27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या लौंग से ज्वार तक, सेहत के लिए वरदान हैं भगवती को प्रिय ये चीजें?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या लौंग से ज्वार तक, सेहत के लिए वरदान हैं भगवती को प्रिय ये चीजें?

सारांश

आयुर्वेद में लौंग से लेकर ज्वार तक कई अद्भुत चीजें हैं जो मां दुर्गा को प्रिय हैं। जानें कैसे ये चीजें आपकी सेहत के लिए वरदान बन सकती हैं।

मुख्य बातें

लौंग - प्राकृतिक दर्द नाशक ज्वार का रस - रक्त शर्करा नियंत्रित करता है पान का पत्ता - पाचन स्वास्थ्य के लिए अच्छा किशमिश - एनीमिया में सहायक गुड़ - हड्डियों को मजबूत करता है

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 19 जनवरी से माघ गुप्त नवरात्रि का आरंभ होने जा रहा है। भक्तगण इस अवसर पर मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न विशेष चीजें अर्पित करते हैं, जैसे लौंग, ज्वार-ज्वारे का रस, पान का पत्ता, किशमिश, गुड़, तिल और इलायची। ये न केवल देवी को प्रिय वस्तुएं हैं, बल्कि आयुर्वेद में इन्हें अद्वितीय औषधीय गुणों का भंडार माना जाता है।

देवी को प्रिय ये चीजें सेहत के लिए भी अत्यंत लाभदायक हैं। ये पाचन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, श्वसन और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाती हैं। गुप्त नवरात्रि में इनका भोग अर्पित करने से आध्यात्मिक और शारीरिक लाभ दोनों प्राप्त होते हैं।

लौंग: लौंग को आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यह एक प्राकृतिक दर्द नाशक है और दांत दर्द, माइग्रेन के साथ ही मुंह की दुर्गंध और पाचन संबंधी समस्याओं में राहत प्रदान करता है। इसमें मौजूद यूजेनॉल नामक तत्व एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रदान करता है। यह खांसी, सर्दी-जुकाम में भी मददगार है।

ज्वार-ज्वारे का रस: यह रस आयुर्वेद में अमृत जैसा माना जाता है। यह विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। ज्वारे का रस शरीर को अंदर से साफ करता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है और डायबिटीज के लिए भी फायदेमंद है।

पान का पत्ता: यह पत्ते का इस्तेमाल आयुर्वेद में पाचन, श्वसन और मुंह के स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। इसमें एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़ता है और मुंह की दुर्गंध को समाप्त करता है।

किशमिश: देवी को प्रिय किशमिश आयुर्वेद में रक्त शोधक और बलवर्धक मानी जाती है। यह आयरन से भरपूर होती है, जो एनीमिया को दूर करती है।

गुड़: गुड़ को आयुर्वेद में मिठास का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। यह आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम से युक्त होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है।

तिल: इसे आयुर्वेद में वात दोष को शांत करने वाला और पोषक माना जाता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाता है तथा त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी है।

इलायची: यह त्रिदोष को संतुलित करती है और पाचन में सुधार लाती है। इलायची में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं।

शहद: आयुर्वेद में शहद भी अमृत के समान माना जाता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आयुर्वेद के अद्भुत गुणों को भी उजागर करती है। देशवासियों के लिए ये जानकारी उपयोगी साबित हो सकती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लौंग के क्या फायदे हैं?
लौंग दांत दर्द और पाचन समस्याओं में राहत देती है।
ज्वार का रस कैसे फायदेमंद है?
यह शरीर को अंदर से साफ करता है और ब्लड शुगर नियंत्रित करता है।
पान का पत्ता किसके लिए उपयोगी है?
यह पाचन और मुंह की स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
किशमिश को क्यों खाना चाहिए?
किशमिश आयरन से भरपूर होती है और एनीमिया को दूर करती है।
गुड़ के क्या लाभ हैं?
गुड़ हड्डियों को मजबूत बनाता है और पाचन में सुधार करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले