नीट 2025: 21 जून की परीक्षा के लिए भोपाल रेल मंडल ने 19,470 परीक्षार्थियों हेतु विशेष भीड़ प्रबंधन लागू किया
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के मद्देनजर पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल ने 21 जून 2025 को होने वाली परीक्षा से पहले व्यापक भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। मंडल के अंतर्गत आने वाले पाँच प्रमुख शहरों — भोपाल, अशोकनगर, गुना, होशंगाबाद और विदिशा — में कुल 19,470 से अधिक परीक्षार्थियों के आने की संभावना है, जिनमें से अकेले भोपाल में 13,774 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
किन शहरों में कितने परीक्षार्थी
भोपाल मंडल के क्षेत्राधिकार में स्थित परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों का वितरण इस प्रकार है: भोपाल में 13,774, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, होशंगाबाद में 1,283 और अशोकनगर में 865 परीक्षार्थी। यह संख्या दर्शाती है कि परीक्षा के दिन इन स्टेशनों पर यात्री भार सामान्य से कहीं अधिक रहेगा।
मुख्य प्रबंधन व्यवस्था
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि भोपाल मंडल के सभी प्रमुख स्टेशन परिसरों, प्रवेश-निकास द्वारों और प्लेटफार्मों पर विशेष भीड़ प्रबंधन लागू रहेगा। वाणिज्यिक, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और परिचालन कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। सुचारु आवागमन के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग और मार्गदर्शन व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए घोषणा प्रणाली और पूछताछ काउंटर पूरे समय सक्रिय रहेंगे। परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले अभ्यर्थियों को आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
ट्रेन संचालन और समयपालन पर जोर
भोपाल मंडल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 21 जून को परीक्षा केंद्रों से जुड़े स्टेशनों पर विशेष निगरानी रखी जाए। परीक्षा केंद्रों से होकर गुजरने वाली अथवा वहाँ रुकने वाली ट्रेनों की समयपालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसी भी अप्रत्याशित भीड़ या विशेष स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अभ्यर्थियों से अपील
रेल प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके परिजनों से आग्रह किया है कि वे यात्रा के लिए पर्याप्त समय पहले स्टेशन पहुँचें और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें। गौरतलब है कि नीट देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है और इसमें लाखों अभ्यर्थी एक साथ परीक्षा देते हैं, जिससे परीक्षा वाले दिन रेलवे स्टेशनों पर असामान्य भीड़ की स्थिति बनती है। यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे प्रशासन प्रमुख परीक्षाओं के दौरान यात्री प्रबंधन को प्राथमिकता दे रहा है।