नवरात्रि की खासियत: मां दुर्गा को प्रिय अनार, स्वास्थ्य के लिए है अनमोल
सारांश
Key Takeaways
- अनार मां दुर्गा को प्रिय फल है।
- यह सुख, समृद्धि और कर्ज मुक्ति का आशीर्वाद देता है।
- अनार स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी है।
- इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होती है।
- गर्मी में यह ठंडक प्रदान करता है।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पावन चैत्र नवरात्र का पर्व 19 मार्च से आरंभ हो चुका है। इस दौरान भक्तजन मां दुर्गा की पूजा में विभिन्न प्रकार के फूल, फल और मिठाइयाँ अर्पित करते हैं। धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार, दादिमा या अनार देवी को विशेष रूप से प्रिय फल माना जाता है।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि अनार सभी फलों में सबसे अधिक प्रिय है। इसे अर्पित करने से भक्तों को सुख, समृद्धि, संतान सुख, स्वास्थ्य और कर्ज मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नवरात्रि में अनार चढ़ाने की परंपरा प्राचीन है, जो फलदायी मानी जाती है। यह न केवल माता रानी को प्रसन्न करता है, बल्कि परिवार की सेहत और समृद्धि के लिए भी लाभदायक है।
अनार की लालिमा को शक्ति, जीवन ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसकी गहरी लाल रंगत मां दुर्गा की शक्ति और रौद्र रूप से भी जुड़ी होती है।
मान्यता है कि नवरात्रि में अनार चढ़ाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सौभाग्य बढ़ता है। भक्त इसे विशेष रूप से कर्ज मुक्ति और आर्थिक समृद्धि के लिए अर्पित करते हैं। अनार को अखंड फल माना जाता है, जैसे नारियल को बारह महीने का फल कहा जाता है, वैसे ही अनार भी पूजा में अत्यंत शुभ फल है।
अनार का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर है। आयुर्वेदिक ग्रंथों और 12वीं शताब्दी के संस्कृत ग्रंथ 'मानसोल्लास' में अनार को पवित्र और अत्यधिक लाभकारी बताया गया है। यह फल रक्त शुद्ध करता है, एनीमिया या खून की कमी को दूर करता है, पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, हृदय रोगों से रक्षा करता है और इम्युनिटी को बढ़ाता है।
अनार एक ऐसा फल है, जिसका सेवन पूरे साल किया जा सकता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और पोटैशियम होते हैं। गर्मी में यह ठंडक प्रदान करता है और त्वचा को स्वस्थ रखता है। अनार का जूस पीने से थकान दूर होती है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है।