नवरात्रि के दौरान व्रत की थाली को पौष्टिक और सात्विक बनाएं, कमजोरी से बचें

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नवरात्रि के दौरान व्रत की थाली को पौष्टिक और सात्विक बनाएं, कमजोरी से बचें

सारांश

नवरात्रि का पर्व आस्था और अनुशासन का प्रतीक है। इस दौरान व्रत का सही खानपान शरीर को ऊर्जा और शांति प्रदान करता है। जानें व्रत की थाली में क्या शामिल करें और कैसे रखें इसे संतुलित।

मुख्य बातें

व्रत की थाली में हल्के और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें।
मखाना और साबूदाना व्रत के लिए उत्तम विकल्प हैं।
फल से शरीर को ऊर्जा और ठंडक मिलती है।
कुट्टू वजन नियंत्रण और हृदय स्वास्थ्य में मददगार है।
संतुलित आहार से व्रत में ऊर्जा बनाए रखें।

नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। देवी दुर्गा की उपासना का महापर्व नवरात्र का आयोजन हो रहा है। इस दौरान कई भक्त पहले और नौवें दिन व्रत रखते हैं जबकि कुछ लोग पूरे 9 दिनों तक व्रत का पालन करते हैं। नवरात्र व्रत का मूल उद्देश्य आस्था, अनुशासन और संतुलित जीवन को बनाए रखना है। ऐसे में व्रत के दौरान भोजन का चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। एक हल्का, सात्विक और पौष्टिक आहार शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, पाचन सुधारता है और मानसिक शांति का अनुभव कराता है।

इसलिए यह जानना आवश्यक है कि व्रत की थाली में क्या शामिल किया जाए और क्या नहीं। थाली में मुख्य रूप से मखाना, साबूदाना, कुट्टू और मौसमी फल होना चाहिए। ये सभी खाद्य पदार्थ हल्के, आसानी से पचने वाले और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनसे व्रत संतुलित बनता है, जिससे शरीर हल्का, मन शांत और ऊर्जा बनी रहती है।

मखाना: यह व्रत का सबसे उत्तम स्नैक है। इसमें कैलोरी कम, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती है। यह कम फैट, सोडियम और कोलेस्ट्रॉल के साथ व्रत में कमजोरी नहीं आने देता, रक्तचाप को नियंत्रित रखता है, किडनी के लिए लाभकारी है और लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करता है। इसे भुना हुआ या खीर में खाया जा सकता है।

साबूदाना: यह एक त्वरित ऊर्जा देने वाला सुपरफूड है। यह कार्बोहाइड्रेट से भरपूर, ग्लूटेन-मुक्त और आसानी से पचने वाला होता है। इसमें कैल्शियम, पोटैशियम और विटामिन K होते हैं। व्रत में इसके सेवन से बार-बार भूख नहीं लगती, पाचन में सुधार होता है और थकान दूर होती है। इसे खिचड़ी, वड़ा या खीर के रूप में खाया जाता है। हालांकि, इसमें प्रोटीन की कमी होती है, इसलिए इसे नट्स या दही के साथ मिलाकर खाना बेहतर होता है।

कुट्टू: यह प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, आयरन, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। कुट्टू ग्लूटेन-मुक्त और अत्यंत पौष्टिक है। यह कॉम्प्लेक्स कार्ब्स के कारण लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करता है, रक्त शर्करा को स्थिर रखता है और पाचन में सुधार करता है। इसे रोटी, पूरी, चीला या कढ़ी के रूप में खाया जाता है। वजन नियंत्रण और हृदय स्वास्थ्य के लिए भी यह फायदेमंद है।

मौसमी फल: जैसे सेब, केला, संतरा, अनार आदि ताजगी प्रदान करते हैं। ये विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो शरीर को न केवल ऊर्जा देते हैं बल्कि ठंडक भी प्रदान करते हैं। फल सेवन से शरीर डिटॉक्स होता है और इम्युनिटी मजबूत रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि संतुलित जीवन और स्वस्थ खानपान के लिए भी प्रेरित करता है। इस दौरान सही खानपान से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवरात्रि में कौन से खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए?
नवरात्रि में मखाना, साबूदाना, कुट्टू और मौसमी फल जैसे हल्के और पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
क्या व्रत के दौरान फल खाना चाहिए?
हाँ, मौसमी फल जैसे सेब, केला और संतरा व्रत के दौरान खाने के लिए बेहतरीन होते हैं।
साबूदाना किस प्रकार का सुपरफूड है?
साबूदाना कार्बोहाइड्रेट से भरपूर, ग्लूटेन-मुक्त और तुरंत ऊर्जा प्रदान करने वाला खाद्य पदार्थ है।
कुट्टू के क्या फायदे हैं?
कुट्टू प्रोटीन, फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
मखाना व्रत में क्यों उपयुक्त है?
मखाना कम कैलोरी, उच्च प्रोटीन और फाइबर वाला होता है, जो व्रत के दौरान कमजोरी नहीं आने देता।
राष्ट्र प्रेस
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