नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: CBI ने 14वें आरोपी सूर्यवंशी के खिलाफ राऊज एवेन्यू कोर्ट में पूरक चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 14 अक्टूबर 2026 को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में नई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। सूर्यवंशी इस मामले के 14वें आरोपी हैं और उन्हें 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत अब इस पूरक चार्जशीट पर 22 अक्टूबर 2026 को सुनवाई करेगी।
कोर्ट की कार्यवाही
CBI की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक वीके पाठक अदालत में पेश हुए। पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने उसे रिकॉर्ड पर लिया। साथ ही, अदालत ने आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी को इस आरोपपत्र की प्रति उपलब्ध कराने का आदेश दिया। गौरतलब है कि बाकी 13 आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और अदालत उस पर संज्ञान ले चुकी है।
आरोपी सूर्यवंशी की भूमिका
शेषराव बजरंग सूर्यवंशी कथित तौर पर महाराष्ट्र के पुणे का रहने वाला बताया जाता है। CBI के अनुसार, वह पेपर लीक मामले में आरोपी शुभम खैरनार का सहयोगी था। आरोप है कि सूर्यवंशी ने परीक्षा से पहले कथित तौर पर उम्मीदवारों को नीट-यूजी का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था।
शुभम खैरनार एक करियर काउंसलर है, जिसे 12 मई को नासिक से गिरफ्तार किया गया था। उस पर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रश्नपत्र फैलाने का आरोप है।
पेपर लीक का कथित तंत्र
CBI के अनुसार, 3 मई की परीक्षा से पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के विषय विशेषज्ञों, बिचौलियों, कोचिंग संचालकों और अन्य लोगों के नेटवर्क के जरिए गोपनीय प्रश्नपत्र लीक किया गया था। जाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पीवी कुलकर्णी ने कथित तौर पर रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्न और उनके उत्तर विकल्प छोटे-छोटे कागजों पर लिखकर उन्हें छिपाकर गोपनीय खंड से बाहर ले गए।
CBI ने आरोप लगाया है कि NTA के गोपनीय विभाग में प्रवेश या बाहर निकलते समय विशेषज्ञों की जाँच या तलाशी लेने की कोई व्यवस्था नहीं थी। एक अन्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे ने कथित तौर पर NCERT की पुस्तकों की अपनी जानकारी का उपयोग करते हुए होटल लौटने के बाद प्रश्नों को पुनः तैयार किया। वहीं, मनीषा संजय हवालदार ने कथित तौर पर अपने ठहरने के स्थान पर लौटने के बाद भौतिक विज्ञान के प्रश्नों को संक्षिप्त रूप में नोट किया था।
मामले में अन्य आरोपी
पहले दाखिल की गई चार्जशीट में शामिल 13 आरोपियों के नाम हैं: मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार, मनीषा वाघमारे, प्रहलाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल। इन सभी के खिलाफ अदालत संज्ञान ले चुकी है।
फास्ट ट्रैक अदालत की भूमिका
राऊज एवेन्यू कोर्ट परिसर में विशेष रूप से गठित इस फास्ट ट्रैक अदालत को सार्वजनिक परीक्षाएँ (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और इससे जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए स्थापित किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अगली सुनवाई 22 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है, जिसमें अदालत पूरक चार्जशीट पर अपना रुख स्पष्ट करेगी।