निशा भगत मामला: कांग्रेस महासचिव शाहदेव ने माँगी निष्पक्ष जाँच, BJP पर राजनीति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस महासचिव एवं मीडिया संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने निशा भगत की आत्महत्या के मामले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए रांची में निष्पक्ष जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा कि यह जानना ज़रूरी है कि निशा भगत पर किसका दबाव था, जिसने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया। साथ ही शाहदेव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर इस दुखद घटना का भी राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
शाहदेव ने कहा, 'सबसे पहले तो यह बहुत ही दुखद घटना है। हम लोगों का भी उनसे राजनीतिक संपर्क रहा है। 2024 के विधानसभा चुनाव में, जब तक वह कांग्रेस में थीं, तब तक मिलना-जुलना होता था। मैंने उन्हें एक आक्रामक, संघर्षशील और युवा नेतृत्व के अच्छे उदाहरण के रूप में देखा था।' उन्होंने यह भी कहा कि एक महिला होते हुए भी निशा भगत ने मज़बूत नेतृत्व का परिचय दिया था।
शाहदेव के अनुसार, निशा भगत के फेसबुक लाइव वीडियो में वह कई महत्वपूर्ण बातें कह रही थीं। उन्होंने कहा कि इतनी संघर्षशील और मज़बूत महिला का इस तरह का कदम उठाना समझ से परे है और यह जाँच का विषय है कि आखिर वह कहाँ कमज़ोर पड़ गईं।
जाँच की माँग
कांग्रेस महासचिव ने स्पष्ट किया कि निशा भगत द्वारा उठाए गए मुद्दों और उन लोगों की जाँच होनी चाहिए जिनके दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया। शाहदेव ने कहा कि किस प्रकार का दबाव था और किसके दबाव में उन्होंने यह निर्णय लिया, यह बात निष्पक्ष जाँच के बाद ही सामने आ सकती है।
इस संदर्भ में उन्होंने अजय तिर्की के बयान का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, तिर्की ने भी कहा है कि जाँच होनी चाहिए और उन्होंने स्वयं जाँच में पूरा सहयोग करने का प्रस्ताव दिया है।
BJP पर सियासी आरोप
शाहदेव ने भाजपा की भूमिका पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दुखद घटना भी BJP की राजनीति से नहीं बच पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि जहाँ भी जाँच की बात शुरू होती है, वहाँ भाजपा सीबीआई, ईडी और केंद्रीय एजेंसियों की चर्चा शुरू कर देती है।
शाहदेव के अनुसार, सरना समाज के नेतृत्व में भी कई अवसरों पर मतभेद सामने आए हैं — चाहे मंच पर हो या मंच के बाहर। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनकी वास्तविक भूमिका जाँच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
आगे क्या होगा
यह मामला झारखंड में राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गहरी हलचल पैदा कर रहा है। कांग्रेस की माँग है कि जाँच पारदर्शी और निष्पक्ष हो, जिसमें निशा भगत के फेसबुक लाइव में उठाए गए सभी मुद्दों पर गौर किया जाए। आने वाले दिनों में अन्य दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।