1 सितंबर 2026
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नीट-यूजी पेपर लीक: CBI विशेष अदालत ने संजीव मुखिया को न्यायिक हिरासत से किया मुक्त, EOU मामले में जेल बरकरार

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नीट-यूजी पेपर लीक: CBI विशेष अदालत ने संजीव मुखिया को न्यायिक हिरासत से किया मुक्त, EOU मामले में जेल बरकरार

सारांश

नीट-यूजी 2024 पेपर लीक कांड में CBI विशेष अदालत ने संजीव मुखिया को न्यायिक हिरासत से मुक्त कर दिया — पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर आरोपत्र नहीं बना। मगर EOU के अलग मामले में वह अभी भी बेऊर जेल में बंद हैं। CBI 45 अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी रखे हुए है।

मुख्य बातें

CBI विशेष अदालत, पटना ने 1 सितंबर 2026 को संजीव मुखिया को नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में न्यायिक हिरासत से मुक्त किया।
जांच में प्रत्यक्ष भूमिका के पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण CBI ने उनके खिलाफ आरोपत्र दाखिल नहीं किया।
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अलग मामले में वह बेऊर जेल में बंद रहेंगे — तत्काल पूर्ण रिहाई नहीं।
संजीव मुखिया मई 2025 से न्यायिक हिरासत में थे; CBI ने 23 जून 2024 को जांच अपने हाथ में ली थी।
CBI ने इस मामले में 45 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपत्र दाखिल किया है।

पटना की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने 1 सितंबर 2026 को नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र लीक मामले में संजीव मुखिया को न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया। हालांकि, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा दर्ज एक अलग मामले में वह फिलहाल बेऊर जेल में ही बंद रहेंगे, जिससे उनकी तत्काल पूर्ण रिहाई संभव नहीं हो सकी।

सुनवाई का घटनाक्रम

सोमवार शाम हुई सुनवाई में संजीव मुखिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष अदालत के समक्ष पेश हुए। अदालत ने जांच की वर्तमान स्थिति और उनके विरुद्ध अब तक की गई कानूनी कार्रवाई की समीक्षा की। इसके पश्चात आवश्यक जमानत बंधपत्र जमा करने की शर्त पर उन्हें CBI मामले में न्यायिक हिरासत से रिहा करने का निर्देश दिया गया।

मामले की पृष्ठभूमि

संजीव मुखिया मई 2025 से बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में थे। नीट-यूजी 2024 प्रश्नपत्र लीक विवाद में उनका नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने उनकी भूमिका की पड़ताल आरंभ की थी। प्रारंभ में बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई ने जांच की, जिसके दौरान उनसे रिमांड पर कई दिनों तक पूछताछ हुई। पटना के शास्त्री नगर थाने में वर्ष 2024 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी। CBI ने 23 जून 2024 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली और संजीव मुखिया से भी पूछताछ की। एजेंसी ने प्रश्नपत्र लीक करने तथा उसे अभ्यर्थियों तक पहुँचाने वाले कथित नेटवर्क में उनकी संभावित भूमिका की जाँच की।

आरोपमुक्ति का आधार

जांच के दौरान संजीव मुखिया के विरुद्ध प्रश्नपत्र लीक में प्रत्यक्ष भूमिका से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य सामने नहीं आए। इसी आधार पर CBI ने उनके खिलाफ आरोपत्र की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई। विशेष अदालत ने मामले की मौजूदा स्थिति का संज्ञान लेते हुए उन्हें CBI मामले में न्यायिक हिरासत से राहत प्रदान की।

CBI की व्यापक कार्रवाई

नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में CBI ने अब तक 45 आरोपियों के विरुद्ध विशेष अदालत में आरोपत्र दाखिल किया है। जांच के दौरान प्रश्नपत्र के लीक होने से लेकर कथित तौर पर अभ्यर्थियों तक उसके पहुँचने और वितरण की पूरी श्रृंखला की पड़ताल की गई। गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद देशभर में व्यापक विवाद उठा था।

आगे की स्थिति

CBI मामले में राहत मिलने के बावजूद संजीव मुखिया आर्थिक अपराध इकाई के अलग मामले में जेल में बंद रहेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब नीट लीक कांड को लेकर देश में शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल अभी भी बरकरार हैं। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया EOU के मामले की सुनवाई पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

EOU मामले का अलग बने रहना दर्शाता है कि राज्य-स्तरीय जांच अभी भी सक्रिय है। असली सवाल यह है कि 45 आरोपियों के खिलाफ दाखिल आरोपत्र में नेटवर्क की पूरी कड़ी कितनी मजबूती से सिद्ध होती है — और क्या शीर्ष कड़ियाँ कानूनी जवाबदेही के दायरे में आ पाएंगी।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजीव मुखिया को नीट पेपर लीक मामले में न्यायिक हिरासत से क्यों मुक्त किया गया?
CBI विशेष अदालत ने उन्हें इसलिए मुक्त किया क्योंकि जांच के दौरान प्रश्नपत्र लीक में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका के पर्याप्त साक्ष्य सामने नहीं आए, जिससे उनके खिलाफ आरोपत्र की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। अदालत ने मामले की मौजूदा स्थिति का संज्ञान लेते हुए जमानत बंधपत्र की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया।
क्या संजीव मुखिया अब पूरी तरह जेल से बाहर आ जाएंगे?
नहीं। CBI मामले में राहत मिलने के बावजूद वह आर्थिक अपराध इकाई (EOU) द्वारा दर्ज एक अलग मामले में बेऊर जेल में बंद रहेंगे। उनकी तत्काल पूर्ण रिहाई संभव नहीं है।
नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में CBI ने कब और कैसे जांच शुरू की?
CBI ने 23 जून 2024 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली थी। इससे पहले बिहार पुलिस और आर्थिक अपराध इकाई ने प्रारंभिक जांच की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में अब तक कितने लोगों पर आरोपत्र दाखिल हुआ है?
CBI ने इस मामले में अब तक 45 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपत्र दाखिल किया है। जांच में प्रश्नपत्र के लीक होने से लेकर अभ्यर्थियों तक उसके वितरण की पूरी श्रृंखला की पड़ताल की गई।
नीट-यूजी 2024 विवाद क्या था?
नीट-यूजी 2024 परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक और परिणाम में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद देशभर में व्यापक विरोध हुआ था। बिहार के पटना के शास्त्री नगर थाने में 2024 में प्राथमिकी दर्ज हुई और जांच के दायरे में कई लोग आए।
राष्ट्र प्रेस
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