हुआ। सरकारी कार्यालय, नगर निगम, स्कूल, कॉलेज और बैंक शाखाएँ भी बंद रहीं। उल्लेखनीय है कि चौथे शनिवार और रविवार की छुट्टी के साथ जुड़ने से बैंक कर्मचारियों को लगातार तीन दिन का अवकाश मिला।
सुरक्षा व्यवस्था
मुंबई पुलिस के साथ-साथ पुणे और छत्रपति संभाजीनगर की यातायात पुलिस ने दोपहर व शाम के जुलूसों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही वैकल्पिक यातायात मार्ग तय कर लिए थे। सुरक्षाबलों की व्यापक तैनाती की गई ताकि जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हो सकें और आपातकालीन सेवाओं व सार्वजनिक परिवहन पर कोई व्यवधान न पड़े।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया जब सप्ताहांत के साथ मिलकर यह अवकाश एक लंबे सप्ताहांत में बदल गया, जिससे शहरी क्षेत्रों में यातायात और बाज़ार-व्यवस्था पर मिला-जुला असर पड़ा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में मुहर्रम परंपरागत रूप से सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक रहा है, जहाँ विभिन्न समुदायों के लोग सबील पर एकत्र होते हैं।
क्या होगा आगे
मुहर्रम के समापन के साथ राज्य में सोमवार से सामान्य कामकाज बहाल होने की उम्मीद है। BSE और NSE में भी नियमित कारोबार फिर से शुरू होगा। प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण आयोजन को सफल बताया गया है।