एनडीएमसी की बैठक में 28 एजेंडे पास: ईवी पार्किंग पर 50% छूट, सरोजिनी नगर में ₹55 करोड़ का आयुष अस्पताल
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) की काउंसिल बैठक में 21 सितंबर 2026 को जनसुविधाओं और कर्मचारी कल्याण से जुड़े 28 एजेंडों को मंजूरी दी गई। बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट, सरोजिनी नगर में 50 बेड के आयुष अस्पताल के निर्माण और मोती बाग में पालिका आदर्श परीक्षा केंद्र स्थापित करने जैसे अहम प्रस्तावों पर सहमति बनी। बैठक की अध्यक्षता प्रवेश सिंह वर्मा ने की।
मुख्य घटनाक्रम
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल ने बताया कि बैठक में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पार्किंग, सीवरेज, कर्मचारी भर्ती नियमों और स्मार्ट सुविधाओं से संबंधित निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम 'विकसित नई दिल्ली' के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाए गए हैं।
बैठक में सांसद बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी चेयरमैन मनोज द्विवेदी, उपाध्यक्ष कुलजीत चहल सहित परिषद के अन्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ईवी पार्किंग छूट और स्मार्ट पार्किंग प्रणाली
एनडीएमसी की पार्किंग में इलेक्ट्रिक वाहनों को 50 प्रतिशत पार्किंग शुल्क छूट देने की योजना लागू हो चुकी है। चहल के अनुसार, यह निर्णय इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
इसके साथ ही स्मार्ट पार्किंग और इंटेलिजेंट इंटीग्रेटेड पार्किंग सिस्टम की दिशा में कदम बढ़ाते हुए नए पार्किंग टेंडर की आरएफपी को भी मंजूरी दे दी गई है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत लोगों को विभिन्न पार्किंग स्थलों में उपलब्ध जगह सहित पार्किंग से जुड़ी अन्य जानकारियाँ आसानी से मिल सकेंगी।
सरोजिनी नगर आयुष अस्पताल और स्मार्ट लाइटिंग
सरोजिनी नगर में प्रस्तावित 50 बेड के आयुष अस्पताल को भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय तथा एनडीएमसी मिलकर विकसित करेंगे। अस्पताल के निर्माण पर करीब ₹55 करोड़ खर्च होने का प्रस्ताव है। एनडीएमसी की योजना है कि इसे आयुष और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने वाले विशिष्ट चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित किया जाए।
एनडीएमसी क्षेत्र में चिह्नित डार्क स्पॉट्स को खत्म करने के लिए करीब ₹18.5 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके तहत 6 से 11 मीटर ऊँचाई वाले नए इलेक्ट्रिकल पोल लगाए जाएंगे और उन्हें एलईडी एवं स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा। पेड़ों की बढ़ी हुई शाखाओं के कारण जहाँ रोशनी नहीं पहुँच रही, उन स्थानों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
पानी बिल माफी और धोबी घाट राहत
घरेलू उपभोक्ताओं और धोबी घाटों के लिए वन टाइम एमनेस्टी स्कीम लाई गई है, जिसके तहत बकायादारों पर लगे लेट पेमेंट सरचार्ज को एकमुश्त योजना के अंतर्गत समाप्त किया जाएगा। इसके अलावा, पारंपरिक रूप से काम करने वाले धोबी घाट संचालकों पर कमर्शियल दरों की जगह रेजिडेंशियल या डोमेस्टिक दरें लागू करने का फैसला किया गया है।
गौरतलब है कि पानी के बकाया बिलों की समस्या दिल्ली में लंबे समय से चली आ रही है और यह राहत योजना उन छोटे उपभोक्ताओं के लिए विशेष महत्व रखती है जो सरचार्ज के बोझ तले दबे हैं।
परीक्षा केंद्र, सीवर सुधार और आगे की राह
मोती बाग में नवनिर्मित भवन में 'पालिका आदर्श परीक्षा केंद्र' स्थापित करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इस केंद्र में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) आयोजित करने की सुविधा होगी और एजेंसी का चयन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
बैठक में पुराने सीवर सिस्टम के सुधार और पुनर्वास के लिए सीवर रिहैबिलिटेशन से जुड़े दो बड़े एजेंडों को भी स्वीकृति मिली। वाटर लॉगिंग की समस्या से निपटने की विस्तृत योजना पर भी चर्चा हुई। एनडीएमसी कर्मचारियों के भर्ती नियमों, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य लाभों से संबंधित कई प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे। इन सभी निर्णयों के क्रियान्वयन की गति अब नई दिल्ली के नागरिकों के लिए एनडीएमसी की प्रशासनिक क्षमता की असली परीक्षा होगी।