काकीनाडा में लापता 2 साल की ज्ञानश्वरी की तलाश में NDRF शामिल, ₹1 लाख इनाम घोषित
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में 6 जून 2026 से एक पाम ऑयल बागान से लापता 2 साल की बच्ची सुनकारा ज्ञानश्वरी की तलाश में रविवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के जवान भी शामिल हो गए। डिप्टी मुख्यमंत्री पवन कल्याण के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है और अब 400 से अधिक कर्मचारी बच्ची को खोजने में जुटे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
6 जून को टुनी मंडल के च. अग्रहारम गाँव स्थित एक पाम ऑयल बागान से ज्ञानश्वरी लापता हो गई थी। बच्ची के माता-पिता — सुनकारा गणेश और भवानी — उस बागान में देखभालकर्ता के रूप में काम करते हैं। अधिकारियों के अनुसार, माता-पिता के बीच हुई गलतफहमी के कारण दोनों में से कोई भी बच्ची को बागान से घर नहीं ले आया। घर पहुँचने के बाद जब उन्हें यह एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
उसी शाम एक ग्रामीण ने बच्ची को एक पहाड़ी के पास उसके पालतू कुत्ते के साथ देखा। जब उसने बच्ची को घर लाने की कोशिश की, तो कुत्ते ने भौंककर उसे पास आने से रोक दिया। अगले दिन परिवार ने टुनी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
खोज अभियान का विस्तार
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की 40 सदस्यीय टीम पहले से ही अभियान में थी। इसके साथ पुलिस, राजस्व, अग्निशमन और वन विभाग के कर्मचारी भी जुटे हुए हैं। अब NDRF के शामिल होने से खोज का दायरा और विस्तृत हो गया है।
काकीनाडा के पुलिस अधीक्षक जी. बिंदु माधव ने बताया कि उन्नत ड्रोन की सहायता से बारीकी से खोज की जा रही है और बच्ची के घर के आस-पास लगे 38 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जाँच की जा चुकी है। जिला प्रशासन ने बच्ची के बारे में सुराग देने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए ₹1 लाख के इनाम की घोषणा की है।
पालतू कुत्ते की मौत से रहस्य गहराया
9 जून को लापता पालतू कुत्ता बिना बच्ची के घर लौट आया था। 12 जून को पुलिस ने उसमें जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाई, ताकि उसकी गतिविधियों से बच्ची का पता लगाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, जीपीएस लगने के बाद से कुत्ता लगभग 80 किलोमीटर चला।
शनिवार को खोज अभियान को उस समय बड़ा झटका लगा जब कुत्ते की मौत हो गई। कहा जा रहा है कि 9 जून को घर लौटने के बाद से ही वह अजीब व्यवहार कर रहा था और उसने कुछ नहीं खाया था। आशंका है कि उसे किसी वायरस संक्रमण ने जकड़ लिया था। अधिकारियों ने मौत का सटीक कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
डिप्टी मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने घटना की जानकारी ली और एसपी जी. बिंदु माधव से फोन पर बात कर NDRF टीमों को तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग के नाइट वॉचर, बेस कैंप वॉचर और घने जंगलों में जाने में सक्षम विशेषज्ञों की मदद लेने तथा आस-पास के वन क्षेत्रों में व्यापक खोज करने की भी सलाह दी।
राज्य की गृह मंत्री वी. अनीता स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही हैं और जिला अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पर बच्ची को शीघ्र खोजने का दबाव बढ़ता जा रहा है — लापता हुए आठ दिन से अधिक बीत चुके हैं।
आगे क्या होगा
NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें घने वन क्षेत्रों और बागानों में रात-दिन तलाश जारी रखे हुए हैं। ड्रोन से हवाई निगरानी और सीसीटीवी विश्लेषण के साथ-साथ विशेषज्ञ ट्रैकर्स की मदद ली जा रही है। ₹1 लाख के इनाम की घोषणा से स्थानीय लोगों से सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।