3 नवंबर 2026
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नीट-पीजी 2025 कट-ऑफ घटाने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, 2027 से रैंक-आधारित प्रणाली का प्रस्ताव

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नीट-पीजी 2025 कट-ऑफ घटाने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, 2027 से रैंक-आधारित प्रणाली का प्रस्ताव

सारांश

सुप्रीम कोर्ट में नीट-पीजी 2025 की कट-ऑफ घटाने के फैसले को चुनौती दी गई है। विशेषज्ञ समिति ने 2027 से रैंक-आधारित प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे एनएमसी की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब याचिकाकर्ता रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करेंगे।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने 3 नवंबर 2025 को नीट-पीजी 2025 कट-ऑफ पर्सेंटाइल घटाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की।
12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने 2027 से नीट-पीजी और नीट-एसएस के लिए रैंक-आधारित प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव दिया।
नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी, लेकिन नियमों को अभी अंतिम रूप दिया जाना शेष है।
समिति ने स्पष्ट किया कि खाली सीटें भरने के लिए पीजी मेडिकल शिक्षा के न्यूनतम मानकों में ढील नहीं दी जानी चाहिए ।
अदालत ने रिपोर्ट सभी पक्षों को सौंपने का आदेश दिया; याचिकाकर्ता जवाब दाखिल करेंगे ।
नीट-पीजी 2025 परीक्षा 3 अगस्त 2025 को आयोजित हुई थी और परिणाम 3 सितंबर 2025 को घोषित किया गया था।

सर्वोच्च न्यायालय ने 3 नवंबर 2025 को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट - पोस्टग्रेजुएट (नीट-पीजी) 2025 परीक्षा के क्वालीफाइंग कट-ऑफ पर्सेंटाइल को घटाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। इस सुनवाई में 12 सदस्यों वाली विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसमें परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का प्रस्ताव शामिल है।

विशेषज्ञ समिति का प्रस्ताव

विशेषज्ञ समिति ने अदालत को बताया कि 2027 से नीट-पीजी और नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट - सुपर स्पेशियलिटी (नीट-एसएस) के लिए मौजूदा पर्सेंटाइल-आधारित प्रणाली को रैंक-आधारित प्रणाली से बदला जाए। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, हालाँकि नियमों को अभी अंतिम रूप दिया जाना शेष है।

न्यूनतम योग्यता मानकों पर जोर

समिति की चर्चाओं में यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि केवल खाली सीटें भरने के उद्देश्य से पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा के न्यूनतम योग्यता मानकों में ढील नहीं दी जानी चाहिए। यह टिप्पणी उन आशंकाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जिनमें कहा गया था कि कट-ऑफ घटाने से उन सीटों पर अपेक्षाकृत कम योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश मिल सकता है, जो अन्यथा खाली रह जातीं। गौरतलब है कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और उपलब्धता के बीच यह तनाव नया नहीं है — पिछले कई वर्षों से पीजी सीटें खाली रहने की समस्या चर्चा में रही है।

अदालत के निर्देश और आगे की प्रक्रिया

सर्वोच्च न्यायालय ने समिति की रिपोर्ट सभी पक्षों को सौंपने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता अब इस रिपोर्ट पर अपना जवाब दाखिल करेंगे, जिसके बाद अगली सुनवाई में इस विषय पर आगे विचार किया जाएगा।

नीट-पीजी 2025 परीक्षा की मुख्य जानकारी

नीट-पीजी 2025 की परीक्षा नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) द्वारा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में 3 अगस्त 2025 को एकल शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम 3 सितंबर 2025 को घोषित किया गया, जबकि एडमिट कार्ड 31 जुलाई 2025 को जारी किए गए थे। परीक्षा शहर चुनने और उसमें सुधार की विंडो 13 से 17 जून 2025 तक आधिकारिक पोर्टल पर सक्रिय रही थी।

नीट-पीजी का उद्देश्य और महत्व

एनबीईएमएस द्वारा आयोजित यह परीक्षा देश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन), एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) और पीजी डिप्लोमा जैसे पोस्टग्रेजुएट चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की पात्रता और रैंकिंग तय करती है। यह परीक्षा लाखों मेडिकल स्नातकों के करियर को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। अब सभी की निगाहें याचिकाकर्ताओं के जवाब और अदालत की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि लाखों एमबीबीएस स्नातक प्रवेश के लिए संघर्ष करते हैं। विशेषज्ञ समिति का रैंक-आधारित प्रणाली का प्रस्ताव तकनीकी रूप से तर्कसंगत है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह बदलाव सीटों की उपलब्धता और भौगोलिक असमानता की समस्या का समाधान करेगा। पर्सेंटाइल प्रणाली की आलोचना लंबे समय से होती रही है, फिर भी नियमों को अंतिम रूप देने में देरी बताती है कि नीति-निर्माण में दृढ़ इच्छाशक्ति की अभी भी कमी है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-पीजी 2025 की कट-ऑफ घटाने का विवाद क्या है?
नीट-पीजी 2025 के लिए क्वालीफाइंग कट-ऑफ पर्सेंटाइल घटाने के फैसले को कुछ पक्षों ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। उनका तर्क है कि मानक कम करने से पोस्टग्रेजुएट मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञ समिति ने 2027 से क्या बदलाव प्रस्तावित किया है?
12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने प्रस्ताव दिया है कि 2027 से नीट-पीजी और नीट-एसएस में मौजूदा पर्सेंटाइल-आधारित प्रणाली की जगह रैंक-आधारित प्रणाली लागू की जाए। नेशनल मेडिकल कमीशन ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी दी है, लेकिन नियम अभी अंतिम नहीं हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट सभी पक्षों को सौंपने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता अब इस रिपोर्ट पर अपना जवाब दाखिल करेंगे, जिसके बाद अगली सुनवाई में आगे की कार्यवाही होगी।
नीट-पीजी 2025 परीक्षा कब हुई और परिणाम कब आया?
नीट-पीजी 2025 परीक्षा 3 अगस्त 2025 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक एकल शिफ्ट में आयोजित की गई थी। परिणाम 3 सितंबर 2025 को एनबीईएमएस द्वारा घोषित किया गया था।
नीट-पीजी परीक्षा किसके लिए आयोजित होती है?
नीट-पीजी परीक्षा एनबीईएमएस द्वारा देश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी, एमएस और पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की पात्रता और रैंकिंग निर्धारित करने हेतु आयोजित की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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