एनडीए सांसदों का कांग्रेस पर भाजपा को बदनाम करने का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- एनडीए सांसदों ने भाजपा को बदनाम करने का आरोप कांग्रेस पर लगाया।
- महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिनियम पेश किया गया है।
- सदन की मर्यादा का पालन करना आवश्यक है।
नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एनडीए के सांसदों ने कांग्रेस के नेताओं पर भाजपा को बदनाम करने का आरोप लगाया है। सांसदों ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार निरंतर जनता के हित में कार्य कर रही है। इसके बावजूद, विपक्ष के सदस्य जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जो देश के लिए उचित नहीं है।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने हेतु 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पहले ही प्रस्तुत कर दिया है। सरकार की प्राथमिकता महिलाओं के आरक्षण को लागू करना है, क्योंकि पीएम मोदी महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण में गहरी आस्था रखते हैं।"
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल के संदर्भ में प्रधानमंत्री से मेरा अनुरोध है कि यह अवश्य आना चाहिए। अब यह विपक्ष पर निर्भर करता है कि वे इसमें भाग लेना चाहते हैं या नहीं।
सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा, "चाहे कोई गाना हो, सीरीज हो या फिल्म, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और राइटर को यह समझना चाहिए कि उनमें क्या दिखाया जा रहा है, इसकी जिम्मेदारी उनकी है। फिल्में समाज को दिशा दिखाती हैं। सरकार ने हाल ही में कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें कुछ शब्दों और आपत्तिजनक सामग्री पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। सिर्फ सरकार पर निर्भर रहने के बजाय, फिल्में बनाने वाले, गाने लिखने वाले और निर्देशन करने वालों को भी इस बारे में सोचना चाहिए।"
भाजपा सांसद मनोज तिग्गा ने कहा कि सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में हमारे नेता हैं और विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। पिछली बार उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था। इस बार भी ममता बनर्जी नंदीग्राम में हारेंगी और भवानीपुर में भी हारेंगी।
भाजपा सांसद अरुण गोविल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा आज 8 विपक्षी सांसदों का सस्पेंशन रद्द करने पर कहा, "जो शिष्टाचार है उसे बनाए रखना चाहिए। सदन की मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए। कुछ बातें हैं जिनका ध्यान रखा जाना चाहिए। यदि विपक्षी सांसद ऐसा कर पाते हैं तो यह बहुत अच्छी बात है। मैं आशा करता हूं कि विपक्ष को ये बात समझ में आ गई होगी और वे सदन की मर्यादा का ध्यान रखेंगे।"
एलजेपी (रामविलास) सांसद राजेश वर्मा ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग की खबरों पर कहा, "बिहार विधानसभा चुनाव के बाद पहले जनता ने विपक्ष को नकारा और अब उनके ही जनप्रतिनिधियों ने उन्हें नकार दिया है, तो अब हार का कोई न कोई बहाना तो बनाना ही था। मैं तेजस्वी यादव से यही अनुरोध करता हूं कि समीक्षा की आवश्यकता है। वो समीक्षा करें कि कहां चूक हो रही है कि लोगों का विश्वास धीरे-धीरे महागठबंधन से उठता जा रहा है। यह समय बहाना बनाने का नहीं है।"