एनआईए की छापेमारी: जाली नोट मामले में बिहार, झारखंड, बंगाल में 8 ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को जाली भारतीय करेंसी नोट (एफआईसीएन) तस्करी मामले में बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक साथ 8 ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र से ₹2,48,500 मूल्य के जाली नोट बरामद होने से जुड़े मामले में की गई है।
मूल मामला और पृष्ठभूमि
एनआईए के आधिकारिक बयान के अनुसार, मदनपुर थाने में 15 अगस्त 2026 को प्रारंभिक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में सुरेंद्र कुमार, विजय यादव, रंजन और प्रदीप साव उर्फ प्रदीप कुमार साव — कुल 4 आरोपियों के नाम दर्ज किए गए। गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने 18 अक्टूबर 2026 को इस मामले को पुनः दर्ज कर जाँच अपने हाथ में ले ली। गौरतलब है कि एफआईसीएन के मामले स्वभावतः बहु-राज्यीय नेटवर्क से जुड़े होते हैं, इसीलिए केंद्रीय एजेंसी को जाँच सौंपी जाती है।
छापेमारी में क्या मिला
एनआईए की टीमों ने छापेमारी के दौरान डिजिटल डिवाइस, आपत्तिजनक दस्तावेज और बांग्लादेशी मुद्रा सहित कई अन्य सामग्री जब्त की। बांग्लादेशी मुद्रा की बरामदगी यह संकेत देती है कि अधिकारी इस नेटवर्क के सीमापार आयाम की भी जाँच कर रहे हैं, हालाँकि एनआईए ने इस पहलू पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
झारखंड में हजारीबाग की कार्रवाई
झारखंड के हजारीबाग में एनआईए की टीम ने बुधवार तड़के करीब सुबह 4 बजे शहर के बाबा पथ स्थित सुभाष बारला गली में दो ट्रांसपोर्टरों — उदय साव और प्रदीप कुमार साहू — के आवासों पर दस्तक दी। प्रदीप कुमार साहू और उनकी पत्नी के अनुसार, अधिकारियों ने घर के ऊपरी और निचले हिस्से सहित हर कमरे की बारीकी से तलाशी ली। करीब सात घंटे तक चली इस तलाशी के बाद टीम कुछ मोबाइल फोन और एक प्रिंटर या स्कैनर जैसी मशीन अपने साथ ले गई।
हालाँकि, एनआईए ने हजारीबाग कार्रवाई के कारणों और जब्त सामग्री के विवरण के बारे में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
जाँच का दायरा और आगे की दिशा
एनआईए के बयान के मुताबिक अब तक की जाँच में सामने आया है कि आरोपी जाली भारतीय नोटों की सक्रिय तस्करी में शामिल थे। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ भारत-बांग्लादेश सीमा पर एफआईसीएन के प्रवाह पर नज़र रख रही हैं। एनआईए ने पुष्टि की है कि मामले में आगे की जाँच जारी है।