17 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नसीम सिद्दीकी का BJP पर आरोप: मतदाता सूची से नाम काटे, ज्ञानेश कुमार इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नसीम सिद्दीकी का BJP पर आरोप: मतदाता सूची से नाम काटे, ज्ञानेश कुमार इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन

सारांश

एनसीपी-एसपी के नसीम सिद्दीकी ने मुंबई में BJP पर मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम काटने का आरोप लगाया और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की। विरोध को 'अराजकता' कहने पर राजनाथ सिंह और शिंदे को कड़ा जवाब दिया।

मुख्य बातें

एनसीपी-एसपी प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 17 अक्टूबर 2026 को मुंबई में BJP पर विरोध प्रदर्शनों को जानबूझकर कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण में कथित तौर पर 13 करोड़ नाम हटाए गए; बाद में 3 करोड़ नए नाम जोड़ने को 'उपलब्धि' बताने पर सवाल।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे के 'अराजकता' वाले बयानों को संविधान का अपमान बताया।
परिसीमन में दक्षिण भारत की सीटें घटाने और 33% महिला आरक्षण में OBC व मुस्लिम महिलाओं को शामिल करने की माँग।
2029 में इंडिया गठबंधन नहीं, BJP को राजनीतिक नुकसान होगा — सिद्दीकी का दावा।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) — एनसीपी-एसपी — के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने 17 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार विरोध प्रदर्शनों को जानबूझकर कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग पूरी होने तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर गंभीर आरोप

सिद्दीकी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और SSR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम पहले काटे गए और बाद में 3 करोड़ नए नाम जोड़ने को 'उपलब्धि' बताया जा रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया की तुलना कीमत बढ़ाने के बाद छूट देने से की — पहले नुकसान, फिर आंशिक राहत को श्रेय लेना।

उनके अनुसार, दुनिया भर में नए मतदाता जोड़ने के अभियान चलाए जाते हैं, जबकि भारत में कथित तौर पर मतदाताओं के नाम काटने की मुहिम चल रही है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

व्यापारियों के नुकसान का मुद्दा: सिद्दीकी का जवाब

प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को हो रहे नुकसान के सवाल पर सिद्दीकी ने कहा कि यह तर्क आंदोलन को विफल करने की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने अन्ना हजारे के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय दिल्ली में हुए विरोध के दौरान व्यापारी नुकसान को इस तरह प्रचारित नहीं किया गया था।

सिद्दीकी के अनुसार, व्यापारी वर्ग का बड़ा हिस्सा BJP का समर्थक है और सरकार इसी मुद्दे का उपयोग जनांदोलन को कमज़ोर करने के लिए कर रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की तरक्की के लिए साहू, फुले और अंबेडकर के विचारों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया और आंदोलन की स्थिति

प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारियों पर सिद्दीकी ने कहा कि सरकार गिरफ्तारियाँ करती रहेगी, लोग जेल से बाहर आते रहेंगे और आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि कई प्रदर्शनकारियों को रास्तों, ट्रेनों और बसों में रोका गया, फिर भी लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर विरोध दर्ज कराया।

मुंबई के आज़ाद मैदान में अनुमति लेकर हुए प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई ऐतिहासिक आंदोलनों का शहर है और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की तरह, एक प्रदर्शन की संख्या से किसी संघर्ष का भविष्य तय नहीं होता।

राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा विरोध प्रदर्शनों को 'अराजकता' और 'सरकार बदलने की साजिश' बताने पर सिद्दीकी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत में तख्तापलट नहीं, सत्ता परिवर्तन होता है — और यह जनता के मतों से तय होता है। संविधान में आस्था रखने वाले नागरिकों के विरोध को 'अराजकता' कहना संविधान और देश की जनता का अपमान है।

शिंदे के बयान पर उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि उनसे ऐसी टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी।

परिसीमन, महिला आरक्षण और 2029 का राजनीतिक दावा

परिसीमन के मुद्दे पर सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि BJP दक्षिण भारत में अपनी कमज़ोर राजनीतिक स्थिति के चलते वहाँ के राज्यों का संसदीय प्रतिनिधित्व घटाना चाहती है और उत्तर भारत में सीटें बढ़ाना चाहती है। महिला आरक्षण पर उन्होंने कहा कि यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था, इसलिए BJP को अकेले श्रेय लेने की ज़रूरत नहीं। उन्होंने माँग की कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और मुस्लिम महिलाओं के लिए भी आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।

सिद्दीकी ने दावा किया कि 2029 में इंडिया गठबंधन को नहीं, बल्कि BJP को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा और विरोध प्रदर्शनों तथा जनता की नाराज़गी का असर आने वाले समय में सामने आएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे इस आंदोलन से जोड़ना विपक्ष की व्यापक सामाजिक गठबंधन की रणनीति को दर्शाता है। असली परीक्षा यह है कि क्या ये मुद्दे एक स्थायी आंदोलन बन पाते हैं या सत्ता पक्ष की प्रशासनिक कार्रवाई से बिखर जाते हैं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नसीम सिद्दीकी किस माँग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कर रहे हैं?
एनसीपी-एसपी प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। इसके साथ ही मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की भी माँग है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR/SSR) विवाद क्या है?
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि SIR और SSR प्रक्रिया में पहले 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए और बाद में 3 करोड़ नए नाम जोड़ने को उपलब्धि बताया जा रहा है। उनके अनुसार यह प्रक्रिया नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित करने की कोशिश है।
क्या विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तारियाँ हुई हैं?
सिद्दीकी ने माना कि प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारियाँ हुई हैं और कई लोगों को रास्तों, ट्रेनों व बसों में रोका गया। उन्होंने कहा कि सरकार गिरफ्तारियाँ करती रहेगी लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।
परिसीमन पर एनसीपी-एसपी की क्या आपत्ति है?
सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि BJP दक्षिण भारत में कमज़ोर राजनीतिक स्थिति के कारण वहाँ की संसदीय सीटें घटाकर उत्तर भारत में बढ़ाना चाहती है। इसी आशंका के कारण दक्षिणी राज्यों में विरोध हो रहा है।
महिला आरक्षण पर सिद्दीकी की क्या माँग है?
सिद्दीकी ने माँग की कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण में OBC और मुस्लिम महिलाओं के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था, इसलिए BJP अकेले इसका श्रेय नहीं ले सकती।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले