एनएचएआई ने जयपुर हाईवे पर टोल दरें बढ़ाईं, जयपुर-दिल्ली एकतरफा सफर ₹395 का
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने 21 जुलाई 2026 की आधी रात से जयपुर से गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल दरों में संशोधन लागू कर दिया है। वाहन श्रेणी के अनुसार ₹5 से ₹30 तक की यह बढ़ोतरी तीन प्रमुख टोल प्लाजा पर प्रभावी हुई है, जिससे जयपुर-दिल्ली (एनएच-48) मार्ग पर निजी वाहन चालकों का एकतरफा टोल खर्च ₹375 से बढ़कर ₹395 हो गया है।
किन टोल प्लाजा पर लागू हुई नई दरें
संशोधित दरें तीन टोल प्लाजा पर लागू की गई हैं — जयपुर-दिल्ली (पुराना एनएच-48) मार्ग पर मनोहरपुर टोल प्लाजा, अजमेर-आगरा रिंग रोड पर सीतारामपुरा टोल प्लाजा, और जयपुर-सीकर बाईपास पर टटियावास टोल प्लाजा।
गौरतलब है कि टटियावास और सीतारामपुरा टोल प्लाजा पर संशोधित दरें केवल व्यावसायिक वाहनों — ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों — पर लागू होंगी। इन दोनों प्लाजा पर निजी वाहनों के टोल शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मनोहरपुर और शाहजहांपुर पर कितना बढ़ा शुल्क
मनोहरपुर टोल प्लाजा पर कार, जीप और वैन के लिए टोल में ₹5 की बढ़ोतरी की गई है, जबकि हल्के व्यावसायिक वाहनों से लेकर भारी व्यावसायिक वाहनों तक के लिए यह वृद्धि ₹5 से ₹30 के बीच है।
जयपुर-दिल्ली मार्ग के दूसरे प्रमुख पड़ाव शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर कार, जीप और वैन का शुल्क ₹195 से बढ़ाकर ₹215 कर दिया गया है — यानी ₹20 की अतिरिक्त देनदारी। दोनों प्लाजा को मिलाकर निजी वाहन चालकों को एकतरफा यात्रा में ₹25 अतिरिक्त चुकाने होंगे।
आम यात्रियों और कारोबार पर असर
कुल मिलाकर जयपुर से गुजरने वाले प्रमुख टोल प्लाजा पर कार, जीप, टैक्सी, मिनी बस, बस और व्यावसायिक वाहनों का टोल शुल्क 8 से 12 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इस बढ़ोतरी का असर रोज़ाना यात्रा करने वाले लोगों, व्यावसायिक यात्रियों, पर्यटकों और खाटू श्यामजी जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने वाले परिवारों पर पड़ने की संभावना है।
यह ऐसे समय में आया है जब महंगाई का बोझ पहले से ही मध्यम वर्ग पर भारी है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि टोल शुल्क में इस वृद्धि से आने वाले हफ्तों में जयपुर-दिल्ली मार्ग पर माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स लागत और अंतरराज्यीय बसों के किराये में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
व्यावसायिक वाहन संचालकों की चिंता
ट्रक, बस और अन्य भारी वाहन संचालकों पर इस बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि तीनों टोल प्लाजा पर व्यावसायिक श्रेणी में अधिकतम ₹30 तक की वृद्धि की गई है। परिवहन खर्च बढ़ने से अंततः उपभोक्ताओं तक पहुँचने वाले सामान की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं। एनएचएआई की ओर से अभी तक इस संशोधन के पीछे के कारणों पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।