नवरात्रि के दौरान सेहत का ख्याल रखें: साबूदाना का पौष्टिक आहार
सारांश
Key Takeaways
- साबूदाना हल्का और ऊर्जा प्रदान करने वाला है।
- यह पाचन में सुधार करता है।
- व्रत के दौरान थकान को दूर रखता है।
- कैलोरी में कम होने के कारण वजन नहीं बढ़ता।
- डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चैत्र नवरात्रि के नौ दिव्य दिनों में भक्तगण मां दुर्गा की आराधना में लीन होकर व्रत का पालन करते हैं। व्रत के दौरान शरीर को उचित पोषण और ऊर्जा प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है, इसीलिए खान-पान पर विशेष ध्यान देना आवश्यक होता है। इस संदर्भ में, साबूदाना फलाहार एक बहुत ही पसंदीदा और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प के रूप में उभरता है। यह न केवल हल्का होता है, बल्कि जल्दी पचने वाला और स्वादिष्ट भी है, जो व्रत के दौरान थकान को दूर रखता है और पूरे दिन आपको तरोताजा महसूस कराता है।
साबूदाना मुख्यतः कसावा (टैपिओका) के कंद से तैयार किया जाता है। यह छोटे-छोटे दानों के रूप में होता है, जो पानी या दूध में उबालने पर पारदर्शी हो जाता है। व्रत में इसे अक्सर खिचड़ी, खीर या साधारण उबालकर सेवन किया जाता है। सब्जियों के साथ खिचड़ी बनाने से यह और भी पौष्टिक हो जाती है। सुबह के नाश्ते में साबूदाना का सेवन करने से पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है।
साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम और विटामिन प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह व्रत के दौरान त्वरित ऊर्जा प्रदान करता है और कमजोरी को दूर रखता है। फाइबर पाचन को मजबूत बनाता है, कब्ज को दूर रखता है और पेट को हल्का महसूस कराता है। व्रत के दौरान अक्सर गैस या अपच की समस्या होती है, लेकिन साबूदाना इससे राहत प्रदान करता है। यह वजन नियंत्रण में भी मददगार साबित होता है।
कैलोरी में कमी के कारण व्रत के दौरान अनावश्यक वजन नहीं बढ़ता। डायबिटीज के रोगियों के लिए भी यह फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर और प्रोटीन रक्त शुगर को संतुलित रखने में मदद करते हैं (हालांकि इसे अधिक मात्रा में न लें)। पोटेशियम और मैग्नीशियम दिल को स्वस्थ रखते हैं और रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं। साबूदाना में मौजूद विटामिन्स और सेलेनियम त्वचा और बालों की चमक को बढ़ाते हैं। व्रत के दौरान साबूदाना इम्युनिटी को बढ़ाता है और पाचन में सुधार करता है। दोनों मिलकर व्रत को सरल और सेहतमंद बनाते हैं।
इसे बनाने की विधि भी बेहद आसान है। साबूदाना को 2-3 घंटे भिगोकर उबालें। फिर सब्जियाँ (आलू, मटर, मूंगफली) मिलाकर मसाले डालकर खिचड़ी बनाएं। साबूदाना खिचड़ी व्रत के दौरान एक उत्तम और ऊर्जा से भरपूर नाश्ता है। यह त्वरित ऊर्जा प्रदान करता है, क्योंकि इसमें भरपूर कार्बोहाइड्रेट होते हैं और यह आसानी से पच जाता है। इसमें मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करता है। कैल्शियम की उपस्थिति हड्डियों को मजबूत बनाती है। मूंगफली और आलू डालकर इसकी पौष्टिकता को और बढ़ाया जा सकता है, जिससे यह और भी स्वादिष्ट और पोषक बन जाता है।