नीट परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित: सीएम धामी बोले — गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं, अभ्यर्थी आत्मविश्वास से दें परीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 18 जून 2026 को देहरादून में आयोजित कैबिनेट बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य में प्रस्तावित नीट परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के इंतजाम किए गए हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।
कैबिनेट बैठक की शुरुआत: श्रद्धांजलि और शोक प्रस्ताव
गुरुवार को हुई इस कैबिनेट बैठक की शुरुआत एक भावपूर्ण क्षण से हुई। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूरी और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज एवं पद्म श्री सम्मानित जसपाल राणा के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया। कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों दिवंगत विभूतियों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बीसी खंडूरी का नेतृत्व उत्तराखंड की प्रशासनिक और विकासात्मक नीतियों को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक रहा है। वहीं, जसपाल राणा की उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत बनी रहेंगी।
नीट परीक्षा: सुरक्षा और निगरानी के कड़े प्रबंध
मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून में प्रस्तावित नीट परीक्षा को लेकर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी तंत्र सक्रिय रहेगा। धामी ने कहा, "हमने अभ्यर्थियों के लिए टिकट भी निःशुल्क किए हैं। हमारा प्रयास है कि सभी बच्चे पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें। परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी।"
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट परीक्षा की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उत्तराखंड सरकार का यह कदम परीक्षार्थियों का भरोसा बहाल करने की दिशा में एक सक्रिय प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
अभ्यर्थियों से अपील: आशंका छोड़ें, तैयारी पर ध्यान दें
मुख्यमंत्री धामी ने परीक्षार्थियों से सीधी अपील करते हुए कहा, "मैं सभी प्रतियोगियों से कहना चाहता हूँ कि वे अच्छी तैयारी करें। पारदर्शी व्यवस्था के तहत इन परीक्षाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया जाएगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर उम्मीदवार को समान और निष्पक्ष अवसर मिले।
नई कार्य-संस्कृति का संकल्प
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने नई समिति और सचिवालय परिवार को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसी कार्य-संस्कृति विकसित करना है जो उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में सहायक हो। उन्होंने अधिकारियों से टीमवर्क और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई।
गौरतलब है कि यह बैठक राज्य प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर रही — जहाँ एक ओर दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई, वहीं दूसरी ओर आगामी परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा भी की गई। आने वाले दिनों में परीक्षा के सुचारु संचालन पर सरकार की साख दाँव पर होगी।