एनडीए सांसदों ने 'महिला आरक्षण' को ऐतिहासिक कदम बताया

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एनडीए सांसदों ने 'महिला आरक्षण' को ऐतिहासिक कदम बताया

सारांश

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर एनडीए के सांसदों ने अपनी बात रखी है। उन्होंने इसे देश के लिए एक बड़ा कदम बताया है, जो महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है। जानिए इस पर क्या कहा गया।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक को एनडीए सांसदों ने ऐतिहासिक बताया।
रवि किशन ने इसे लोकतांत्रिक इतिहास में बड़ा कदम कहा।
लवली आनंद ने महिलाओं के आरक्षण की पुरानी मांगों की याद दिलाई।
सुरेश कश्यप ने राज्य सरकार की आलोचना की।
यह विधेयक महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। एनडीए के सांसदों ने इस ऐतिहासिक कदम को देश के हित में सराहा है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार हमेशा देश के हित में कार्य करती है।

भाजपा सांसद रवि किशन ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में इस विधेयक को देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा, “देश की सबसे बड़ी पंचायत में महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण दिया जाना ऐतिहासिक है।”

उन्होंने इसे प्रधानमंत्री मोदी की एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और सभी को इस निर्णय का समर्थन करना चाहिए। इस पहल की आधारशिला २०१४ में रखी गई थी, जब सरकार ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए शौचालय निर्माण जैसे अभियानों की शुरुआत की थी।

उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष ने उस समय इन योजनाओं पर सवाल उठाए थे, लेकिन आज हम ३३ प्रतिशत महिला आरक्षण तक पहुँच चुके हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है।

जेडीयू सांसद लवली आनंद ने भी इस विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में रही है। उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी पर्चे बांटकर महिलाओं के आरक्षण की मांग उठाई थी और आज यह सपना साकार होता नजर आ रहा है।

टीडीपी सांसद कृष्णा प्रसाद तेनेती ने इस निर्णय को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि वर्षों से इस मुद्दे पर चर्चा होती रही है, लेकिन इसे लागू करने का कार्य अब जाकर हुआ है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता की सराहना की।

वहीं, भाजपा सांसद हेमांग जोशी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रमों में अब सीमित संख्या में ही लोग आते हैं, जिससे पार्टी की घटती लोकप्रियता साफ नजर आती है।

इस बीच, हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर भी राजनीति गरमा गई है। भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ाईं, जबकि राज्य सरकार आर्थिक कुप्रबंधन के चलते जनता पर बोझ डाल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश के लोकतंत्र को भी मजबूत करेगा। सभी पक्षों को इस पहल का समर्थन करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का मुख्य उद्देश्य संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
इस विधेयक को कब पेश किया गया था?
यह विधेयक पहले 2010 में पेश किया गया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका।
इस विधेयक के समर्थन में कौन-कौन से दल हैं?
एनडीए और जेडीयू जैसे कई दल इस विधेयक के समर्थन में हैं।
क्या विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध किया है?
हाँ, विपक्ष ने पहले इस विधेयक पर सवाल उठाए थे, लेकिन अब इसे समर्थन मिल रहा है।
महिला आरक्षण का महत्व क्या है?
महिला आरक्षण का महत्व महिलाओं के सशक्तीकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में एक कदम है।
राष्ट्र प्रेस