5 नवंबर 2026
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मुंबई: ईडी ने ₹89 करोड़ के निवेश घोटाले में अविनाश राठौड़ को किया गिरफ्तार, दुबई कनेक्शन उजागर

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मुंबई: ईडी ने ₹89 करोड़ के निवेश घोटाले में अविनाश राठौड़ को किया गिरफ्तार, दुबई कनेक्शन उजागर

सारांश

ईडी मुंबई ने 'एपीएस वेल्थ वेंचर्स' के ₹89 करोड़ के निवेश घोटाले में मुख्य आरोपी अविनाश राठौड़ को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया। 587 निवेशकों की रकम डूबी; आरोपी दुबई भागकर वहाँ भी ऐसी ही योजना चला रहा था।

मुख्य बातें

ईडी मुंबई ने 5 नवंबर 2026 को अविनाश अर्जुन राठौड़ को पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया।
घोटाले में 587 निवेशकों के ₹157 करोड़ निवेश में से ₹89 करोड़ वापस नहीं किए गए।
राठौड़ की एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी; वह दैनिक प्रबंधन और वित्तीय निर्णयों के लिए जिम्मेदार था।
कथित तौर पर राठौड़ और उनकी पत्नी अप्रैल 2023 में दुबई भाग गए और वहाँ 'वेल्थप्रो इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट एलएलसी' के जरिए इसी तरह की योजना चलाई।
जांच की शुरुआत पुणे के चतुर्श्रिंगी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से हुई थी, जिसे बाद में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) को सौंपा गया।
धन प्रवाह, संपत्ति और अन्य आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मुंबई इकाई ने 5 नवंबर 2026 को 'एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी' के नाम पर संचालित धोखाधड़ी वाली निवेश योजनाओं से जुड़े मुख्य आरोपी अविनाश अर्जुन राठौड़ को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, इस घोटाले में 587 निवेशकों के करीब ₹89 करोड़ डुबाए गए, जिन्हें अब तक वापस नहीं किया गया है।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

ईडी ने यह गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत की। जांच की शुरुआत पुणे के चतुर्श्रिंगी पुलिस स्टेशन में राठौड़ और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी, जिसे बाद में पुणे की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) को स्थानांतरित कर दिया गया। ईडी ने पीएमएलए के तहत स्वतंत्र रूप से जांच शुरू करते हुए धन के प्रवाह को खंगालना शुरू किया।

घोटाले का तरीका

आरोप है कि एपीएस वेल्थ वेंचर्स ने भोले-भाले निवेशकों को हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफे और 20 महीनों तक मूल राशि का 5 प्रतिशत वापस करने का प्रलोभन दिया। ईडी के अनुसार, 587 निवेशकों ने इस योजना में कुल ₹157 करोड़ का निवेश किया, जिसमें से ₹89 करोड़ उन्हें लौटाए नहीं गए।

गौरतलब है कि इतने ऊँचे 'निश्चित रिटर्न' का वादा किसी भी वैध वित्तीय योजना की विशेषता नहीं होती — यह पोंजी जैसी संरचना का स्पष्ट संकेत है।

राठौड़ की भूमिका और वित्तीय जाल

ईडी ने बताया कि एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी में राठौड़ की 90 प्रतिशत हिस्सेदारी थी और वह इसके दैनिक प्रबंधन, वित्तीय निर्णयों और बैंकिंग गतिविधियों के लिए सीधे जिम्मेदार था। जांच में सामने आया है कि निवेशकों की रकम को एपीएस वेल्थ वेंचर्स और उससे जुड़ी संस्थाओं जैसे 'एपीएस स्मार्ट गेन' के कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया। राठौड़ के निजी बैंक खातों से विभिन्न व्यक्तियों को धन हस्तांतरण और प्रतिभूतियों में निवेश के लेन-देन भी उजागर हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।

दुबई कनेक्शन

ईडी के अनुसार, कथित तौर पर राठौड़ और उनकी पत्नी अप्रैल 2023 में भारत छोड़कर दुबई चले गए थे। वहाँ उन्होंने अपनी नई कंपनी 'वेल्थप्रो इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट एलएलसी' के ज़रिए निवेशकों को उसी तर्ज पर 'निश्चित रिटर्न' का वादा किया। ईडी ने संकेत दिया है कि दुबई में हुई गतिविधियों की जांच भी की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जांच एजेंसियाँ विदेशों में छिपे आर्थिक अपराधियों के खिलाफ अपनी पहुँच बढ़ाने में सक्रिय हैं।

आगे की जांच

ईडी ने राठौड़ से विस्तृत पूछताछ की है, जिसका उद्देश्य धन के पूरे प्रवाह का खुलासा करना, अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान करना, लाभार्थियों को चिह्नित करना और इस मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों व संस्थाओं की भूमिका तय करना है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो तीन साल से अधिक समय तक जांच एजेंसियाँ उन तक क्यों नहीं पहुँच सकीं। दूसरा, 'निश्चित मासिक रिटर्न' जैसी स्पष्ट रूप से संदिग्ध योजनाओं में 587 निवेशकों का फँसना, वित्तीय साक्षरता और नियामक निगरानी दोनों की खामियों को उजागर करता है। ईडी की कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन पीड़ित निवेशकों को उनकी रकम वापस दिलाना — जो अंततः न्याय की असली कसौटी है — अभी एक लंबी और अनिश्चित प्रक्रिया बनी हुई है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एपीएस वेल्थ वेंचर्स घोटाला क्या है?
'एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी' के नाम पर चलाई गई एक धोखाधड़ी वाली निवेश योजना है, जिसमें निवेशकों को हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफे और 20 महीनों तक मूल राशि का 5 प्रतिशत लौटाने का वादा किया गया था। 587 निवेशकों ने ₹157 करोड़ लगाए, जिसमें से ₹89 करोड़ उन्हें वापस नहीं मिले।
अविनाश राठौड़ को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
अविनाश अर्जुन राठौड़ को प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन पर 'एपीएस वेल्थ वेंचर्स' और संबद्ध संस्थाओं के जरिए निवेशकों से जुटाई गई 'अपराध की कमाई' को इधर-उधर करने का आरोप है।
राठौड़ का दुबई से क्या संबंध है?
ईडी के अनुसार, कथित तौर पर राठौड़ और उनकी पत्नी अप्रैल 2023 में भारत छोड़कर दुबई चले गए थे। वहाँ उन्होंने 'वेल्थप्रो इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट एलएलसी' नाम की कंपनी के जरिए निवेशकों को इसी तरह 'निश्चित रिटर्न' का वादा किया, जिसकी जांच अब की जाएगी।
इस मामले में जांच कहाँ से शुरू हुई?
जांच पुणे के चतुर्श्रिंगी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से शुरू हुई थी, जिसे बाद में पुणे की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) को सौंपा गया। ईडी ने पीएमएलए के तहत स्वतंत्र जांच शुरू की और अब तक के साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।
निवेशकों को उनकी रकम वापस मिलेगी?
ईडी अभी धन के प्रवाह, संपत्तियों और लाभार्थियों की पहचान की जांच कर रही है। जब्त की गई संपत्तियों को अदालत के आदेश पर पीड़ित निवेशकों में वितरित किया जा सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया लंबी और न्यायालय-निर्भर होती है।
राष्ट्र प्रेस
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