नीतीश कुमार के सखा केसी त्यागी ने जदयू से बढ़ाई दूरी, नए विकल्पों की तलाश
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार के राज्यसभा में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है।
- केसी त्यागी ने जदयू से दूरी बना ली है।
- 22 मार्च को समान विचारधारा वाले नेताओं के साथ बैठक का आयोजन।
- जदयू का गठन 30 अक्टूबर 2003 को हुआ था।
- केसी त्यागी की सामाजिक मुद्दों के प्रति प्रतिबद्धता अब भी मजबूत है।
पटना, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा में चुनाव जीतने के बाद अब उनका उच्च सदन में प्रवेश सुनिश्चित हो गया है। इस दौरान, उनके पूर्व सहयोगी और जदयू के वरिष्ठ नेता के सी त्यागी उनसे अलग होने की तैयारी में हैं। उन्होंने जदयू के सदस्यता अभियान का समापन होने के पश्चात अपनी सदस्यता का नवीनीकरण नहीं कराया है।
सूत्रों के अनुसार, वे अपने कुछ राजनीतिक साथियों और शुभचिंतकों के साथ 22 मार्चदिल्ली में समान विचारधारा वाले नेताओं के साथ एक बैठक आयोजित करने वाले हैं, जिसमें देश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में आगे की रणनीति तय करने के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा।
ज्ञात हो कि जदयू का गठन 30 अक्टूबर 2003 को समता पार्टी और जनता दल के विलय से हुआ था। जॉर्ज फर्नांडिस पार्टी के अध्यक्ष थे और के सी त्यागी महासचिव के रूप में उनके साथ कार्य करते थे। त्यागी ने शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ भी कई वर्षों तक काम किया है।
के सी त्यागी को जदयू के वरिष्ठ नेताओं में गिना जाता रहा है और इन्हें नीतीश कुमार के करीबी सहयोगियों में माना जाता था। हालाँकि, कहा जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से उनकी दूरी बढ़ गई है। मंगलवार को, के सी त्यागी ने इस संबंध में एक बयान जारी करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
यह ध्यान देने योग्य है कि के सी त्यागी ने लंबे समय से जदयू से दूरी बना रखी है। उनके बयानों को पार्टी में महत्व नहीं दिया जा रहा था। हालाँकि, उन्होंने अब तक आधिकारिक रूप से पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। अब के सी त्यागी ने बताया है कि उनकी जदयू की सदस्यता समाप्त हो गई है और उन्होंने इसे नवीनीकरण नहीं कराया है।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के वंचित तबकों, किसानों और कृषि से जुड़े लोगों के हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी उतनी ही मजबूत है, जितनी पहले थी।