नक्सल मुक्त पोलमपल्ली में तीन महीने के भीतर खुली स्थायी राशन दुकान, सुकमा के ग्रामीणों को मिली खाद्य सुरक्षा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नक्सल मुक्त पोलमपल्ली में तीन महीने के भीतर खुली स्थायी राशन दुकान, सुकमा के ग्रामीणों को मिली खाद्य सुरक्षा

सारांश

नक्सल मुक्ति के सिर्फ तीन महीने बाद पोलमपल्ली के ग्रामीणों को स्थायी राशन दुकान मिल गई — यह सिर्फ अनाज की दुकान नहीं, बल्कि दशकों की वंचना के बाद राज्य के भरोसे की वापसी है। सुकमा जैसे संवेदनशील जिले में यह बदलाव दिखाता है कि सुरक्षा और विकास साथ-साथ चल सकते हैं।

मुख्य बातें

पोलमपल्ली गांव (सुकमा, छत्तीसगढ़) में नक्सल मुक्त होने के तीन महीने के भीतर स्थायी राशन दुकान शुरू की गई।
राशन दुकान पर रोज़ाना करीब 30 से 35 राशन कार्डधारकों को अनाज वितरित किया जा रहा है।
यह सुविधा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत दी जा रही है, जो देश के लगभग 80 करोड़ पात्र लाभार्थियों को मुफ्त अनाज देती है।
पात्र परिवारों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो मुफ्त चावल या गेहूं और फोर्टिफाइड चावल मिल रहा है।
सरकार ने PMGKAY को 1 जनवरी 2024 से दिसंबर 2028 तक पाँच वर्षों के लिए बढ़ाया है।
योजना 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' व्यवस्था के तहत संचालित होती है।

सुकमा जिले के पोलमपल्ली गांव में नक्सल मुक्त होने के महज तीन महीने के भीतर एक स्थायी राशन दुकान शुरू कर दी गई है, जिससे दशकों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ के इस सुदूर गांव में यह कदम सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत नक्सल प्रभाव से मुक्त हुए इलाकों में विकास की नींव तेज़ी से रखी जा रही है।

पहले क्या थी स्थिति

नक्सल प्रभाव के दौर में पोलमपल्ली के ग्रामीणों को राशन के लिए पंचायत भवन या स्कूल में लगाई गई अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता था। लोगों को घंटों लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ता था और वितरण में बार-बार असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। बुनियादी खाद्य सुरक्षा तक पहुँच भी अनिश्चित बनी रहती थी।

अब क्या बदला

गांव में अब अपनी अलग और स्थायी राशन दुकान खुल गई है। एक स्थानीय निवासी ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि अब उन्हें घंटों लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती और समय पर अनाज आसानी से मिल जाता है। राशन दुकान के सेल्समैन के अनुसार, वह रोज़ाना करीब 30 से 35 राशन कार्डधारकों को राशन वितरित करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राशन कार्ड मिलने के बाद उन्हें अच्छी गुणवत्ता का अनाज मिल रहा है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ

यह सुविधा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत दी जा रही है। केंद्र सरकार की इस प्रमुख खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत देश के लगभग 80 करोड़ पात्र राशन कार्डधारकों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जाता है। अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता वाले परिवार श्रेणी के लाभार्थियों को हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलो मुफ्त चावल या गेहूं दिया जाता है। इसके साथ ही लाभार्थियों को पोषणयुक्त फोर्टिफाइड चावल भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

योजना की समयसीमा और विस्तार

सरकार ने इस योजना को 1 जनवरी 2024 से अगले पाँच वर्षों यानी दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है। यह योजना 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' व्यवस्था के तहत काम करती है, जिससे लाभार्थी देश में कहीं भी अपने राशन कार्ड का उपयोग कर मुफ्त अनाज प्राप्त कर सकते हैं। यह व्यवस्था प्रवासी मज़दूरों और दूरदराज़ के इलाकों के निवासियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।

विकास और विश्वास की नई पहचान

पोलमपल्ली में खुली यह राशन दुकान ग्रामीणों के लिए केवल एक खाद्य वितरण केंद्र नहीं है — यह उस बदलाव की प्रतीक है जो नक्सल मुक्ति के बाद इस इलाके में आ रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सुरक्षा रणनीति का अभिन्न हिस्सा बना रही है। आने वाले महीनों में इस गांव में और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब यह निरंतरता साबित करे। नक्सल प्रभावित इलाकों में सरकारी सेवाएँ पहुँचाना एक पुरानी चुनौती रही है — अक्सर सुरक्षा बल हटते ही ढाँचा भी कमज़ोर पड़ जाता है। सुकमा जैसे संवेदनशील जिले में यह कदम सराहनीय है, पर यह भी देखना होगा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़गार जैसी बाकी बुनियादी सुविधाएँ कितनी जल्दी इस गांव तक पहुँचती हैं। विकास की स्थायित्व ही नक्सलवाद की जड़ों को काटने का सबसे कारगर हथियार है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोलमपल्ली गांव में राशन दुकान कब खुली?
पोलमपल्ली गांव के नक्सल मुक्त होने के तीन महीने के भीतर वहाँ स्थायी राशन दुकान शुरू की गई। यह दुकान 8 मई 2026 तक सक्रिय रूप से संचालित हो रही है और रोज़ाना 30 से 35 कार्डधारकों को अनाज वितरित कर रही है।
पोलमपल्ली की राशन दुकान किस योजना के तहत काम करती है?
यह दुकान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत संचालित होती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो मुफ्त चावल या गेहूं और फोर्टिफाइड चावल दिया जाता है।
PMGKAY योजना कब तक चलेगी और इसके लाभार्थी कौन हैं?
सरकार ने PMGKAY को 1 जनवरी 2024 से दिसंबर 2028 तक पाँच वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। देश के लगभग 80 करोड़ पात्र राशन कार्डधारक — जिनमें अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता वाले परिवार शामिल हैं — इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड' से पोलमपल्ली के ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?
इस व्यवस्था के तहत लाभार्थी देश में कहीं भी अपने राशन कार्ड का उपयोग कर मुफ्त अनाज प्राप्त कर सकते हैं। पोलमपल्ली जैसे सुदूर गांवों के प्रवासी मज़दूरों के लिए यह विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि वे काम के लिए दूसरे राज्यों में जाने पर भी योजना का लाभ ले सकते हैं।
पहले पोलमपल्ली में राशन वितरण कैसे होता था?
नक्सल प्रभाव के दौरान गांव में राशन वितरण पंचायत भवन या स्कूल में अस्थायी व्यवस्था के ज़रिए किया जाता था। ग्रामीणों को घंटों लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ता था और कई बार असुविधाओं का सामना भी करना पड़ता था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले