मैसूर में 1 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश, तनवीर सैत ने भाजपा-RSS पर लगाया साजिश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मैसूर स्थित नरसिम्हा राजा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायक तनवीर सैत ने 2 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 10,000 से अधिक फॉर्म-7 दाखिल किए गए हैं, जिनसे करीब एक लाख मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं — जिनमें अल्पसंख्यक और दलित समुदायों के मतदाता विशेष रूप से निशाने पर बताए जा रहे हैं। इस मामले में दो थानों में एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
कांग्रेस विधायक तनवीर सैत ने आरोप लगाया कि नरसिम्हा राजा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में फॉर्म-7 दाखिल किए हैं, जो मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा, 'मेरे विधानसभा क्षेत्र में अल्पसंख्यक और दलित मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई है। लगभग एक लाख मतदाताओं के नाम मेरे निर्वाचन क्षेत्र से हटाने का प्रयास किया गया है।'
सैत ने यह भी बताया कि एक-एक मतदान केंद्र पर 100 से 200 तक आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, और जिन लोगों ने ये फॉर्म भरे हैं, उनका उस क्षेत्र से कोई संबंध नहीं है।
एफआईआर और जांच की मांग
विधायक ने बताया कि उन्होंने इस मामले में दो थानों में शिकायत दर्ज कराई है और प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द जांच शुरू कर सच्चाई सामने लाई जाए। सैत ने कहा, '10 हजार से ज्यादा फॉर्म-7 दाखिल किए गए हैं। इसका इस्तेमाल सही है या गलत, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।'
भाजपा और RSS पर सीधा आरोप
तनवीर सैत ने इस पूरे मामले के लिए भाजपा और RSS को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार जहां-जहां कांग्रेस लगातार जीतती रही है, वहाँ इस तरह की रणनीति अपनाई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मुद्दा पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देशभर में चर्चा का विषय बन चुका है।
गौरतलब है कि फॉर्म-7 भारत निर्वाचन आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके ज़रिए कोई भी नागरिक किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज करा सकता है। इस प्रक्रिया के दुरुपयोग के आरोप पहले भी कई राज्यों में लग चुके हैं।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस का कहना है कि अल्पसंख्यक और दलित मतदाताओं को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। विपक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आगे क्या होगा
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस जांच शुरू होने की उम्मीद है। विधायक तनवीर सैत ने मांग की है कि चुनाव आयोग (ECI) इस मामले में दखल दे और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे। इस मामले के नतीजे आगामी चुनावों में मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर बड़ी बहस की ओर संकेत देते हैं।