29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने करुणा अभियान 2026 के तहत वाइल्ड लाइफ केयर सेंटर का दौरा किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने करुणा अभियान 2026 के तहत वाइल्ड लाइफ केयर सेंटर का दौरा किया?

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने करुणा अभियान 2026 का निरीक्षण किया।
अहमदाबाद में वाइल्ड लाइफ केयर सेंटर की गतिविधियों का अवलोकन किया गया।
इस अभियान में हजारों घायल पक्षियों को उपचार प्रदान किया गया है।

गांधीनगर, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उत्तरायण पर्व के दौरान पतंग की डोर से पक्षियों को घायल होने से रोकने और घायल पक्षियों के उपचार के लिए चल रहे राज्यव्यापी करुणा अभियान के अंतर्गत मंगलवार को वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया के साथ अहमदाबाद के बोड़कदेव क्षेत्र में कार्यरत वाइल्ड लाइफ केयर सेंटर का दौरा किया।

इस दौरे के दौरान उन्होंने वाइल्ड लाइफ केयर सेंटर की विभिन्न गतिविधियों का निरीक्षण किया और वाटर बर्ड्स सेंटर का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख डॉ. एपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तरायण पर्व में घायल पक्षियों को बचाने का यह अभूतपूर्व अभियान है। इस अभियान में अब तक हजारों घायल पक्षियों की जान बचाई गई है। 10 से 20 जनवरी के दौरान चलने वाले इस अभियान को सफल बनाने के लिए पशुपालन विभाग, वन विभाग, महानगर पालिकाएं और विभिन्न स्वैच्छिक संस्थान सहभागी बने हैं।

करुणा अभियान-2026 के अंतर्गत लगभग 728 से अधिक वेटरनरी चिकित्सक और 8620 से अधिक सेवाभावी स्वयंसेवक सेवारत हैं। पूरे राज्य में कुल 1036 से अधिक उपचार केंद्र और कलेक्शन सेंटर भी बनाए गए हैं। इस अभियान के दौरान राज्यभर में पशु क्लीनिक, वेटरनरी पॉलिक्लीनिक और शाखा पशु क्लीनिकों के अलावा मोबाइल पशु क्लीनिक और करुणा एनिमल एंबुलेंस छुट्टी के दिन भी कार्यरत रहेंगे।

राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2017 से शुरू की गई इस करुणामय पहल के चलते अनेक मूक पशु-पक्षियों को नवजीवन मिला है। उत्तरायण जैसे त्योहारों और लोकोत्सवों के दौरान बेजुबान जीवों की चिंता कर उनके उपचार और देखभाल का यह करुणा अभियान गुजरात की अनूठी पहल बन गया है।

पिछले वर्ष करुणा अभियान के अंतर्गत राज्य भर में 12,771 से अधिक पशु-पक्षियों को रेस्क्यू किया गया था, जबकि पिछले 9 वर्षों में इस अभियान के तहत राज्य भर में 1,12,951 पशु-पक्षियों को रेस्क्यू किया गया है, जिनमें से 1,03,874 पशु-पक्षियों को उचित उपचार प्रदान कर बचा लिया गया।

गुजरात द्वारा सर्वप्रथम शुरू किए गए ‘करुणा अभियान’ का आदर्श मॉडल आज पूरे देश के लिए पथप्रदर्शक बन गया है। उत्तरायण पर्व के दौरान पतंग की डोर से कोई बेजुबान पशु या पक्षी घायल न हो, इस बात की सतर्कता के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की प्रेरणा और मार्गदर्शन में 10 से 20 जनवरी के दौरान राज्यव्यापी करुणा अभियान चलाया जा रहा है।

बता दें कि राज्य के किसी भी स्थल पर घायल पक्षियों को त्वरित और उचित उपचार प्रदान करने के लिए वन विभाग द्वारा वॉट्सऐप नंबर 8320002000 और हेल्पलाइन नंबर 1926 जारी किया गया है, जो 24 घंटे सातों दिन कार्यरत रहेगा। इस वॉट्सऐप नंबर पर ‘Hi’ मैसेज भेजने पर एक लिंक मिलेगी, जिस पर क्लिक करने से जिलेवार उपलब्ध सभी पक्षी उपचार केंद्रों की जानकारी उपलब्ध होगी। इसके अलावा, पशुपालन विभाग का 1962 नंबर भी सेवारत है। नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर मूक पशु-पक्षियों की जान बचा सकते हैं।

मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान अहमदाबाद की महापौर प्रतिभा जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष कंचनबेन, मनपा स्थायी समिति के अध्यक्ष देवांग दाणी, राज्य के वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव, पशुपालन विभाग के निदेशक सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी, करुणा अभियान से जुड़े विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवक और एनसीसी के कैडेट्स उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने का भी एक माध्यम है। यह पहल हमें बताती है कि हम सभी को अपने पर्यावरण और जीवों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होना चाहिए। करुणा अभियान हमारे समाज में मूक पशुओं और पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देता है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करुणा अभियान कब शुरू हुआ था?
यह अभियान वर्ष 2017 से शुरू किया गया है।
इस अभियान में कितने पशु चिकित्सक शामिल हैं?
लगभग 728 से अधिक वेटरनरी चिकित्सक इस अभियान में सेवारत हैं।
क्या घायल पक्षियों की मदद के लिए कोई हेल्पलाइन है?
हाँ, वन विभाग ने वॉट्सऐप नंबर 8320002000 और हेल्पलाइन नंबर 1926 जारी किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले