नीट-यूजी पेपर लीक: CBI विशेष अदालत ने संजीव मुखिया को न्यायिक हिरासत से किया मुक्त, EOU मामले में जेल बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
पटना की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने 1 सितंबर 2026 को नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र लीक मामले में संजीव मुखिया को न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया। हालांकि, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा दर्ज एक अलग मामले में वह फिलहाल बेऊर जेल में ही बंद रहेंगे, जिससे उनकी तत्काल पूर्ण रिहाई संभव नहीं हो सकी।
सुनवाई का घटनाक्रम
सोमवार शाम हुई सुनवाई में संजीव मुखिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष अदालत के समक्ष पेश हुए। अदालत ने जांच की वर्तमान स्थिति और उनके विरुद्ध अब तक की गई कानूनी कार्रवाई की समीक्षा की। इसके पश्चात आवश्यक जमानत बंधपत्र जमा करने की शर्त पर उन्हें CBI मामले में न्यायिक हिरासत से रिहा करने का निर्देश दिया गया।
मामले की पृष्ठभूमि
संजीव मुखिया मई 2025 से बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में थे। नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र लीक विवाद में उनका नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने उनकी भूमिका की पड़ताल आरंभ की थी। प्रारंभ में बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई ने जांच की, जिसके दौरान उनसे रिमांड पर कई दिनों तक पूछताछ हुई। पटना के शास्त्री नगर थाने में वर्ष 2024 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी। CBI ने 23 जून 2024 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली और संजीव मुखिया से भी पूछताछ की। एजेंसी ने प्रश्नपत्र लीक करने तथा उसे अभ्यर्थियों तक पहुँचाने वाले कथित नेटवर्क में उनकी संभावित भूमिका की जाँच की।
आरोपमुक्ति का आधार
जांच के दौरान संजीव मुखिया के विरुद्ध प्रश्नपत्र लीक में प्रत्यक्ष भूमिका से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य सामने नहीं आए। इसी आधार पर CBI ने उनके खिलाफ आरोपत्र की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई। विशेष अदालत ने मामले की मौजूदा स्थिति का संज्ञान लेते हुए उन्हें CBI मामले में न्यायिक हिरासत से राहत प्रदान की।
CBI की व्यापक कार्रवाई
नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में CBI ने अब तक 45 आरोपियों के विरुद्ध विशेष अदालत में आरोपत्र दाखिल किया है। जांच के दौरान प्रश्नपत्र के लीक होने से लेकर कथित तौर पर अभ्यर्थियों तक उसके पहुँचने और वितरण की पूरी श्रृंखला की पड़ताल की गई। गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद देशभर में व्यापक विवाद उठा था।
आगे की स्थिति
CBI मामले में राहत मिलने के बावजूद संजीव मुखिया आर्थिक अपराध इकाई के अलग मामले में जेल में बंद रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब नीट लीक कांड को लेकर देश में शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल अभी भी बरकरार हैं। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया EOU के मामले की सुनवाई पर निर्भर करेगी।